मकर संक्रांति पर उमड़ा आस्था का सैलाब, नर्मदा घाटों पर चलता रहा स्नान दान और पूजन

विश्व के अनूठे स्नान दान और पूजन के पर्व मकर संक्रांति पर नर्मदा के सभी घाटों पर श्रद्धालुओं की आस्था उमड़ पड़ी। हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने नर्मदा के घाटों पर पहुंच कर नर्मदा जल में डुबकी लगाई, पूजन किया और खिचड़ी का दान कर बाटी भर्ता का लुत्फ उठाया।

By: ajay khare

Published: 14 Jan 2021, 08:42 PM IST

नरसिंहपुर. विश्व के अनूठे स्नान दान और पूजन के पर्व मकर संक्रांति पर नर्मदा के सभी घाटों पर श्रद्धालुओं की आस्था उमड़ पड़ी। हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने नर्मदा के घाटों पर पहुंच कर नर्मदा जल में डुबकी लगाई, पूजन किया और खिचड़ी का दान कर बाटी भर्ता का लुत्फ उठाया। स्नान को लेकर कहीं भी लोगों में कोरोना का डर नजर नहीं आया। मकर संक्रांति पर नर्मदा के बरमान सहित अन्य घाटों पर मेलों का शुभारंभ हुआ। बच्चों सहित बड़ों ने मेलों का भरपूर आनंद लिया और खिलौने व घर गृहस्थी की जरूरत की वस्तुएं खरीदीं। जिले में आयोजित किए जाने वाले सबसे बड़े बरमान मेले की रौनक इस बार कुछ कम हो गई। कोविड १९ की गाइडलाइन की वजह से दुकानों की संख्या कम रही पर मेले को लेकर लोगों का उत्साह बरकरार रहा। इस बार श्रद्धालुओं के लिए नया पुल आकर्षण का केंद्र रहा। इससे पहले हर साल यहां लोहे के बैरल का फ्लोटिंग पुल बनाया जाता था। नर्मदा के चिनकी घाट पर भी मेला लगा यहां आसपास के ग्रामीण स्नान करने पहुंचे और मेले का आनंद लिया। महादेव पिपरिया में भी स्नान करने वालों की भारी भीड़ रही।

गोटेगांव. झांसीघाट में इस बार ग्राम पंचायत ने मेला नहीं भरवाया मगर स्नान करने वाले हजारों भक्तों को कोई रोक नहीं पाया । पक्के घाट पर स्नान करने वालों का जमावड़ा था। भारी तादाद में पहुंचे लोग झांसीघाट में खारी घाट से लेकर उस इलाके में स्नान करने के पहुंच गए जहां पर मेला भरता था। मुआरघाट में भी बड़ी तादाद में डुबकी लगाने वाले पहुंचे। यहां पर मेला नहीं भरता मगर स्नान करने वालों की तादाद सबसे अधिक रहती है। गोटेगांव के नर्मदा तट सांकल में परंपरागत मेला लगाया गया। यहां पर स्नान करने और खरीददारी करने वालों की बड़ी संख्या में मौजूदगी रही। इस बार बाइक और टे्रक्टर ट्राली से भारी तादाद में गांव गांव से लोग नर्मदा स्नान के लिए आए। वाहनों को व्यवस्थित कराने के लिए पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। ज्योतिष एवंं द्वारका शारदापीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती गुरु गुफा स्थल सांकल घाट पहुंचे और यहां पर नर्मदा नदी में डुबकी लगाई। उनके साथ शिष्य मंडल के सदस्य गण भी मौजूद रहे।
गाडरवारा. हर साल की तरह यहां के ककराघाट में बड़ी संख्या में लोग मकर संक्रांति पर्व का स्नान करने पहुंचे।
लोगों ने नर्मदा में डुबकी लगाकर स्नान ध्यान किया और फिर खिचड़ी का दान कर सह भोज का भी आनंद लिया।

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प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं की अनुमानित उपस्थिति
बरमान -२० हजार
झांसीघाट-१० हजार
मुआरघाट-८ हजार
सांकलघाट-१२ हजार
चिनकी उमरिया-११ हजार

ajay khare
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