70 लाख के अस्पताल भवन में कबूतर और चमगादड़ों का बसेरा

डेढ़ साल पहले सर्वसुविधायुक्त निजी अस्पताल की तरह किया जाना था संचालन, एमओयू भी किया था साइन

By: ajay khare

Published: 24 Jul 2018, 08:16 PM IST

नरसिंहपुर। रेडक्रास सोसायटी ने ७० लाख रुपए खर्च कर जिस सर्वसुविधायुक्त अस्पताल भवन का निर्माण कराया था उसमें अभी तक एक भी मरीज भर्ती नहीं किया जा सका अलबत्ता उसमें चमगादड़ों और कबूतरों का बसेरा जरूर हो गया है। रेडक्रास ने इसे दो साल पहले इसे सर्वसुविधायुक्त निजी अस्पताल की तर्ज पर चलाने की योजना बनाई थी जिसके लिए जबलपुर के एक बड़े निजी अस्पताल से एमओयू भी साइन किया गया था।


जिले के लोगों को महंगा इलाज सस्ते में दिलाने का रेड क्रास का दावा यहां हवा हो गया है । अत्याधुनिक सर्वसुविधायुक्त अस्पताल बनाने में रेड क्रास सोसाइटी और जिला प्रशासन करीब ७० लाख रुपए खर्च कर चुका है लेकिन अभी तक इसमें किसी तरह की मशीनरी या उपकरण इंस्टॉल नहीं हो पाए हैं । लिहाजा इतनी बड़ी राशि खर्च करने के बाद भी यह भवन अनुपयोगी साबित हो रहा है जिससे इसका उद्देश्य पूरा नहीं हो सका है।

जानकारी के अनुसार 2015 में रेड क्रास अस्पताल भवन का निर्माण शुरू किया था। इसमें 10 बेड का आईसीयू, किडनी डायलिसिस, कलर डॉप्लर, वेंटिलेटर पैथोलॉजी लैब, डिजिटल एक्स रे आदि कि सुविधाएं मुहैया कराई जानी थीं। यह सभी सुविधाएं मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों की तुलना में काफी कम शुल्क पर मुहैया कराई जानी थीं । यह दावा किया गया था कि मरीजों को इलाज के लिए महंगे अस्पतालों के बिल की तुलना में करीब 40 फीसदी तक कम खर्च करना पड़ेगा। जबलपुर के जिस बड़े निजी अस्पताल से एमओयू साइन किया गया था जिसमें यह शर्त रखी गई थी कि उस बड़े अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रेड क्रॉस के अस्पताल का संचालन किया जाएगा और लोगों को गंभीर बीमारियों की जांच व उपचार के लिए डॉक्टरों की सेवाएं काफी कम शुल्क पर मिल सकेंगी।

ध्यान देने योग्य है कि जिला अस्पताल में कई विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद खाली हैं जिसकी वजह से मरीजों को मजबूरी में महंगी निजी अस्पतालों में इलाज के लिए जाना पड़ता है जहां उनकी जेब खाली हो जाती है और ज्यादातर लोग पैसे न होने के कारण निजी अस्पतालों में अपना इलाज नहीं करा पाते हैं । इस अस्पताल में रेड क्रॉस द्वारा अपना मेडिकल स्टोर संचालित किया जाना था जिससे मरीजों को बाजार की तुलना में 20 से 50 प्रतिशत तक कम कीमत में दवाई मिलतीं। । जानकारी के अनुसार अस्पताल भवन का निर्माण 2017 के अंत तक पूरा हो जाना था लेकिन अभी तक अस्पताल शुरू नहीं हो सका है।
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वर्जन
एमओयू के लिए नए सिरे से प्रक्रिया की जा रही है, अस्पताल का कुछ कार्य भी बकाया है, मशीनों के लिए प्लेटफार्म बनाने और लिफ्ट लगाने का काम चल रहा है। जल्द ही इसके शुरू होने की उम्मीद की जाती है।
एपीएस निरंजन, सचिव जिला रेडक्रास सोसायटी

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