शहीद बिरसा मुंडा की शौर्यगाथा पर डाला प्रकाश, लघु फिल्म का किया प्रदर्शन

शहीद बिरसा मुंडा की जयंती पर जनजातीय स्वाधीनता संग्राम सेनानियों के सम्मान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

By: ajay khare

Published: 15 Nov 2020, 08:40 PM IST

नरसिंहपुर. शहीद बिरसा मुंडा की जयंती पर जनजातीय स्वाधीनता संग्राम सेनानियों के सम्मान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कलेक्टर वेद प्रकाश ने जननायक शहीद बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर कलेक्ट्रेट परिसर में कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में शहीद बिरसा मुंडा की शौर्यगाथा के बारे में बताया गया और एक वृत्त चित्र, लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर ने कहा कि शहीद बिरसा मुंडा ने अपने समाज के परम्परागत अधिकारों और जीवन शैली में अंग्रेजों के हस्तक्षेप का विरोध किया। देश के स्वाधीनता संग्राम में उनका योगदान अविस्मरणीय और प्रेरणादायी है। व्यक्तिगत स्वतंत्रता अत्यंत महत्वपूर्ण है और लोकतंत्र एक सतत प्रक्रिया है, इस दिशा में शहीद बिरसा मुंडा के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।
डॉ. वीएन आम्रवंशी ने शहीद बिरसा मुंडा के जीवन वृतांत के बारे में बताया। डॉ. आम्रवंशी ने बताया कि शहीद बिरसा मुंडा ने अंग्रेजों का डटकर मुकाबला किया। उन्होंने कहा कि जल, जंगल, जमीन पर हमारा पुश्तैनी अधिकार है। उन्होंने हमारा देश हमारा राज का नारा दिया। डॉ. आम्रवंशी ने जिले के स्वाधीनता सेनानी डेलनशाह के योगदान का भी जिक्र किया।
डॉ. केएल साहू ने शहीद बिरसा मुंडा की जीवनी पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि शहीद बिरसा मुंडा ने अंग्रेजों के जंगल कानून का विरोध किया। उन्होंने अज्ञान के अंधकार और अन्याय का पुरजोर प्रतिकार किया।
कार्यक्रम का संचालन छात्रावास अधीक्षक श्यामलाल मेहरा और आभार प्रदर्शन गोविंद नारायण श्रीवास्तव ने किया। श्रीवास्तव ने शहीद बिरसा मुंडा की स्मृति में काव्यपाठ अभी कहां विश्राम, वतन का कर्ज चुकाना बाकी है किया। इस अवसर पर एसडीएम राधेश्याम बघेल, अधिकारी कर्मचारी और नागरिक मौजूद थे।

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