गरीब हुई कृषि उपज मंडी,33  लाख से घट कर 5 लाख हुई आय

नया कृषि कानून लागू होने के बाद से कृषि उपज मंडियों की हालत आर्थिक रूप से दयनीय हो गई है। हालात यह हो गए हैं कि दिसंबर 2019 में जहां कृषि उपज मंडी नरसिंहपुर को 33 लाख रुपए शुल्क मिला था वहीं दिसंबर 2020 में मंडी को केवल 5 लाख रुपए की आय हुई।

By: ajay khare

Published: 10 Jan 2021, 09:27 PM IST

नरसिंहपुर. नया कृषि कानून लागू होने के बाद से कृषि उपज मंडियों की हालत आर्थिक रूप से दयनीय हो गई है। हालात यह हो गए हैं कि दिसंबर २०१९ में जहां कृषि उपज मंडी नरसिंहपुर को ३३ लाख रुपए शुल्क मिला था वहीं दिसंबर २०२० में मंडी को केवल ५ लाख रुपए की आय हुई। जिससे वित्तीय रूप से मंडी की सेहत काफी बिगड़ गई है। हालात यह बन गए हैं कि वेतन के लिए समस्या बनने लगी है दूसरी ओर मंडी की सुरक्षा के लिए तैनात कर्मी हटाने पड़े हैं, कम्प्यूटर ऑपरेटर भी हटा दिए गए हैं। जानकारी के अनुसार कृषि उपज मंडी के कर्मियों को नवंबर माह का वेतन मिला है पर दिसंबर माह का वेतन अभी तक नहीं मिल सका है।
दूसरी ओर मंडी के सुरक्षाकर्मी हटाने से यहां उपज बेचने के लिए आ रहे किसानों की फसलों की सुरक्षा नहीं हो पा रही है। फसलों को खा रहे हैं । मंडियों में वैसे भी किसानों की आवक काफी कम हो गई है वहीं जो किसान आ रहे हैं उनकी फसलों की उचित सुरक्षा और देखरेख न होने से आवारा मवेशी फसलों को अपना ग्रास बना रहे हैं । कृषि उपज मंडी नरसिंहपुर में अभी भी कई गांव के किसान अपनी उपज बेचने के लिए आ रहे हैं । मंडी में बोली लगने की वजह से उन्हें अपनी उपज का उचित दाम मिल जाता है । जिसकी वजह से अभी भी किसानों का आना जारी है । ज्यादातर किसान रात को ही मंडी में अपना डेरा डाल लेते हैं और कई बार सही दाम न मिलने की वजह से उस दिन अपनी फसल नहीं बेजते और अगले दिन का इंतजार करते हैं । ताकि अगले दिन लगने वाली बोली में उन्हें उचित दाम मिल सके । इस दौरान मंडी में उनकी फसल की सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं होती। आवारा मवेशी उनकी फसल में अपना मुंह मारते हैं वहीं दूसरी ओर फसलों की चोरी की घटनाएं हो जाती हंै । बताया गया है कि अब मंडी में सुरक्षा गार्ड की भी कोई व्यवस्था नहीं रही जिससे यहां असामाजिक तत्वों का भी दखल बढ़ गया है। मंडी में अपनी फसल लेकर आए धमना के किसान राघवेंद्र सिलावट की फसल को गाय अपना ग्रास बनाने लगी।
वर्जन
मंडी के सुरक्षा गार्ड हटा दिए गए हैं जिसकी वजह से अब किसानों पर यह जिम्मेदारी है कि वे अपने अनाज व अन्य वस्तुओं की सुरक्षा खुद करें। सुरक्षा गार्ड हटाने के साथ ही कम्प्यूअर ऑपरेटर भी हटा दिए गए हैं।
आरएस गुमाश्ता, सचिव कृषि उपज मंडी
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