Fair- तिल मकर संक्रांति : बरमान मेला का शुभारंभ आज

Fair- तिल मकर संक्रांति : बरमान मेला का शुभारंभ आज

sanjay tiwari | Publish: Jan, 14 2018 12:05:43 AM (IST) Narsinghpur, Madhya Pradesh, India

पुण्य सलिला में श्रद्धालु लगाएंगे आस्था की डुबकी, तिल, गुड़ और खिचड़ी करेंगे दान

नरसिंहपुर/ करेली। हिंदु संस्कृति के प्रमुख पर्वाेें में शुमार मकर संक्राति अर्थात तिल, गुड़ और खिचड़ी दान के साथ नर्मदा स्नान का पर्व आज जिले में पूरी श्रद्धा भाव के साथ मनाया जायेगा। इस मौके पर जिले के अलावा अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां मोक्षदायिनी पुण्य सलिला मां नर्मदा के तट पर पर्व स्नान कर दान पुण्य अर्जित करेंगे। इसके लिए आज से जिले के विभिन्न नर्मदा तटों के लिए श्रद्धालुओं का पहुंचना आरंभ हो गया है। करेली के नजदीकी नर्मदा तट बरमान घाट में पर्व स्नान के लिए पहुंचने वालों की संख्या देर शाम तक बढ़ती जा रही थी, पर्व स्नान के लिए कोई सरें भरते हुए पहुंच रहा है, तो बड़ी संख्या में लोग पैदल यात्रा कर बरमान के लिए रवाना हो रहे है। इसके अलावा प्रदेश के विभिन्न स्थानों से नर्मदा परिक्रमा पर निकले परिक्रमावासियों के जत्थे इस पुण्य लाभ के लिए बरमान पहुंच चुके है। इसके अलावा प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले बरमान के संक्राति मेला भी आज से आरंभ हो जायेगा। मेला के शुभारंभ के लिए रंगबिरंगे पंडालों और झूला चकरी सहित मनोरंजन के विभिन्न साधनों के साथ सजधज कर तैयार हो चुका है। वहीं प्रशासनिक स्तर से भी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। कैप्सूल पुल पर भी आवाजाही शुरू हो चुकी है।

दुर्लभ संयोग से बनी संक्राति विशेष
गौरतलब है मकर संक्रांति पर्व की शास्त्रों में विशेष महत्ता बताई गई है। इस दिन सूर्य को अघ्र्य दिया जाता है सूर्य उत्तरायण होते हैं। कई दुर्लभ संयोंगों के कारण इस बार की मकर संक्रांति और विशेष बन गई है। मकर संक्रांति पर्व पर बेहद दुर्लभ चतुग्रर्ही योग ? बनेगा। इस योग में सूर्यदेव और शनि ग्रह एक राशि में रहेंगे। ज्योतिर्विदों के अनुसार ग्रहों के इस योग के अनुकूल और प्रतिकूल दोनों तरह के प्रभाव सामने आयेंगे। फिर भी संक्रांति से उत्तरायण हो रहे सूर्यदेव को अघ्र्य देने और अनुष्ठान करने से अशुभ प्रभाव कम होगा। मकर संक्रांति पर्व पर सूर्यदेव 14 जनवरी को रात 8.07 बजे मकर राशि में प्रवेश करेंगे,जबकि 15 जनवरी को सूर्योदय से मध्याह्न काल तक मकर संक्रांति का विशेष पुण्यकाल रहेगा। सूर्य के उत्तरायण होने के साथ सूर्य, शुक्र और शनि ग्रह एक राशि में आएंगे। 27 जनवरी को बुध भी इसी राशि में प्रवेश करेगा। सूर्य के उत्तरायण होने के बाद मांगलिक कार्य शुरू होंगे।

राशियों पर प्रभाव
ज्योतिषियों के अनुसार इस योग में मेष, मिथुन, कन्या, मकर, वृश्चिक, मीन के जातकों पर शुभ प्रभाव पड़ेगा। हालांकि यह योग कुम्भ, धनु, तुला राशि के जातकों पर अशुभ प्रभाव डालेगा। जबकि, वृष, कर्क एवं सिंह राशि के लिए सामान्य प्रभाव रहेगा। वैसे अधिकांश जातकों को सूर्य पूजन से लाभ ही मिलेगा। ज्योतिर्विदों के अनुसार ग्रहों के इस योग से मौसम का असंतुलन, सेहत और फसलों को नुकसान पहुंचने की संभावना है। आचार्य रविंद्र शुक्ला और पं रामाधार भारद्वाज के अनुसार संक्रांति से उत्तरायण हो रहे सूर्यदेव को अघ्र्य देने और अनुष्ठान करने से अशुभ प्रभाव कम होगा। ज्योतिर्विदों के अनुसार जिन राशि के जातकों पर चतुग्र्रही योग का प्रभाव पड़ रहा है, उन्हें सूर्य को अघ्र्य देने के साथ ही गायत्री मंत्र का जप, कम्बल एवं तिल गुण का दान करना चाहिए।

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