केंद्र सरकार किसान विरोधी : अखिलेश

लखनऊ/मेरठ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को कांग्रेसनीत केंद्र सरकार को ç...

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Published: 16 Jan 2015, 11:55 AM IST

लखनऊ/मेरठ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को कांग्रेसनीत केंद्र सरकार को किसान विरोधी करार दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने चीनी के आयात पर रोक न लगाकर चीनी उद्योग पर चोट पहुंचाने का काम किया है।

मुख्यमंत्री अखिलेश रविवार को मेरठ में उप्र राज्य चीनी निगम की मोहिउद्दीनपुर चीनी मिल के पेराई सत्र के शुभारंभ के बाद किसानों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों पर आज जो संकट दिखाई दे रहा है वह केंद्र सरकार की देन है। केंद्र की जिम्मेदारी थी कि वह चीनी के आयात पर रोक लगाती और देश में चीनी की कीमत को भी नियंत्रित रखती।

उन्होंने कहा कि केंद्र ने किसानों के मुद्दे पर कभी भी राज्य सरकार की मदद नहीं की। उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र देश का 60 फीसदी चीनी का उत्पादन करते हैं, और दोनों ही राज्यों में करोड़ों किसानों के परिवार गन्ने की खेती पर निर्भर हैं।

अखिलेश ने कहा कि बंद पड़ी मोहिउद्दीनपुर चीनी मिल को फिर से चलाने में 10 करोड़ रूपए की धनराशि व्यय हुई है। इससे मोहिउद्दीनपुर चीनी मिल के आस-पास के क्षेत्र के हजारों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा तथा बेरोजगार हुए मिल कर्मियों को फिर से रोजगार मिलेगा।

उन्होंने आगे कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि चीनी मिलें भी चलें और गन्ना किसानों को उनकी लागत का समुचित मूल्य भी मिले। सरकार ने निर्णय लिया कि गन्ना किसानों को किसी प्रकार का संकट न हो। चीनी मिलें भी चलें और चीनी के दाम भी कम रहें।

राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के अध्यक्ष अजित सिंह का बिना नाम लिए उन पर प्रहार करते हुए अखिलेश ने कहा कि किसानों की राजनीति करने वाले कुछ नेता असमंजस में हैं।

वे नेता पिछला लोकसभा चुनाव तो भाजपा के साथ लड़े, लेकिन मंत्री कांग्रेस सरकार के साथ बने हुए हैं। वे बात तो किसानों की करते हैं, लेकिन उनके विभाग से किसानों का कोई सरोकार नहीं है। अखिलेश ने आगे कहा कि पिछली राज्य सरकार ने मामूली दामों पर चीनी मिलों को बेचने का काम किया था। इस प्रकरण की जांच की जा रही है।
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