वनों की सुरक्षा करना हमारा नैतिक दायित्व

वनों की सुरक्षा करना हमारा नैतिक दायित्व
Protecting forests is our moral obligation

Amit Sharma | Updated: 23 Sep 2019, 08:09:23 PM (IST) Narsinghpur, Narsinghpur, Madhya Pradesh, India

वनों की सुरक्षा करना हमारा नैतिक दायित्व

वनों की सुरक्षा करना हमारा नैतिक दायित्व
पुलिस थाना ग्राउण्ड में पौधारोपण किया गया

तेंदूखेड़ा- प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय ने मेरा भारत हरित भारत अभियान के तहत संपूर्ण देश को हरा भरा बनाने की दिशा में पौधारोपण संकल्प शक्ति के साथ कराया जा रहा है। इसी क्रम में स्थानीय पुलिस थाना परिसर में पौधरोपण का आयोजन किया गया। जिसमें ब्रम्हाकुमारी प्रजापिता के भाई बहनों एवं पुलिस बल के सहयोग से आम,बरगद और पीपल के पौधों का रोपण किया गया। इस मौके पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए तेंदूखेड़ा सेवा केन्द्र संचालिका प्रीति दीदी ने कहा कि वन प्रकृति का श्रृंगार हुआ करते है। घटते वन हमारे जीवन के लिए खतरा है। मानव जीवन की सुख शांति और प्राण वायु के लिए वन नितांत आवश्यक है। मानव जीवन को खुशहाल रखने के लिए 33 प्रतिशत वनों का होना आवश्यक है। लेकिन घटकर यह संपदा मात्र 14 प्रतिशत ही शेष बची है। एक सर्वे के अनुसार यदि 9 प्रतिशत वन बचेंगे तो मानव जीवन को खतरा उत्पन्न हो सकता है। श्वास लेना मुश्किल हो जायेगा। वातावरण हरा भरा होने से हमारी सोच सकारात्मक बनती है। इसलिए प्रत्येक ग्राम में पौधारापेण करते हुए उनकी सुरक्षा के साथ लगातार तीन वर्षों तक पूरी देख रेख खाद पानी का ख्याल रखें। प्रभारी नगर निरीक्षक राजेंद्र बागरी ने कहा कि वनों की सुरक्षा करना भी हम सभी का नैतिक दायित्व है। इस मौके पर प्रीति दीदी द्वारा वनों की सुरक्षा संरक्षण की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम के तहत स्मृति चिन्ह और सदवाक्य कैलेन्डर एवं प्रसाद सम्मान स्वरूप भेंट किया गया।

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