टूटने की कगार पर विशालकाय वृक्ष, अंधाधुंध हो रही वृक्षों की कटाई से ग्रामीणों में आक्रोश

टूटने की कगार पर विशालकाय वृक्ष, अंधाधुंध हो रही वृक्षों की कटाई से ग्रामीणों में आक्रोश
The giant trees on the verge of breaking, the indignation of the villagers with the fall of indiscriminate trees

Amit Sharma | Publish: Jun, 25 2019 01:37:10 PM (IST) Narsinghpur, Narsinghpur, Madhya Pradesh, India

टूटने की कगार पर विशालकाय वृक्ष, अंधाधुंध हो रही वृक्षों की कटाई से ग्रामीणों में आक्रोश

टूटने की कगार पर विशालकाय वृक्ष, अंधाधुंध हो रही वृक्षों की कटाई से ग्रामीणों में आक्रोश

करेली। आमगांव करेली मार्ग पर मोहद व आमगांव के बीच अनेक वृक्ष टूटकर गिरने की कगार पर है जिसके गिरने से बड़ी दुर्घटना की संभावना बनी हुई है। आमगांव रोड पर हो रही अंधाधुंध वृक्षों की कटाई पर प्रशासन द्वारा कार्रवाई न करने को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है।
ज्ञात हो कि आमगांव मार्ग के दोनों तरफ कभी आम सहित अन्य वृक्ष कभी इतनी अधिक संख्या में हुआ करते थे कि करेली से लेकर आमगांव तक पूरी सड़क इन वृक्षों की छाया से आच्छादित रहती थी। परंतु कुछ असमाजिक तत्वों द्वारा लगातार वृक्षों की कटाई की जा रही है जिसके कारण साल दर साल आमगांव रोड के पेड़ कम होते जा रहे हैं। यहां लकड़ी माफि या पेड़ो के तने में आग लगाकर उसे कमजोर कर देते हैं एवं धीरे धीरे तने को छीलते जाते हैं जिससे कुछ दिन बाद पेड़ कमजोर होकर अपने आप ही सड़क किनारे गिर जाता है। इन पेड़ों की लकड़ी बेचकर मुनाफ ा कमाने के चक्कर में यह सिलसिला अनेक वर्षों से चल रहा है। जिसके कारण पर्यावरण को नुकसान हो रहा है एवं शासन की वृक्ष बचाओ पौधे लगाओ की नीति का भी खुला मख़ौल उड़ाया जा रहा है। इसका ताजा उदाहरण लकड़ी माफियाओं द्वारा मोहद व आमगांव के बीच करीब चार वृक्षों के तने को छीलकर इतना कमजोर कर दिया गया है कि वह किसी भी समय यहां से गुजरने वाले किसी भी वाहन पर गिर सकता है जिससे बड़ी दुर्घटना हो सकती है। इतने सघन आवाजाही वाले मार्ग पर प्रशासन द्वारा घोर लापरवाही पूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है।
उल्लेखनीय है आमगांव के ग्रामीणों ने गत वर्ष करेली तहसीलदार के नाम ज्ञापन सौंपा था। जिसमें तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की गई थी। ग्रामीणों ने बताया कि करेली तहसीलदार एवं कलेक्टर को पूर्व में वृक्षों के संरक्षण हेतु ध्यानाकर्षण करया था परंतु प्रशासन के ढुलमुल रवैये के कारण कोई इस दिशा में कोई भी असरदार कार्रवाई न होने से आमगांव के सामाजिक कार्यकर्ता गगन गुप्ता ने उच्च न्यायालय में 16सितंबर २०15 को जनहित याचिका लगायी थी जिसकी सुनवाई उपरांत उच्च न्यायालय ने तत्कालीन नरसिहपुर कलेक्टर नरेश पाल एवं पीडब्लूडी नरसिहपुर व तहसीलदार करेली को वृक्षो के संरक्षण हेतु तत्काल ठोस कदम उठा कर वृक्षों की गिनती कराकर नंबरिंग व संक्रमण के बचाव हेतु रंगरोगन,चेतावनी पटल,असामाजिक तत्वों पर कानूनी कार्रवाई एवं बरसात के मौसम में वृक्षारोपण करने आदेशित किया था। जिसके बाद पीडब्लूडी विभाग द्वारा गिनती व नंबरिंग कर खानापूर्ति तो कर दी गई लेकिन इन 4 वर्षो में एक भी पौधा रोपित नही किया गया। ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी अनुसार इस मार्ग पर सभी वृक्षों की संख्या करीब 350 बची है जो कि आज से 6.7 वर्ष पूर्व तक 500 से अधिक हुआ करती थी। इस 6 किमी के मार्ग पर आम के फ लों की नीलामी भी संबंधित पीडब्लूडी विभाग द्वारा की जाती रही है। परंतु संरक्षण की दिशा में एक रूपया खर्च नही किया गया है। इस प्रशासनिक अनदेखी से ग्रामीण आक्रोशित हैं। ग्राम के सीताराम नामदेव,दादूराम पटैल,शरद सोनी,राजेश जैन,आशीष गुप्ता,श्रीकांत कौरव,अमरीश पसारी,पिन्टू नामदेव,कमलेश साहू,गगन गुप्ता,अभिषेक गुप्ता,आशू राणा,कार्तिक शर्मा,शानू राजपूत प्रशांत नौरिया,आशीष सराठे,शिवा गुप्ता,आदर्श लोधी,प्रशांत नामदेव,विवेक दुबे सहित अन्य ग्रामीणों की मांग है की प्रशासन को आमगांव रोड पर लगे वृक्षों को काटने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए एवं नए पौधे लगाए जाएं व वृक्षों के संरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
इनका कहना है-
वृक्षों के संरक्षण के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। जो पेड़ सूख गए हैं उनकी नीलामी कराई जायेगी एवं पेड़ों को काटते पकड़े जाने पर कटाई करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हेमराज कोरी एसडीओ पीडब्ल्यूडी नरसिंहपुर

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