स्काईलैब के डर से कैद हुए थे घर में आज स्वेच्छा से रहे घर में

शंकरलाल श्रीवास्तव, सीनियर सिटीजन

नरसिंहपुर. 22 मार्च 2020 का जनता कफ्र्यु एक यादगार है। यह इस मायने में कि कोरोना वायरस जैसी महामारी से बचने के लिए देश के पीएम के आह्वान पर लोगों ने खुद को एक दिन के लिए अपने घर में कैद कर लिया। अपने 87 साल के जीवन में दो से तीन बार कफ्र्यु का सामना किया पर वह हालात बिगडऩे पर लगाये गए थे। एक बार जब स्काईलैब गिरने की अफवाह फैली थी तब भी उस दिन कई लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकले थे। वह एक अलग प्रकार का डर था। चार दशक पहले पूर्ण सूर्यग्रहण के समय शाम 4 बजे अचानक अंधकार छा गया था और लोग अगले दिन तक घरों में कैद रहे थे। उसे प्रकृति के डर से कफ्र्यु कहा जा सकता है लेकिन एक महामारी के डर से और उससे बचाव के लिए जो जनता कफ्र्यु लगाया गया यह मानवता के हित में थ और यह तीन पीढिय़ों के लोगों को हमेशा याद रहेगा।

शंकरलाल श्रीवास्तव, सीनियर सिटीजन

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