कोरोना के खतरे से घिरे शिक्षक,कई शिक्षकों की मौत

पत्रिका इंडेप्थ स्टोरी-कई शिक्षक कोरोना संक्रमण की चपेट में आने पर अस्पाल में भर्ती हुए तो कुछ शिक्षकों की उपचार के दौरान मौत हो गई।

By: ajay khare

Updated: 08 Oct 2020, 09:45 PM IST

अजय खरे. नरसिंहपुर. सबसे ज्यादा कर्मचारी संख्या वाले शिक्षा विभाग के कई शिक्षकों की ड्यूटी कोविड केयर सेंटर से लेकर कंटेनमेंट जोन तक में लगाई गई है। इसके अलावा शिक्षकों को गांव गांव जाकर मोहल्ला क्लास और मेरा घर मेरा विद्यालय में भी कोरोना संक्रमण काल में पढ़ाने के लिए भेजा गया। इतना ही नहीं पुस्तक वितरण, एडमिशन के लिए बच्चों की मैपिंग का मैदानी कार्य भी उन्हें करना पड़ा। इन हालातों में कई शिक्षक कोरोना संक्रमण की चपेट में आने पर अस्पाल में भर्ती हुए तो कुछ शिक्षकों की उपचार के दौरान मौत हो गई। गौरतलब है कि शिक्षक काफी समय से शिक्षकों को कोरोना योद्धा घोषित करने की मांग करते आ रहे हैं। पर यह दर्जा न मिलने से कोरोना संक्रमण से मौत होने पर उन्हें कोई आर्थिक मदद नहीं मिल रही है।
कोरोना संक्रमण की चपेट में आए ये शिक्षक
1- एक हायर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य संक्रमित होने के बाद जबलपुर में अपना इलाज करा रहे हैं।
2-शहर के एक हायर सेकेंडरी स्कूल की एक शिक्षिका के पॉजिटिव आने की सूचना के बाद स्कूल को आनन फानन में सेनेटाइज कर एक हफ्ते के लिए बंद कर दिया गया। एवं बच्चों को आने से भी रोक दिया गया।
3-कोरोना के कारण जिला शिक्षा अधिकारी तथा उनके कार्यालय में पदस्थ एक लिपिक, एक शिक्षक तथा शिक्षक की शिक्षिका पत्नी संक्रमित हो चुके हैं।
4- रमसा में तथा डीईओ में पदस्थ एक एक लिपिक संक्रमित हैं। बिलहरा संकुल में पदस्थ एक प्राथमिक शिक्षक संक्रमित हो चुके हैं।
5-साईंखेड़ा विकासखंड में पदस्थ एक शिक्षक को होम क्वारंटीन का उल्लंघन करने के कारण निलंबित किया गया।
6- गाडरवारा निवासी आमगांव में पदस्थ एक प्राथमिक शिक्षक की कोरोना से मौत हो गई। उनकी ड्यूटी कोविड कंटेनमेंट एरिया में लगाई गई थी।
7- 24 सितंबर को आमगांव छोटा संकुल की एक माध्यमिक शिक्षिका मोहल्ला कक्षाओं के संचालन के दौरान कोरोना संक्रमित हो गईं और उनकी मौत हो गई।
8-गोटेगांव में उत्कृष्ट विद्यालय में पदस्थ एक प्रधान पाठक, हथवास में पदस्थ एक उच्च श्रेणी शिक्षक की कोरोना संक्रमित होने से मौत हो गई।
9-माध्यमिक शाला घाट पिंडरई में पदस्थ एक कर्मचारी भी अपने कत्र्तव्य का पालन करते 29 सितंबर को कोरोना से अपनी जिंदगी हार गये।
11- सिंहपुर निवासी एक शिक्षक और नगर के शिक्षा स्तंभ माने जाने वाले एक सेवानिवृत्त प्राचार्य भी 20 सितंबर को कोरोना के शिकार होने से इस संसार से विदा हो गए।
11- शहर के एक मिडिल स्कूल की माध्यमिक शिक्षक पूरे परिवार सहित पॉजिटिव हैं।
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इनका कहना है
मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के संभागीय सचिव आनन्द प्रकाश श्रीवास्तव, अध्यक्ष अंचल शर्मा का कहना है कि कोरोना संक्रमण के बावजूद शिक्षक शाला आ रहे हैं, बच्चों से सम्पर्क कर रहे हैं। स्कूल शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव रश्मि अरुण शमी ने फेसबुक मीटिंग में शिक्षकों को कोरोना योद्धा घोषित करने की घोषणा की थी परंतु आज तक आदेश जारी नहीं किए गए। दूसरी ओर ड्यूटी के दौरान कोरोना संक्रमण का शिकार होने से शिक्षकों की मौत को लेकर मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री छत्रवीरसिंह राठौर ने सीएम से चर्चा की थी। सीएम ने मध्य प्रदेश शिक्षक संघ को आश्वस्त किया है कि अनुकूल परिस्थितियों में कोविड 19 की ड्यूटी के दौरान मृत शिक्षकों को आर्थिक मदद दी जाएगी।

वर्जन
शासन के निर्देशानुसार शिक्षकों को सावधानी, सुरक्षा के साथ कार्य करना है, सभी शिक्षक कोरोना से बचाव के लिए जारी गाइडलाइन का पालन कर सोशल डिस्टेंस, मास्क, सेनेटाइजर आदि के साथ अपना दायित्व पूरा करें। यदि किसी को कोराना के लक्षण महसूस होते हैं तो तत्काल उपचार कराएं।
अरुण इंग्ले, जिला शिक्षा अधिकारी

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