30 जून तक करा सकेंगे पुरानी गाइडलाइन पर रजिस्ट्री, कारोना संकट के बाद भी 65.84 करोड़ की आय

कोरोना संकट के कारण इस साल नए वित्तीय वर्ष में स्टाम्प एवं पंजीयन विभाग की बोनी खराब हो गई।

By: ajay khare

Published: 28 May 2021, 11:23 PM IST

Narsinghpur. कोरोना संकट के कारण इस साल नए वित्तीय वर्ष में स्टाम्प एवं पंजीयन विभाग की बोनी खराब हो गई। नया वित्तीय वर्ष कोरोना संकट की दूसरी लहर में शुरू हुआ। जिसकी वजह से कार्यालय बंद हो गया औश्र जमीनों की रजिस्ट्री कराने के लिए लोग घरों से नहीं निकले। 18 मई से शासन ने कार्यालय खोले पर गिनती के लोग ही पंजीयन कराने के लिए आये। गौरतलब है कि पिछले साल भी कोरोना की पहली लहर थी पर हालात संभल जाने से विभाग ने लक्ष्य से ११ करोड़ ८४ लाख रुपए ज्यादा की आय अर्जित की थी। पंजीयन कराने वाले दस्तावेजों की संख्या भी बढ़ी थी। भविष्य को देखते हुए लोगों ने अपनी जमीन जायजाद अपने वारिसों के नाम समय रहते करने पर जोर दिया था जिसकी वजह से सत्र २०२०-२१ में न केवल पंजीयन विभाग की आय बढ़ी बल्कि लोगों की संपत्तियां भी सुरक्षित हो सकीं।
गौरतलब है कि जिले में कोराना कफ्र्यू लागू होने के बाद रजिस्ट्रियां बंद हो गई थीं पर बीती १८ मई से कोविड गाइडलाइन के अनुसार रजिस्ट्रयां कराने की अनुमति दी गई। कोरोना की वजह से लोग घरों से बाहर नहीं निकले जिसकी वजह से इन दिनों रजिस्ट्रियों की संख्या में काफी कमी दर्ज की गई। केवल नरङ्क्षसहपुर शहर और शहर से लगे गांवों के लोग रजिस्ट्री कराने के लिए आए जिनकी संख्या ८ से १० तक रही। कोरोना काल में करीब डेढ़ माह कार्यालय बंद रहने के बावजूद पंजीयन विभाग की आर्थिक सेहत पर काफी फर्क नहीं पड़ा है। विभाग पिछले वित्तीय वर्ष में हुई आय के भरोसे आर्थिक रूप से मजबूत स्थिति में है। जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष २०१९-२० में विभाग को ६२ करोड़ का लक्ष्य दिया गया था जिसके विरुद्ध विभाग को ४९.१५ करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ था। वित्तीय वर्ष २०२०-२१ हेतु ५४ करोड़ का लक्ष्य दिया गया था पर विभाग ने लक्ष्य से १२२ प्रतिशत ज्यादा राजस्व प्राप्त करते हुए ६५.८४ करोड़ की आय प्राप्त की जो २०१९-२० की तुलना में ३३.९६ प्रतिशत अधिक है। दस्तावेजों के पंजीयन भी पिछले साल की तुलना में कहीं ज्यादा हुए हैं। वित्तीय वर्ष २०१९-२० में ११०७७ दस्तावेजों का पंजीयन हुआ था जबकि २०२०-२१ में २२४६ दस्तावेजों का पंजीयन किया गया।
बाजार मूल्य गाइडलाइन की समय अवधि 30 जून तक बढ़ाई
राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश बाजार मूल्य मार्गदर्शक सिद्धांतों का बनाया जाना और उनका पुनरीक्षण नियम 2018 के नियम 12 में प्रदत्त शक्तियों के अंतर्गत 2020-21 की प्रभावी बाजार मूल्य गाइडलाइन की समय अवधि 30 जून तक बढ़ा दी गई है। इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं। इस आदेश से जिले भर के लोगों का फायदा मिलेगा। गौरतलब है कि जिले में कई जगहों पर नई गाइडलाइन में संपत्तियों में वृद्धि के प्रस्ताव पास किये गए हैं जिनसे कई जगहों पर जमीनों की कीमतें काफी बढ़ गई हैं पर शासन ने कोरोना संकट के कारण नई गाइडलाइन को फिलहाल ३० मई तक बढ़ाया था और अब इसे ३० जून तक बढ़ा दिया है। जिससे लोगों को काफी राहत मिली है। लोग पुरानी दरों पर अगले एक माह तक रजिस्ट्री करा सकेंगे।
वर्जन
कोरोना संकट के बावजूद पिछले साल विभाग ने लक्ष्य से १२२ प्रतिशत ज्यादा हासिल किया था। इस वर्ष दूसरी लहर के कारण डेढ़ माह कार्यालय बंद रहे। शासन ने ३० जून तक पुरानी गाइडलाइन के आधार पर रजिस्ट्री करने के आदेश दिए हैं।
यू शुक्ला, जिला पंजीयक

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