पुनर्वास केंद्र में बच्चों का मन रमाने के लिए बनाया प्लेजोन

सोशल वैल्यू-इस केंद्र में एक नया प्रयोग किया गया है। बच्चों का मन लगा रहे इसके लिए केंद्र के परिसर में ही एक प्लेजोन बनाया गया है जहां बच्चों को खेल खेल में सीखने की व्यवस्था की गई है वहीं माताएं रुकी रहें इसके लिए उन्हें अपने अन्य बच्चों को भी केंद्र में अपने साथ रखने की छूट दी गई है।

By: ajay khare

Published: 26 Feb 2021, 10:55 PM IST

नरसिंहपुर. कोरोना का खतरा कम होने के बाद अब जिला अस्पताल में संचालित पोषण पुनर्वास केंद्र में एक बार फिर कुपोषित बच्चों की संख्या बढऩे लगी है।पर यहां सबसे बड़ी समस्या बच्चों और उनकी माताओं को 14 दिन तक रोक कर रखने की होती है। जिसके लिए इस केंद्र में एक नया प्रयोग किया गया है। बच्चों का मन लगा रहे इसके लिए केंद्र के परिसर में ही एक प्लेजोन बनाया गया है जहां बच्चों को खेल खेल में सीखने की व्यवस्था की गई है वहीं माताएं रुकी रहें इसके लिए उन्हें अपने अन्य बच्चों को भी केंद्र में अपने साथ रखने की छूट दी गई है।
केंद्र में ज्यादातर ऐसी माताएं आती हैं जो गरीब वर्ग ही होती हैं और जिनके बच्चे अति कुपोषित होते हैं। ज्यादातर ऐसी महिलाएं कामकाजी होती हैं। इसके अलावा उनके दूसरे छोटे बच्चे भी होते हैं जिन्हें वे घर पर अकेला नहीं छोड़ पातीं या दूसरे छोटे बच्चे उनके बिना नहीं रह पाते। जिसकी वजह से कई महिलाएं १४ दिन से पहले ही केंद्र छोड़कर घर लौट जाती थीं। महिलाओं की उक्त समस्या को ध्यान में रखते हुए उन्हें अन्य बच्चों को कुपोषित बच्चे के साथ ही केंद्र में रखने की सुविधा दी गई है। ताकि महिलाएं पूरे १४ दिन रुक कर अपने बच्चे को सुपोषित होने के बाद ही घर जाएं। दूसरी ओर कुपोषित बच्चों को अपने भाई बहनों का साथ मिलने की वजह से वे घर जाने की जिद नहीं करते।
बेलापुरकर वार्ड की हीरा राजभर की एक बच्ची को कुपोषित होने की वजह से यहां भर्ती किया गया था। उसकी एक और छोटी बच्ची है जिसे घर पर अकेला नहीं छोड़ सकती थी क्योंकि उसके परिजन अपने काम पर चले जाते हैं। इस स्थिति में हीरा को अपनी दूसरी बेटी को साथ में रहने की सुविधा दी गई। वह भी अपनी बहन के साथ पोषण पुनर्वास केंद्र में रह रही है।
खास बातें
पुनर्वास केंद्र में १ माह से ५ साल तक के कुपोषित बच्चे को भर्ती किया जाता है। माताओं को इस बात की जानकारी दी जाती है कि बच्चे को किस तरह का आहार देना है। घर पर पौष्टिक आहार बनाने की जानकारी दी जाती है। स्वच्छता एवं सफाई,टीकाकरण, कुपोषण के कारण एवं बचाव, ६ माह से छोटे शिशु का आहार(स्तनपान), ६ माह से २ वर्ष के बच्चों का आहार, परिवार नियोजन आदि के बारे में मार्गदर्शन दिया जाता है।

फैक्ट फाइल
एक साल में भर्ती हुए बच्चों की संख्या
अप्रेल-१२
मई-१४
जून-१३
जुलाई-२०
अगस्त-१३
सितंबर-१७
अक्टूबर-१०
नवंबर-११
दिसंबर-१७
जनवरी-२५
फरवरी-२५
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जिले में एनआरसी केंद्रों की संख्या
नरसिंहपुर-१
करेली-१
गोटेगांव-१
गाडरवारा-१
साईंखेड़ा-१
तेंदूखेड़ा-१
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वर्जन
कुपोषित बच्चे और उनके साथ आए उनके छोटे भाई बहनों का पूरे १४ दिन यहां मन लगा रहे इसके लिए केंद्र में प्लेजोन बनाया गया है। जिसमें वाल पेंटिंग आदि शामिल हैं। महिलाओं को अपने दूसरे बच्चों को साथ में रखने की छूट दी गई है।
डॉ.धीरज यादव आरएमओ
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वर्जन
केंद्र में भर्ती होने वाली महिलाओं को १२० रुपए प्रतिदिन के हिसाब से मानदेय भी दिया जाता है ताकि कामकाजी महिलाओं को होने वाले नुकसान की कुछ भरपाई हो सके। महिलाओं को पोषण आहार के बारे में जानकारी दी जाती है। सभी टीके वगैरह लगवाए जाते हैं।
मनीषा नेमा, डायटीशियन
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शिक्षक संघ की बैठक में लिए कई निर्णय,२८ तक चलेगा सदस्यता अभियान
फोटो-५
नरसिंहपुर. मध्य प्रदेश शिक्षक संघ की जिला इकाई की बैठक का आयोजन जन शिक्षा केंद्र रोंंसरा में किया गया। बैठक संभागीय सचिव आनन्द प्रकाश श्रीवास्तव के मुख्यातिथ्य तथा जिला अध्यक्ष अंंचल शर्मा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिए गए कि सभी विकास खंड इकाइयां 28 फरवरी तक वर्ष 2020 की सदस्यता बंदियां, सदस्यता प्रपत्र तथा सदस्यता शुल्क जिला इकाई के पास जमा करेंगी। सभी विकास खंड एवं तहसील इकाइयों की सम्मिलित बैठक प्रतिमाह तथा जिला इकाई की बैठक दो माह में अवश्य की जाए। ।संगठनात्मक चर्चाओं के अलावा जिला स्तर पर शिक्षकों की विभिन्न लंबित समस्याओं जैसे प्रधान पाठक एवं उच्च श्रेणी शिक्षक की द्वितीय तथा तृतीय क्रमोन्नति, एक अप्रैल की स्थिति में सभी संवर्गों के शिक्षकों की ग्रेडेशन लिस्ट का प्रकाशन, अध्यापकों की पुरानी पेंशन योजना की बहाली, लंबित अनुकंपा नियुक्ति प्रकरण आदि के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन देने व प्रांतीय इकाई को प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया। इस बार प्रांतीय लक्ष्य एक लाख से अधिक सदस्य बनाने का रखा गया है। बैठक में करेली तहसील अध्यक्ष भगवत झारिया, नरसिंहपुर तहसील अध्यक्ष प्रभाकर सिंह राजपूत, नरसिंहपुर विकासखंड अध्यक्ष अम्बरीश शर्मा, गोटेगांव उपाध्यक्ष विनोद साहु तथा अन्य पदाधिकारी शामिल हुए।
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मारपीट के अभियुक्त को कोर्ट उठने तक की सजा
नरसिंहपुर. न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कमलेश साहू ने मारपीट के प्रकरण में अभियुक्त अशोक पिता नारायण ठाकुर निवासी बरउआ नाला थाना गोटेगांव को धारा 323 भादसं के अपराध में न्यायालय उठने तक के कारावास एवं 1000 रुपए के अर्थदण्ड से दंडित किया है। जिला अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी एडीपीओ सोनाली तिवारी ने बताया कि फरियादी अरविंद के साथ 13 जनवरी २०१८ की रात करीब ८ बजे अशोक ने ग्राम श्रीनगर बस स्टेंड पर उधारी के रुपयों को लेकर व्हील पाना से मारपीट की थी। थाना गोटेगांव में प्रकरण दर्ज किया गया था।
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जीएसटी को लेकर बंद का आह्वान रहा बेअसर, खुले रहे बाजार
फोटो-६ नरसिंहपुर में खुला रहा बाजार
नरसिंहपुर. जीएसटी में बदलाव को लेकर कई संगठनों ने प्रदेश में बंद का आह्वान किया था पर इस जिले में उसका असर देखने को नहीं मिला। जिला मुख्यालय नरसिंहपुर सहित यहां की व्यावसायिक तहसीलों करेली, गाडरवारा में बाजार खुले रहे। व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान खुले रखे। जीएसटी के विरोध में किसी तरह का कोई प्रदर्शन वगैरह नहीं हुआ। गौरतलब है कि प्रदेश के कई जिलों में जीएसटी को लेकर तीव्र विरोध किया गया और व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान भी बंद रखे पर यहां बंद का आह्वान बेअसर रहा।
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रोजगार मेला में २८० ने कराया पंजीयन ५९ आवेदकों का किया चयन
फोटो-७-८
नरसिंहपुर. शासकीय पीजी महाविद्यालय नरसिंहपुर में शुक्रवार को जिले के समस्त विद्यार्थियों हेतु कॅरियर अवसर मेले का आयोजन किया गया। इस मेले में विभिन्न सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थानों, उद्यमियों के प्रतिनिधियों ने अपने स्टॉल लगाये। कॅरियर मेले में 208 विद्यार्थियों ने विभिन्न रोजगार प्राप्त करने हेतु पंजीयन कराया था। जिसमें 59 आवेदकों का प्राथमिक स्तर पर चयन किया गया। कलेक्टर के निर्देश पर आयोजित कॅरियर अवसर मेले का शुभाारम्भ महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. आरबी सिंह तथा मार्गदर्शक डॉ. आलोक तिवारी द्वारा किया गया। कलेक्टर की उपस्थिति में कॅरियर मेले का समापन किया गया। मेला के आयोजन में कॅरियर मेला संयोजक डॉ. एसके उप्रेलिया एवं सह संयोजक प्रभृति सेन वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. स्वाति चांदोरकर, डॉ. सीएस राजहंस, डॉ. राजेश ठाकुर, डॉ. शोभाराम मेहरा का योगदान रहा। कॅरियर अवसर मेले में विद्यार्थियों को विभिन्न रोजगार का लाभ लेने हेतु सेवा प्रदाता कम्पनियों के प्रतिनिधियों द्वारा प्रेरित किया। जिले के अन्य शासकीय, अशासकीय एवं अनुदान प्राप्त संस्थाओं के विद्यार्थियों ने इस कॅरियर अवसर मेले में भाग लिया।

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