कोरोना संक्रमितो की तादाद लगातार बढ़ने से दहशत में लोग

-दो महीने से लगातार हो रही है वृद्धि

By: Ajay Chaturvedi

Published: 27 Jul 2020, 04:11 PM IST

नरसिंहपुर. तमाम प्रयासों के बावजूद कोरोना संक्रमण रुकने का नाम ही नही ले रहा। कोई ऐसा दिन नहीं जब कोरोना संक्रमितों संख्या में कमी हो। इससे लोगों में भय व्याप्त है। लोग दहशत में जी रहे हैं। हालांकि कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनकी सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा। वो मजे में घूम रहे हैं। गलचौर करने में मशगूल हो जा रहे कहीं भी। ऐसे ही लोगो के चलते कोरोना संक्रमण को फैलाव मिल रहा है। अब जिले में कुल कोरोना संक्रमितों की संख्या 145 तक पहुंच गई है। इसमें एक्टिव केस 86 हैं।

रविवार को आईसीएमआर से आई 147 सैंपल की रिपोर्ट में 8 लोग संक्रमित पाए गए हैं। इनमें से 6 मरीज जिला मुख्यालय के विपतपुरा में पूर्व संक्रमित व्यक्ति के परिवार से हैं। जबकि खैरीनाका में संक्रमित मिली महिला मूलतः रतलाम निवासी है, लेकिन अपने ससुराल नरसिंहपुर में कुछ दिन पहले आने के कारण ये भी जिले के संक्रमितों में शामिल हो गईं हैं। एक अन्य मरीज बंधी गांव का है, जिसे खापा कोविड केयर सेंटर में भर्ती कराया गया है।

खैरीनाका क्षेत्र में कोरोना पॉजिटिव मिलीं महिला दरअसल मूलतः रतलाम जिले की रहने वाली हैं। वहीं सिविल कोर्ट में कार्यरत बताई जा रहीं हैं। इन्होंने 18 जुलाई तक वहां पर काम भी किया था, लेकिन बुखार आ जाने के कारण इनके पति इन्हें लेकर कुछ दिन पहले ही नरसिंहपुर आए थे। स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण परिजन ने जागरूकता दिखाते हुए कोविड 19 की सैंपलिंग कराई थी। इसमें ये कोरोना पॉजिटिव घोषित हुई हैं। जिला स्वास्थ्य महकमा इनके प्रथम संपर्क में आने वाले सभी लोगों के कोविड-19 के सैंपल लेने की तैयारी कर रहा है। मरीज से जुड़े सभी संबंधितों को क्वारंटीन कर दिया गया है। इनके निवास स्थल से व्यवहारिक दूरी के आधार पर कंटेनमेंट एरिया बनाए जाने की तैयारी की जा रही है।

खैरीनाका वाले संक्रमित मरीज के प्रथम संपर्क में कार चालक का नाम रविवार को जैसे ही जिला प्रशासन के अधिकारियों को पता चला तो उन्होंने इसकी तलाश शुरू की। नाम, पता मिलते ही अपर जिला दंडाधिकारी मनोज कुमार ठाकुर ने इसे प्राथमिकता से खोजवाया तो ये ड्राइवर नशे में धुत मिला। अधिकारियों ने इसे फटकारते हुए तत्काल उसे घर में क्वारंटाइन कराया।

इसी तरह रविवार को आई रिपोर्ट में विपतपुरा क्षेत्र के नौरिया परिवार के छह सदस्य कोरोना संक्रमित मिले हैं। ये सभी लोग पूर्व में संक्रमित पाए गए मरीज के प्रथम कांटेक्ट में शामिल थे। नए मरीजों के मिलने के बाद स्वास्थ्य अमला अब इनके प्रथम संपर्क वाले लोगों की तलाश में जुट गया है।

शास्त्री वार्ड में संक्रमित मिले अधिवक्ता को सांस में दिक्कत होने के कारण रविवार दोपहर जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि मरीज को जिला अस्पताल के कोविड केयर सेंटर में जब तक ऑक्सीजन दी जा रही थी, तब तक वे ठीक थे, लेकिन इसके बाद उन्हें पुनः सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। चिकित्सकों के अनुसार उनकी अन्य बीमारियों को देखकर ही उन्हें जबलपुर रेफर करने का निर्णय लिया गया है।

करकबेल के जैन परिवार में जिस तरह से एक के बाद एक नए मरीज सामने आए उसने जिला प्रशासन की परेशानियां बढ़ाकर रख दी हैं। अधिकारियों की मानें तो गाडरवारा के बाद करकबेल ऐसा क्षेत्र है जहां पर मेलमिलाप के कारण स्वास्थ्य अमले को न सिर्फ मशक्कत करना पड़ रहा है, बल्कि सैंपलिंग से लेकर क्षेत्र को सैनिटाइजर करने आदि पर बड़ा खर्चा हो रहा है। मरीज जिस तेजी से बढ़ रहे हैं, उससे कोविड केयर में इनका इलाज प्रशासन के खजाने पर बोझ बढ़ाने वाला साबित हो रहा है। इसे देखते हुए अब जिला प्रशासन एक ऐसी योजना पर विचार-विमर्श कर रहा है, जिसमें बढ़ते खर्चे को नियंत्रित किया जा सके। अपर दंडाधिकारी मनोज कुमार ठाकुर ने बताया कि ऐसे लोग जो सक्षम हैं और खुद का खर्चा उठा सकते हैं, वे यदि संक्रमित निकलते हैं तो उन्हें उनके ही खर्चे पर होटल आदि में भर्ती कराया जाएगा। वहीं पर उनका इलाज होगा। हालांकि यह योजना अभी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा के स्तर पर है, इसका निर्णय आगामी दिनों में होगा।

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