समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार, बाजरा की खरीद-बिक्री को रजिस्ट्रेश की गति धीमी

-जिले में एक पखवारे से शुरू है रजिस्ट्रेशन

By: Ajay Chaturvedi

Published: 04 Oct 2021, 02:09 PM IST

नरसिंहपुर. जिले में धान-ज्वार, बाजरा की खरीद के लिए किसानों का पंजीकरण करीब एक पखवारा पहले शुरू हो चुका है। रजिस्ट्रेशन के लिए 69 सेंटर बनाए गए हैं लेकिन रजिस्ट्रेशन की गति बहुत धीमी है।

आलम यह है कि जिले के तेंदूखेड़ा, करेली और नरसिंहपुर तहसील में रजिस्ट्रेशन की स्थिति बेहद दयनीय है। हालांकि गाडरवारा और गोटेगांव तहसील की स्थित अन्य तहसीलों से कुछ बेहतर बताई जा रही है। इसके पीछे एक बड़ा कारण ये भी बताया जा रहा है कि जिले में कपास की खेती का न के बराबर ही होती है। ऐसे में रजिस्ट्रेशन भी न के बराबर है। क्षेत्रीय किसानों का रुझान गन्ना, दलहन आदि फसलों की ओर ज्यादा रहता है।

जानकारी के अनुसार पिछले एक पखवारे में गाडरवारा तहसील में 6355 किसानों ने पंजीकरण कराया है। इसके अलावा सांईखेड़ा में 2513, गोटेगांव में 1653, नरसिंहपुर में 528 पंजीयन, करेली में 339 किसानों ने पंजीकरण कराया है जबकि तेंदूखेड़ा तहसील में सबसे कम 117 पंजीकरण हुए है। जिला आपूर्ति अधिकारी के अनुसार अधिकांश किसानों का धान-ज्वार का रकबा एक ही है, जिसके चलते पंजीकृत किसानो के सिचिंत-असिचिंत रकबे को भी दर्ज किया जा रहा है।

ये हैं खरीद केंद्र
नरसिंहपुर तहसील में वृहत्ताकार सेवा सहकारी संस्था नरसिंहपुर, लोकीपार एवं डांगीढाना, सेवा सहकारी संस्था सिंहपुर, धमना, मुंगवानी-पाठापिपरिया एवं बचई-करहैया और प्राथमिक सहकारी समिति गोरखपुर और नयागांव के समिति परिसर व ग्राम रोंसरा।

करेली तहसील में संस्था करताज एवं सुआतला, वृहत्ताकार करेली एवं आमगांवबड़ा, कोदसा, रामपिपरिया, केरपानी-सरसला व हिरनपुर-बरमान और सहकारी विपणन संस्था करेली समिति परिसर।

गोटेगांव तहसील में सेवा सहकारी संस्था वेदू, सूरवारी, सिमरिया, सिमरीबड़ी, उमरिया, लाठगांव एवं जमुनिया, वृहत्ताकार गोटेगांव व करकबेल, श्रीनगर, इमलिया-कामती एवं मेख परिसर।

तेंदूखेड़ा तहसील में वृहत्ताकार चांवरपाठा, तेंदूखेड़ा एवं डोभी और बिलगुवां, रमपुरा, काचरकोना एवं बिलहेरा का परिसर।

गाडरवारा तहसील में सहकारी विपणन संस्था गाडरवारा, सिहोरा, आड़ेगांव, खुरसीपार, सीरेगांव, चीचली, बनवारी, तूमड़ा, रमपुरा, सासबहू, पचामा, मारेगांव, खैरूआ, अमाड़ा, कौंड़िया, सहावन, बाबईकलां, इमलिया-पिपरिया, डुंगरिया, कामती, नांदनेर एवं महगुवां खुर्द, गोटीटोरिया, करपगांव, पलोहाबड़ा व गाडरवारा, रहमा, बोहानी, चिर्रिया तथा इमझिरी और विपणन चीचली परिसर।

जिला आपूर्ति अधिकारी राजीव शर्मा का कहना है कि, पंजीकरणकार्य सभी 69 केंद्रो पर चल रहा है। पंजीकरण में किसानों को किसी तरह से परेशानी न हो इसके मद्देनजर कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं। पंजीकृत किसानों से रकबा की जानकारी भी ली जा रही है। अभी तक धान-ज्वार के ही पंजीयन हुए है, बाजरा में पंजीकरण नहीं हुआ है।

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