सिर्फ ६ किसानों को एसएमएस से हो रही थी समस्या अब बुला रहे २० किसानों को

कोरोना वायरस की वजह से चल रहे लॉक डाउन में समर्थन मूल्य पर गेहूं, चना और मसूर की खरीदी में शासन द्वारा प्रत्येक खरीद कें्रद पर प्रत्येक दिन केवल ६ एसएमएस भेजने की शासन की व्यवस्था अव्यवहारिक और किसानों के लिए परेशानी भरी साबित हो रही थी जिसके बाद अब २० किसानों को बुलाने की व्यवस्था लागू की गई है।

By: ajay khare

Published: 18 Apr 2020, 08:19 PM IST

नरसिंहपुर. कोरोना वायरस की वजह से चल रहे लॉक डाउन में समर्थन मूल्य पर गेहूं, चना और मसूर की खरीदी में शासन द्वारा प्रत्येक खरीद कें्रद पर प्रत्येक दिन केवल ६ एसएमएस भेजने की शासन की व्यवस्था अव्यवहारिक और किसानों के लिए परेशानी भरी साबित हो रही थी जिसके बाद अब २० किसानों को बुलाने की व्यवस्था लागू की गई है। गौरतलब है कि कई केंद्रों पर किसानों के न पहुंचने पर केंद्र खाली पड़ा रहता है पर एसएमएस भेजने वाली संस्था और खरीद केंद्र के बीच समन्वय न होने से दूसरे किसान को अपना गेहूं बेचने का मौका नहीं मिल पाता। जिससे एक ओर कछवा गति से खरीद चल रही है तो दूसरी ओर हजारों किसान अपनी बारी आने के इंतजार में परेशान हो रहे हैं। गौरतलब है कि जिले में ८६ खरीदी केंद्र बनाए गए हैं। जिले में गेहंू, चना और मसूर के लिए कुल ४२ हजार से ज्यादा किसानों ने पंजीयन कराए हैं जिनमें से ३७६०० के पंजीयन गेहूं के हैं।
खरीदी केंद्र पर नहीं पहुंच पा रहे सभी किसान
गाडरवारा/ कामती. गेहूं खरीदी केंद्र स्वामी वेयर हाउस कामती पर 15 अप्रेल को दो ट्राली, 16 अप्रेल में एक ट्राली एवं 17अप्रेल को तीन ट्राली गेंहू की आवक हुई। बताया गया कि जिन किसानों को एसएमएस किए गए थे उनमें से सभी गेहूं बेचने नहीं पहुंचे। यहां के किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि किसी भी गेंहू खरीदी केंद्र पर कम किसानों के आने पर केंद्र के आसपास के किसानों को बुलाने की व्यवस्
था की जाए ताकि केंद्र खाली न रहे और निर्धारित व्यवस्था के तहत खरीद हो सके । अभी तीन चार दिनों से गेहूं खरीद चालू है और प्रति दिन छह किसानों को मैसेज भेजे जाते रहे हंै। लेकिन किन्ही कारणों से सभी छह किसान खरीदी केंद्र नहीं आ रहे। सभी पंजीकृत किसानों की सूची प्रशासन के पास है, इनमें से उनके स्थान पर दूसरे किसानों को बुलाया जा सकता है।

पोर्टल न खुलने से नहीं हो रही चना मसूर की खरीद
तेंदूखेड़ा. 15 अप्रैल से खरीदी केन्द्रों पर गेहूं चना मसूर की खरीदी होनी थी लेकिन चना मसूर का पोर्टल न खुल पाने के कारण चना मसूर की खरीदी प्रारंभ नहीं हो सकी है। क्षेत्र में इस वर्ष चना मसूर की सर्वाधिक उपज पैदावार हुई है। जबकि इसी उपज के कम केन्द्र बनाये गये हैं। गेहूं के पर्याप्त केन्द्र बने हुए हंै। जानकारी के अनुसार अभी तक तेंदूखेड़ा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विभिन्न केन्द्रों पर गेहूं की काफ ी कम संख्या में गेहूं खरीद हो पाई है। प्रति हेक्टेयर के हिसाब से चना 19 क्विंटल, मसूर 11 क्ंिवटल तथा गेहूं 45 क्ंिवटल खरीदा जाना है। पहले ही दिन कृषि उपज मंडी में बने केन्द्र में अपनी उपज लेकर पहुंचे बाबूलाल काछी जामनपानी ने बताया कि उनके द्वारा गेंहू की फ सल 2 एकड़ में लगाई गई थी जबकि पटवारी के द्वारा घर बैठे चना की फ सल रिकार्ड में चढ़ा दी गई है। जब गेहूं बेचने केन्द्र पर पहुंचे तो उससे मात्र 2 क्ंिवटल 64 किलो गेहूंू खरीदे जाने की बात कही गई। इस तरह की अनेक विसंगतियंा सामने आने लगी हंै। तेंदूखेड़ा कृषि उपज मंडी में पिछले वर्षों राहर और चना उपज को लेकर एक घोटाला सामने आया था जिसकी काफ ी लम्बे समय तक जांच चली थी ।

ajay khare Bureau Incharge
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