मोदी का पुतला फूंका, एट्रोसिटी एक्ट वापस लेने की मांग की

मोदी का पुतला फूंका, एट्रोसिटी एक्ट वापस लेने की मांग की

Ajay Khare | Publish: Sep, 06 2018 09:08:16 PM (IST) Narsinghpur, Madhya Pradesh, India

एट्रोसिटी एक्ट के विरोध में जिले भर में बंद का आयोजन किया जगह जगह विरोध प्रदर्शन हुए

नरसिंहपुर। एट्रोसिटी एक्ट के विरोध में जिले भर में बंद का आयोजन किया जगह जगह विरोध प्रदर्शन हुए । प्रदर्शन में शामिल लोगों ने इस एक्ट को वापस लेने की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की और देश के पीएम नरेंद्र मोदी सहित भाजपा सांसदों व अन्य नेताओं के पुतले फंूके। बंद शांतिपूर्ण रहा और कहीं भी कोई अप्रिय स्थिति निर्मित नहीं हुई। शाम ४ बजे तक बाजार पूरी तरह बंद रहे, पेट्रोल पंप व शैक्षणिक संस्थान भी बंद रहे। हर जगह पुलिस चौकस रही।

जिला मुख्यालय पर दोपहर १२ बजे प्रदर्शनकारी सुभाष पार्क चौराहे पर एकत्र हुए जहां उन्होंने एट्रोसिटी एक्ट को वापस लेने की मांग करते हुए मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कहा कि इस बार चुनाव में हम भाजपा को सबक सिखाएंगे। इस दौरान देश के पीएम नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका गया। पुतला बचाने के लिए पुलिस ने प्रयास किया पर प्रदर्शनकारियों ने उसे आग के हवाले कर दिया। पुतला फूंकने के बाद प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह न केवल मोदी का पुतला था बल्कि यह इस देश के उन सभी सांसदों और विधायकों का पुतला था जो एट्रोसिटी एक्ट का समर्थन करते हैं। प्रदर्शनकारियों ने अपने शरीर पर बैनर बांध रखे थे जिनमें एट्रोसिटी एक्ट के विरोध में नारे लिखे थे। शहर में हर कहीं पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। सुभाष पार्क चौराहे पर एसडीओपी अभिमन्यु मिश्रा, कोतवाली टीआई अमित विलास दाणी सहित पुलिस बल मौजूद रहा। बंद को सर्वब्राह्मण सभा, नेमा समाज, राजपूत क्षत्रिय समाज, साहू समाज, कायस्थ समाज, सराफा एसोसिएशन, अनेक व्यापारी संगठन, जाट समाज, स्वर्णकार समाज, अल्पसंख्यक समुदाय, विश्वकर्मा समाज, अग्रसेन समाज ,सामान्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक अधिकारी कर्मचारी संस्था सपाक्स समाज, सपाक्स युवा और सपाक्स महिला इकाई सहित अन्य सामाजिक संगठनों ने अपना समर्थन दिया।
जाट समाज ने सौंपा ज्ञापन
केन्द्र सरकार द्वारा संसद में एससी एसटी एक्ट में सुप्रीम कोर्ट के संशोधन आदेश को बदलने के निर्णय का जाट समाज ने विरोध किया और भारत बंद का समर्थन करते हुये राज्यपाल एवं राष्ट्रपति के नाम अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपते समय लालसाहब जाट, कित्तू जाट, लोकेश बमरोलिया, नागेन्द्र सिंह टीटू, सुरेश आदि ने कहा कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विपरीत जाकर सामाजिक ताना बाना को नुकसान पहुंचाया है। ज्ञापन में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को यथावत रखने की मांग की गई है।
---------------------

 

करेली। केंद्र सरकार द्वारा एससीएसटी एक्ट में किए गए संशोधन के विरोध को लेकर सवर्ण, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समाजों व संगठनों द्वारा 6 सितम्बर को भारत बंद के समर्थन में करेली नगर बंद का आह्वान किया गया। जिसके परिणाम स्वरूप पूरा नगर स्वस्फू र्त चारों खूंट बंद रहा। लोगों ने अपनी दुकानें बंद रख जहां बंद का समर्थन किया वहीं सरकार के खिलाफ अपना विरोध भी दर्ज कराया।
सुबह से ही लोग सडक़ों पर उतर आए और बस्ती चौराहे से विरोध प्रदर्शन रैली प्रारंभ हुई, नारे लगाते हुए पावर हाउस, रेलवे फ ाटक, बरमान चौराहा, मुख्य मार्ग होते हुए निरंजन चौक पहुंची जहां विरोध प्रदर्शन करते हुए क्षेत्रीय संघर्ष मोर्चा द्वारा राष्ट्रपति के नाम नायब तहसीलदार करेली को ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में उल्लेखित किया कि हम सभी सवर्ण पिछड़ा वर्ग के क्षेत्रीय जन एससीएसटी एक्ट का पुरजोर विरोध करते हैं सरकार द्वारा न सिर्फ सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय की अवहेलना की गई है बल्कि एससीएसटी एक्ट का अध्यादेश लाकर हम सभी सवर्ण और पिछड़ा वर्ग जनों की भावनाओं को आहत किया गया है। ऐसे काले कानून का हम सब घोर विरोध करते हुए घोर निंदा करते हैं। सरकार से इस ज्ञापन के माध्यम से अनुरोध करते हैं कि अतिशीघ्र इस एससीएसटी एक्ट को वापस लिया जाए। ज्ञापन की प्रतिलिपि सर्वोच्च न्यायालय एवं प्रधानमंत्री भारत सरकार को भी प्रेषित की गई हैं। क्षेत्रीय संघर्ष मोर्चा के संपूर्ण विरोध प्रदर्शन के दौरान जहां पूरा विरोध शांतिपूर्ण रहा और लोगों ने भरपूर सहयोग किया। वहीं धारा 144 के चलते पूरा शहर छावनी में तब्दील रहा और पुलिस व्यवस्था चाक चौबंद रही।

तेंदूखेड़ा में रैली निकालकर सौंपा ज्ञापन
फोटो-१०२
तेंदूखेड़ा । एट्रोसिटी एक्ट के विरोध तेंदूखेड़ा भी चौतरफ ा बंद रहा। सभी वर्गों के लोगों ने शांति पूर्वक दोपहर 12 बजे तक अपने अपने दुकान प्रतिष्ठान पूर्ण बंद रखे सुबह से ही भारी बारिश के बीच भी लोगों का उत्साह चरम पर था पुराने बस स्टैंड पर लोग जमा हुए जहां से एक रैली तहसील कार्यालय तक निकाली गई। वहां उपस्थित एसडीएम , एसडीओपी को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इस मौके पर पुलिस बल भी बड़ी संख्या में सुरक्षा की दृष्टि से तैनात रहा। इस दौरान प्राइवेट और सरकारी स्कूल भी बंद रहे।

 

MP/CG लाइव टीवी

Ad Block is Banned