एनटीपीसी में की क्लोरीन रिसने पर बचाव की रिहर्सल

एनटीपीसी गाडरवारा की सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ के जवानों ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार एनटीपीसी के महाप्रबंधक बीबी नरारे एवम सीआईएसएफ के डिप्टी कमांडेंट नीरज कुमार की अगुआई में एनटीपीसी प्रबन्धन, एसडीआरएफ , स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस के सहयोग से एनटीपीसी में संभावित आपदा से निपटने हेतु मॉक ड्रिल की।

By: ajay khare

Published: 04 Mar 2021, 10:25 PM IST

नरसिंहपुर. एनटीपीसी गाडरवारा की सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ के जवानों ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार एनटीपीसी के महाप्रबंधक बीबी नरारे एवम सीआईएसएफ के डिप्टी कमांडेंट नीरज कुमार की अगुआई में एनटीपीसी प्रबन्धन, एसडीआरएफ , स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस के सहयोग से एनटीपीसी में संभावित आपदा से निपटने हेतु मॉक ड्रिल की। सीआईएसएफ के इंस्पेक्टर हरेंद्र ने बताया कि एनटीपीसी में काम आने वाली क्लोरीन एक ऐसी गैस है जो रिसाव होने पर आस पास के गांवों को भी प्रभावित कर सकती है। अत: ऐसी परिस्थितियों में प्रभावितों का बचाव एवं रिसाव को रोकने की ड्रिल सीआईएसएफ द्वारा एसडीआरएफ , स्थानीय प्रशासन एवं स्थानीय पुलिस के साथ की गई। एनटीपीसी के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आपदा के समय अलग अलग कार्यभार सौंपे गए एवं टीमें बनाई गर्इं। सीआईएसएफ की टीम द्वारा प्लांट के अंदर तथा स्थानीय गांव संतबरेठा में संभावित प्रभावितों का रेस्क्यू करने का मॉक अभ्यास डोंगरगांव थाना एवं एसडीआरएफ की सहायता से किया गया। करीब आधे घंटे तक प्लांट की लगभग सभी गतिविधियां बन्द रखी गयीं एवं एनटीपीसी के आस पास के सभी रास्तों को बंद कर दिया गया था। मॉक ड्रिल में अपर महाप्रबंधक प्रेमलता, एसडीओपी ओपी त्रिपाठी, एसडीएम आरएस राजपूत, सहायक कमाण्डेन्ट नरेंद्र सिंह, इंस्पेक्टर विनोद हरोडे, डोंगरगांव थाना प्रभारी प्रकाश पाठक, सीएमओ मिलिंद शाब्दे, अपर महाप्रबंधक गुलबीर चौहान एवं एसडीआरएफ की प्लाटून कमांडर समीक्षा श्रीधर की मुख्य भूमिका रही।

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