गोडसे के महिमामंडन की प्रवृत्ति ठीक नहीं - शंकराचार्य

बगासपुर धर्मसभा में बोले शंकराचार्य स्वरुपानंद सरस्वती

 

गोटेगांव . शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने बगासपुर में आयोजित धर्म सभा में रविवार को कहा कि गोडसे का महिमामंडन करने की प्रवत्ति ठीक नहीं है। हिन्दुओं की पहचान शंकराचार्य से थी जिन्होंने समाज के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया।

उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री जब विदेश जाते हैं तो कहते हैं मैं बुद्ध के देश से आया हूँ। राम और कृष्ण न होते तो आज न्याय दुर्लभ होता और अपने अधिकारों के लिए लडऩे का कोई प्रश्न ही न होता। लोग अहिंसा परमो धर्म: कहकर बैठे रहते और देश में विदेशियों का राज हो जाता।

शंकराचार्य ने कहा कि कुछ लोगों ने अयोध्या में भगवान् श्रीराम का मन्दिर तोड़ दिया। उसी के साथ शिव पंचायतन, सीता रसोई, बराह भगवान् की मूर्ति और रामचबूतरा तोड़ दिया। हिन्दुओं की क्षति हुई पर पूरे विश्व में माना यह गया कि वह ढाँचा मस्जिद था अन्यथा हिन्दू गुस्से में उसे कैसे तोड़ देता।

abishankar nagaich
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