शव लेकर भटकते रहे परिजन नहीं हुआ पोस्टमार्टम

शव लेकर भटकते रहे परिजन नहीं हुआ पोस्टमार्टम

Sanjay Kumar Tiwari | Publish: Jun, 14 2018 11:44:38 PM (IST) Narsinghpur, Madhya Pradesh, India

तेंदूखेड़ा के बरांझ खमरिया गांव में सामने आया मामला

नरसिंहपुर/तेंदूखेड़ा। जिले में मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाली एक और घटना सामने आई है। तेंदूखेड़ा के ग्राम बरांझ खमरिया में गुरूवार को आग से जलकर दम तोडऩे वाली महिला के परिजन शव लेकर यहां वहां भटकते रहे। शव का पोस्टमार्टम न तो तेंदूखेड़ा में हुआ और न ही करेली में। अंतत: महिला के परिजनों का उसका शव लेकर फिर से वापस तेंदूखेड़ा लौटना पड़ा। यहां भी उसके साथ जो हुआ वह द्रवित करने वाला है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार तेंदूखेड़ा के समीपी ग्राम खमरिया बरंाझ के हरिजन मोहल्ला में गुरूवार की सुबह 9 बजे के लगभग यहां के निवासी टावल सिंह धानक की झोपड़ी में अचानक आग लग गई, जिसमें उसकी पत्नी गनेशी बाई (35) बुरी तरह झुलस गई। उसकी घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। आग कैसे लगी यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। जब घर में आग लगी उस समय घर पर कोई नहीं था पति कोडिय़ा के आसपास काम किया करता था और परिवार के अन्य सदस्यों के बीच बाड़े में खाली पड़ी जगह पर झोपड़ी बनाकर रह रहा था। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी हुई हैं।

 

नहीं मिले डॉक्टर
बताया गया है कि पुलिस को सूचित के बाद गनेशी बाई के परिजन उसका शव लेकर तेंदूखेड़ा अस्पताल पहुंचे तो वहां सन्नाटा था। यहां एक डॉक्टर छुट्टी पर थे तो दूसरे डॉक्टर पेशी को लेकर न्यायालयीन कार्य से बाहर गये हुये थे। तेंदूखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में डॉक्टर न होने की स्थिति में उन्हें पोस्टमार्टम कराने के लिये करेली रैफर कर दिया गया। गनेशी के परिजन उसका शव लेकर करेली पहुंचे तो वहां भी हालात ऐसे ही मिले। करेली में डॉक्टर दस्तक अभियान में संलग्न होने की बात कहते हुये शव को बिना पोस्टमार्टम किये ही तेंदूखेड़ा ले जाने का फ रमान जारी कर दिया गया। पीडि़त शव को लेकर पुन: तेंदूखेड़ा पोस्टमार्टम गृह वापस आ गये। गुरूवार की शाम तक पीएम की कार्रवाई नहीं हो सकी थी। आंखों में आंसू और व्यवस्था का दर्द लिए गनेशी के परिजन देर शाम तक अस्पताल में ही बैठे रहे।

इनका कहना है
इस संबंध में हमारे पास पुख्ता जानकारी तो नहीं है, लेकिन जब तेंदूखेड़ा में पदस्थ डॉक्टर नरसिंहपुर पेशी पर गये हुये थे तो शाम को लौटते समय पीएम किया जा सकता था। करेली से भी बीएमओ का फोन हमारे पास आया था, लेकिन जब हमने डॉक्टर पटैल से संपर्क किया तो उनका फ ोन लगातार बंद बता रहा था।
डॉ. एसपी अहिरवार
विकासखंड चिकित्सा अधिकारी चांवरपाठा

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हमारा स्टाफ दस्तक अभियान में फील्ड पर था, इसके अलावा मौके पर ड्यूटी डाक्टर ने मृतिका के परिजनों को वहां से डाक्टर बुलाने के लिए कहा था, जो करेली के पीएम हाउस में पोस्टमार्टम कर सकते थे।
डा विनय ठाकुर बीएमओ करेली

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