लॉकडाउन में पूड़ी सब्जी खाकर हुए बोर, होने लगी दाल चावल और रोटी की डिमांड

लगातार 21 मार्च से पूड़ी सब्जी खाते खाते किसी का हाजमा खराब हो रहा है तो कोई इससे बोर हो गया है। लिहाजा कई जगहों पर लोग अब कच्चे भोजन यानी रोटी सब्जी और दाल चावल की डिमांड करने लगे हैं।

By: ajay khare

Published: 06 Apr 2020, 07:57 PM IST

नरसिंहपुर. लॉक डाउन के दौरान फंसे बाहरी लोगों और गरीबों के सामने भोजन का संकट आया तो समाजसेवियों और प्रशासन ने उनकी मदद की। प्रशासन यथा संभव राशन सामग्री गरीबों के घरों पर पहुंचा रहा है तो समाजसेवी अपने स्तर पर और प्रशासन के माध्यम से पूड़ी सब्जी के पैकेट, राशन भूखे प्यासे लोगों तक पहुंचा रहे हैं पर लगातार २१ मार्च से पूड़ी सब्जी खाते खाते किसी का हाजमा खराब हो रहा है तो कोई इससे बोर हो गया है। लिहाजा कई जगहों पर लोग अब कच्चे भोजन यानी रोटी सब्जी और दाल चावल की डिमांड करने लगे हैं। समाजसेवी उनकी यह मांग भी पूरी कर रहे हैं। समाजसेवी नीरज महाराज की टीम लॉक डाउन के बाद से ही भूखों को भोजन करा रहे हैं। रविवार को भोजन पाने वालों ने उनसे कहा कि पूड़ी सब्जी खाकर उकता गए हैं अब रोटी खिला दो जिस पर नीरज महाराज ने उनके लिए सोमवार को कढ़ी चावल की व्यवस्था की और बताया कि बड़ी संख्या में लोगों के लिए रोटियां बनवाना संभव नहीं है। उन्हें ऐसा भोजन कराया जाएगा जो सुपाच्य और हल्का हो। नीरज के साथ ५० लोगों की टीम नगर पालिका के साथ मिलकर काम भोजन के पैकेट तैयार कर जरूरतमंदों तक भेजने का काम कर रही है।

गाडरवारा क्षेत्र में समाजसेवी माया विश्वकर्मा अपनी टीम के साथ जरूरतमंदों तक राशन सामग्री पहुंचा रही हैं।
उनकी कोविड 19 राहत टीम के वालंटियर्स घर से सुबह 10 बजे से निकल कर रात 8 बजे तक गांव गांव जा रहे हैं। टीम द्वारा जरूरतमंदों की जानकारी जुटा कर सप्ताह भर का राशन प्रदान किया गया। सांईखेड़ा के बाद रम्पुरा में 5 परिवारों को एक हफ्ते की सामग्री वितरण की। जिसमें 80 साल की बुजुर्ग माता जिनके घर में कोई सामान लाने वाला नहीं था। इसी प्रकार से कुछ दिव्यांग जो चल नहीं सकते। थे उनको सामग्री दी गई। झिरिया माता, कराहिया, सूखा, टेकापार एवं पीपरपानी में जरूरतमंद परिवारों को राशन सामग्री प्रदान की गई।

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