उफान पर चल रही नदियों के सीने पर बेखौफ जारी है जानलेवा सफर

उफान पर चल रही नदियों के सीने पर बेखौफ जारी है जानलेवा सफर
river crossing without life jackets

Abi Shankar Nagaich | Updated: 23 Sep 2019, 10:33:16 PM (IST) Narsinghpur, Narsinghpur, Madhya Pradesh, India

बिना सुरक्षा उपकरणों के नदियों में हो रहा खतरनाक सफर

नरसिंहपुर. जिले में इस साल बेहतर मानसून के चलते हुई भारी बारिश के चलते जिले की प्रमुख नर्मदा नदी सहित सहायक नदियों में जलस्तर इन दिनों अभी भी बढ़ा हुआ है। ऐसे में नर्मदा नदी के कई तटों सहित ग्रामीण अंचल की शक्कर नदी में क ई जगहों पर नदी में बेखौफ नौकाएं संचालित हो रही है। जिनमें सफर करने वाले लोगों के लिए जान का जोखिम बना हुआ है। इसके बावजूद इस गंभीर किस्म की लापरवाही की अनदेखी की जा रही है।
गौरतलब है जिले में कई स्थानों पर जहां नदी पार करने के लिए पुल नहीं है। वहां लोग छोटी नौकाओं के सहारे नदी पार करते हैं। जिले के प्रसिद्ध बरमान घाट में के साथ तेंदूखेड़ा क्षेत्र के बिल्थारी, हीरापुर, बारहा, झिरी घाट और नरसिंहपुर के महादेव पिपरिया, करहैया, गरारू, सांकल, बुधगांव, जमनिया आदि घाटों में लोग छोटी नौकाओं से नदी पार कर रहे हैं। लेकिन बारिश के मौसम में नौकाओं के डूबने के खतरे को ध्यान में रखते हुए इन नौकाओं में नौका संचालकों ने किसी तरह की सुरक्षा या बचाव के कोई इंतजाम नहीं किए हैं। जबकि इन नौकाओं में कम से कम ट्यूब या लाइफ जैकेट होना जरूरी है। लेकिन किसी भी नौका में यह उपकरण नजर नहीं आते।
बरमान घाट में पुल के निर्माणाधीन होने के कारण नौकाएं लोगों को इस पार से उस पार ले जाने के लिए चलाई जा रही हैं। लेकिन इनमें से एक भी नौका में ना तो लाइफ जैकेट है और ना ही उनमें ट्यूब, खास बात यह है कि इन स्थानों पर सरकार की तरफ से किसी भी तरह की बचाव नौका की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसी परिस्थितियों में यदि नदी के तेज बहाव में यदि कोई नौका डूबती है तो लोगों का डूबना और उनकी मौत तय है। यही हाल नरसिंहपुर के महादेव पिपरिया, करहैया, गरारू, सांकल, बुधगांव, जमनिया गांव की है। जहां से लोग नदी पार करने के लिए छोटी नौकाओं का सहारा लेते हैं।
उलेखनीय है बरमान घाट सहित कई जगहों पर नौका संचालन का ठेका दिया जाता है। नौका संचालन के ठेका के समय या शर्त होती है कि इन नौका में जीवन रक्षक सभी इंतजाम होने चाहिए। लेकिन ना तो नौका संचालक इस पर ध्यान देते हैं और ना ही प्रशासनिक अधिकारी इस पर ध्यान दे रहे हैं,नदियों में बढ़े पानी को ध्यान में रखते हुए इन स्थानों पर सभी नौकाओं में जीवन रक्षक उपकरणों की जरूरत महसूस की जा रही है। गौरतलब है नौका संचालन में लापरवाही और सवारियों की बेफिक्री का खामियाजा कई बार गंभीर दुर्घटना का कारण बन जाता है,गणेशोत्सव पर्व के दौरान ऐसा ही एक हादसा भोपाल में हो चुका हैं,जिसकी गूंज चहुंओर सुनी गई थी,लेकिन इस घटना के बावजूद भी जिले में इस तरह से नौका संचालन बदस्तूर जारी है।


इनका कहना है
नौकाओं के सुरक्षित संचालन को लेकर समुचित निर्देश जारी किए गए हैं। नौका घाट की नीलामी के दौरान किये जाने वाले अनुबंध में सुरक्षा उपकरणों सहित अन्य शर्तो का उल्लेख रहता है। यदि किसी घाट पर इस प्रकार की कोई अनियमितता पाई जाती है तो नौका घाट संचालक का अनुबंध निरस्त किया जा सकता है और कार्रवाई की जा सकती है।
आरबी गुप्ता, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत चांवरपाठा

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