सीरो सर्वे में सामने आई बड़ी हकीकत, मुंबई की 70-80 फीसदी आबादी में कोविड एंटीबॉडी संभव

लेटेस्ट सीरो सर्वे रिपोर्ट शुक्रवार को जारी होने वाली है। इसके मुताबिक मुंबई की 70 से 80 फीसदी आबादी में कोविड एंटीबॉडी पाई जा सकती है।

मुंबई। देश में कोरोना वायरस की संभावित तीसरी लहर ( Third Wave of Coronavirus ) से पहले मुंबई (Mumbai) के लिए कुछ अच्छी खबर सामने आई है। इस मेट्रो सिटी में शुक्रवार को पांचवीं सीरो-सर्वे रिपोर्ट (Sero Survey Report) जारी होने वाली है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, बीएमसी ने सुझाव दिया है कि शहर के ज्यादातर निवासियों में कोविड-19 के खिलाफ आवश्यक एंटीबॉडी (Coronavirus Antibody) पाई जा सकती है।

इस ताजा सीरो-सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, बच्चों की आबादी को छोड़कर सभी आयु वर्गों में मुंबई की लगभग 70 से 80 प्रतिशत आबादी ने कोरोना वायरस से लड़ने के लिए एंटीबॉडी विकसित की हैं।

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हालांकि, बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के अधिकारियों ने आगाह किया है कि अगर नोवेल कोरोना वायरस का एक नया वेरिएंट (Coronavirus variant) सामने आता है, तो लोग संक्रमित हो सकते हैं और सभी सुरक्षा दिशानिर्देशों और मानदंडों का पालन करना महत्वपूर्ण हो जाता है।

इस सर्वेक्षण के लिए, बीएमसी ने पूरे मुंबई के 24 वार्डों से 8,000 नमूने एकत्र किए। इनमें टीकाकरण के साथ-साथ विभिन्न आयु वर्ग के लोगों को भी शामिल किया गया। यह सर्वेक्षण अगस्त में किया गया था, जिसके लिए नागरिक निकाय यानी बीएमसी ने प्रयोगशालाओं के साथ-साथ सीधे लोगों से नमूने एकत्र किए।

बीएमसी के अधिकारियों ने कहा, "यह आंकड़ा रिपोर्ट में सुझाए गए के करीब है, लेकिन हम निष्कर्षों को ठीक कर रहे हैं क्योंकि हम चाहते हैं कि यह अधिक समावेशी हो। हम बिना टीकाकरण वाले लोगों के साथ ही टीका लगवा चुके लोगों के नमूने शामिल कर रहे हैं। हालांकि इनमें निश्चित रूप से बच्चों को छोड़ दिया गया था क्योंकि हमने पहले एक बाल सीरो सर्वे किया है। हम शुक्रवार शाम तक पांचवीं सीरो रिपोर्ट जारी करने पर काम कर रहे हैं। प्रयोगशालाओं से नमूने लिए गए हैं और इस रिपोर्ट के लिए भौतिक नमूना संग्रह भी किया गया है।"

आंकड़ों से पता चलता है कि मुंबई (Coronavirus case in Mumbai) ने अपनी कुल योग्य आबादी के 82 प्रतिशत को कम से कम कोरोना वैक्सीन की एक खुराक दे दी है। पिछला सीरो-सर्वेक्षण मई से जून तक बाल रोगियों पर किया गया था और पता चला था कि 50 प्रतिशत बच्चों ने संक्रमण से लड़ने के लिए एंटीबॉडी विकसित की थी।

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अमित कुमार बाजपेयी
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