scriptAnti NEET Bill will not solve Tamilnadu Medical Students Problems | तमिलनाडु में NEET विरोधी बिल से भी नहीं कम होगी छात्रों की समस्या, जानिए विस्तार से | Patrika News

तमिलनाडु में NEET विरोधी बिल से भी नहीं कम होगी छात्रों की समस्या, जानिए विस्तार से

तमिलनाडु सरकार ने तमिलनाडु में NEET की प्रतियोगी परीक्षा को ही रद्द करने के लिए विधानसभा में एक बिल पेश किया था। इस बिल के अनुसार तमिलनाडु के छात्र अब नीट में हिस्सा नहीं लेंगे और उन्हें राज्य के मेडिकल कॉलेज में 12 वीं में मिले अंकों के आधार पर ही दाखिला मिलेगा। पर क्या नीट की परीक्षा राज्य में निरस्त कर देने से छात्रों की समस्याओं का हल हो जाएगा ?

Updated: December 29, 2021 07:13:42 pm

तमिलनाडु सरकार ने तमिलनाडु में NEET की प्रतियोगी परीक्षा को ही रद्द करने के लिए विधानसभा में एक बिल पेश किया था। इस बिल के अनुसार तमिलनाडु के छात्र अब नीट में हिस्सा नहीं लेंगे और उन्हें राज्य के मेडिकल कॉलेज में 12 वीं में मिले अंकों के आधार पर ही दाखिला मिलेगा। ये बिल विधानसभा में तो पारित कर दिया गया, परंतु अब तक प्रदेश के राज्यपाल ने इस बिल पर हस्ताक्षर नहीं किया है जिसे लेकर तमिलनाडु का राजनीतिक माहौल गरम है। पर क्या नीट की परीक्षा राज्य में निरस्त कर देने से छात्रों की समस्याओं का हल हो जाएगा ? क्या राज्य में छात्रों की आत्म हत्या का सिलसिला थम जाएगा? क्या नीट की परीक्षा ही छात्रों की सबसे बड़ी समस्या है? इसका जवाब है शायद 'नहीं'।
Tamilnadu Anti NEET Bill
Tamil Nadu Government
छात्रों की सबसे बड़ी समस्या क्या है?

आसान भाषा में कहें तो तमिलनाडु में छात्रों के लिए सबसे बड़ी दिक्कत महंगी शिक्षा से लेकर राज्य में कॉलेज के एडमिशन में आ रही परेशानी है। परीक्षा पास कर लिया पर अच्छे कॉलेज में एडमिशन में दिक्कतें आती हैं।

NCRB के आंकड़ों के अनुसार, तमिलनाडु में विफलता के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों की संख्या महाराष्ट्र के बाद सबसे अधिक है। इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण NEET की परीक्षा बताई गई है। हैरान करने वाली बात ये है कि NEET की परीक्षा का पाठ्यक्रम तमिलनाडु बोर्ड के 12 वीं कक्षा के सिलेबस से मेल खाता है।

सबसे बड़ी समस्या कॉलेज चुनना

NEET 2021 में पूछे गए प्रश्नों में से 82%, NEET 2020 में पूछे गए सवालों में से 97% सवाल तमिलनाडु बोर्ड की पाठ्यपुस्तकों से थे। आँकड़े बताते हैं कि वर्ष 2020 में करीब 57.44 फीसदी छात्र इस परीक्षा में पास हुए थे।

विशेषज्ञ दावा करते हैं कि तमिलनाडु की पाठ्यपुस्तकों से तैयारी करने वाला एक औसत छात्र भी NEET में आसानी से 300 से अधिक अंक प्राप्त कर लेता क्योंकि 60% से अधिक प्रश्न पाठ्यपुस्तकों से सीधे पूछे गए थे। इन छात्रों के समक्ष सबसे बड़ी परेशानी कॉलेज को चुनने में आती है। तमिलनाडु के छात्र परीक्षा पास करने के बाद अपने पसंद के कॉलेज में एडमिशन के लिए पर्याप्त पैसे नहीं जुटा पाते हैं इस कारण वो फिर से नीट की परीक्षा की तैयारी करते हैं ।

महंगी फीस जब बना आत्महत्या का कारण

-कुछ छात्र कॉलेज में प्रवेश के बाद तरह तरह की डिमांड के कारण भी तनाव में चले जाते हैं तो कुछ आत्महत्या कर लेते हैं।

-तमिलनाडु के चेन्नई में मार्च, 2020 में एक कॉलेज की 3rd ईयर की एक छात्रा ने आत्महत्या करने की कोशिश की थी जिसके पीछे का कारण परीक्षा के लिए फीस न दे पाना सामने आया था।

-वर्ष 2016 में तमिलनाडु के SVS Yoga Medical College की 3 लड़कियों ने आत्महत्या की थी और सुसाइड नोट में इसके पीछे का कारण कॉलेज की हाई फीस को बताया था।

-जस्टिस एके राजन कमेटी की जांच में भी सामने आया था कि आत्महत्या करने वाले अधिकतर छात्र आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से थे।

यह भी पढ़ें: ओमिक्रॉन का खतरा: तमिलनाडु में नए साल के जश्न पर रोक, सार्वजनिक स्थानों व बीच पर नहीं होगी पार्टी

उठते रहे हैं महंगी फीस के खिलाफ विरोध के स्वर

तमिलनाडु में उच्च शिक्षा बचाओ आंदोलन (Save Higher Education Movement), भी चलाया जा रहा है जिसके तहत कॉलेजों द्वारा अत्यधिक फीस वसूलने का विरोध किया जा रहा है। बता दें कि हाल ही में राज्य के राजा मुथैया मेडिकल कॉलेज ने MBBS के पहले वर्ष के छात्रों से अगले वर्ष तक के लिए फीस जमा करने के लिए कहा है। यहाँ तक कि छात्रों को चेतावनी दी गई है कि फीस न दिए जाने पर परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

इसी वर्ष जनवरी में तमिलनाडु मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (TNMSA) ने राजा मुथैया मेडिकल कॉलेज (Rajah Muthiah Medical College) समेत राज्यभर के मेडिकल कॉलेजों में प्रदर्शन कर वसूले जा रहे अधिक फीस का विरोध किया था।

यह भी पढ़ें: राजा मुथैया मेडिकल कॉलेज के फीस को किया जाना चाहिए कम: रामदास

ये समस्या केवल मेडिकल कॉलेज तक सीमित नहीं

ताजा मामले में तमिलनाडु सरकार अब कई शिकायतों के बाद राज्य भर के इंजीनियरिंग कॉलेजों सहित तकनीकी संस्थानों के फीस स्ट्रक्चर की जांच करेगी । इस बात की जानकारी उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने दी है।

वास्तव में NEET परीक्षा को हटा देना तमिलनाडु में छात्रों की परेशानी को खत्म नहीं करेगा। फीस को लेकर उनकी समस्या में बदलाव और मनमानी करने वाले कॉलेजों व कोचिंग संस्थानों के खिलाफ भी एक्शन लिए जाने से स्थिति में सुधार हो सकता है। इससे मेडिकल सेक्टर में शिक्षा आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए भी सुलभ हो सकेगी।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

इन नाम वाली लड़कियां चमका सकती हैं ससुराल वालों की किस्मत, होती हैं भाग्यशालीजब हनीमून पर ताहिरा का ब्रेस्ट मिल्क पी गए थे आयुष्मान खुराना, बताया था पौष्टिकIndian Railways : अब ट्रेन में यात्रा करना मुश्किल, रेलवे ने जारी की नयी गाइडलाइन, ज़रूर पढ़ें ये नियमधन-संपत्ति के मामले में बेहद लकी माने जाते हैं इन बर्थ डेट वाले लोग, देखें क्या आप भी हैं इनमें शामिलइन 4 राशि की लड़कियों के सबसे ज्यादा दीवाने माने जाते हैं लड़के, पति के दिल पर करती हैं राजशेखावाटी सहित राजस्थान के 12 जिलों में होगी बरसातदिल्ली-एनसीआर में बनेंगे छह नए मेट्रो कॉरिडोर, जानिए पूरी प्लानिंगयदि ये रत्न कर जाए सूट तो 30 दिनों के अंदर दिखा देता है अपना कमाल, इन राशियों के लिए सबसे शुभ

बड़ी खबरें

देश में वैक्‍सीनेशन की रफ्तार हुई और तेज, आंकड़ा पहुंचा 160 करोड़ के पारपाकिस्तान के लाहौर में जोरदार बम धमाका, तीन की नौत, कई घायलजम्मू कश्मीर में सुरक्षाबलों को मिली बड़ी कामयाबी, लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी जहांगीर नाइकू आया गिरफ्त मेंCovid-19 Update: दिल्ली में बीते 24 घंटे के भीतर आए कोरोना के 12306 नए मामले, संक्रमण दर पहुंचा 21.48%घर खरीदारों को बड़ा झटका, साल 2022 में 30% बढ़ेंगे मकान-फ्लैट के दाम, जानिए क्या है वजहचुनावी तैयारी में भाजपा: पीएम मोदी 25 को पेज समिति सदस्यों में भरेंगे जोशखाताधारकों के अधूरे पतों ने डाक विभाग को उलझायाकोरोना महामारी का कहर गुजरात में अब एक्टिव मरीज एक लाख के पार, कुल केस 1000000 से अधिक
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.