कलेक्टर कार्यालय के सामने से जाती है स्कूल की मुश्किल भरी डगर

कलेक्टर कार्यालय के सामने से जाती है स्कूल की मुश्किल भरी डगर
स्कूल चले हम अभियान के बीच यहां नौनिहाल कीचड़ से होकर अपने स्कूल जाने ेके लिए मजबूर हैं। यह हालात उस स्कूल के हैं जहां जिला शिक्षा अधिकारी का कार्यालय है और प्रशासन के मुखिया व आला अफसर बैठते हैं।

Ajay Khare | Updated: 11 Jul 2019, 01:29:03 PM (IST) Narsinghpur, Narsinghpur, Madhya Pradesh, India

स्कूल चले हम अभियान के बीच यहां नौनिहाल कीचड़ से होकर अपने स्कूल जाने ेके लिए मजबूर हैं। यह हालात उस स्कूल के हैं जहां जिला शिक्षा अधिकारी का कार्यालय है और प्रशासन के मुखिया व आला अफसर बैठते हैं।

नरसिंहपुर. स्कूल चले हम अभियान के बीच यहां नौनिहाल कीचड़ से होकर अपने स्कूल जाने ेके लिए मजबूर हैं। यह हालात उस स्कूल के हैं जहां जिला शिक्षा अधिकारी का कार्यालय है और प्रशासन के मुखिया व आला अफसर बैठते हैं। जिला मुख्यालय पर स्थित शासकीय बीटीआई स्कूल का रास्ता कलेक्टर कार्यालय और डीईओ कार्यालय से होकर जाता है। बीटीआई स्कूल से सटकर प्रशासन द्वारा ईवीएम गोदाम का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण कार्य के दौरान निकली काली मिट्टी स्कूल के रास्ते पर डाल दी गई है। जिस पर से भवन निर्माण में प्रयुक्त होने वाली सामग्री से भरे ट्रक व ट्रैक्टर गुजरते हैं। जिसकी वजह से रास्ते में गहरे गड्ढे बन गए हैं और मार्ग दलदल भरा हो गया है। दो दिन लगातार पानी गिरने की वजह से यह मार्ग बच्चों के लिए परेशानी भर हो गया। कुछ बच्चे कीचड़ और फिसलन के कारण गिर भी गए। बताया गया है कि स्कूल प्रबंधन ने ईवीएम गोदाम बना रहे ठेकेदार से इस बात के लिए अनुरोध किया था कि स्कूल के रास्ते पर काली मिट्टी न डालें पर उसने अनसुनी कर दी जिसका खामियाजा स्कूली बच्चे उठा रहे हैं।

बेटियां पढ़ेंगी तो समाज विकसित होगा
बेटियां पढ़ेंगी तो समाज विकसित होगा,परिवार में खुशहाली आएगी । यह बात वसन्त पटेल सरपंच ने शासकीय कन्या माध्यमिक शाला बौछार में साईकिल वितरण समारोह में कही। इस अवसर पर श्याम सुंदर नारायण मुशरान विद्यालय के प्राचार्य अशोक सक्सेना ने अपने संदेश में कहा कि अब हम अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि हम अपने बच्चों को नियमित और समय पर शाला भेजकर उन्हें योग्य बनाने में मदद करें। कार्यक्रम का संचालन करते हुए संस्था प्रमुख आनन्द नेमा ने कहा कि समय बदलने के साथ ही वैचारिक परिवर्तन हो रहा है, अब महिलाएं घर की चौखट तक सीमित नहीं हैं। बल्कि वह पुरुषों के साथ बराबरी से काम कर रही हंै। ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है जहां महिलाओं ने अपनी पहुंच और पहचान न बनाई हो। इसलिये आवश्यक है कि हम अपनी बेटियों को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए पूरे मन से प्रयास करें। नेमा ने पालकों से कहा कि विद्यालय छात्रों, पालकों और शिक्षकों के आपसी समन्वय और समझ से समृद्ध होते हैं । आइये हम मिलकर बच्चो के सुंदर भविष्य का ताना बाना बुनें।
इस अवसर पर छात्राओं की सुरक्षा और उनके शिक्षा हित को लेकर सरपंच द्वारा किये गए उल्लेखनीय कार्यों को लेकर शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष यशवंत साहू व सदस्य गणों ने वसन्त पटेल का भावपूर्ण सम्मान किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पालक और ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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