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राम मंदिर से जुड़ी फर्जी खबरों पर केंद्र सरकार सख्त, कहा- 'न प्रसारित करें कोई गलत सूचना'

locationनई दिल्लीPublished: Jan 20, 2024 07:32:58 pm

Submitted by:

Paritosh Shahi

अयोध्या में 22 जनवरी को होने जा रहे रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के संदर्भ में गलत, भड़काऊ और फर्जी संदेशों के प्रसार को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने सख्त एडवाइजरी जारी की है।

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रामलला की नगरी की सुरक्षा को अभेद्य, अचूक बनाने के लिए थल, नभ और जल से व्यवस्था पुख्ता की गई है। केंद्र और राज्य सरकार अपने स्तर से मैनुअल एजेंसियों की तैनाती के साथ टेक्नोलॉजी का भरपूर इस्तेमाल किया है। राम जी के धाम में एटीएस, एसटीएफ, पीएसी, यूपीएसएसएफ समेत यूपी पुलिस की भारी-भरकम फोर्स को तैनात किया गया है, वहीं, एआई, एंटी ड्रोन, सीसीटीवी कैमरों को लगाया गया है। बता दें कि सरयू नदी और घाटों पर एनडीआरएफ की टुकड़ी को तैनात किया गया है। अयोध्या में मेहमानों की सुरक्षा के लिए बार कोडिंग का इस्तेमाल किया जा रहा है। अब सरकार ने रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के सन्दर्भ में गलत, भड़काऊ और फर्जी खबर को रोकने के लिए एक सख्त एडवाइजरी जारी की है।

 

एडवाइजरी में क्या कहा गया

भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने समाचार पत्रों, टीवी चैनलों, डिजिटल समाचार प्रकाशकों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को सलाह दी है कि "ऐसी किसी भी सामग्री को प्रकाशित या प्रसारित करने से बचें जो झूठी हो या जिसमें हेरफेर किया जा सकता हो या सांप्रदायिक सद्भाव या सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने की क्षमता रखती है।"

जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि "22 जनवरी, 2024 को अयोध्या में राम लला प्राण प्रतिष्ठा के पूरे भारत में आगामी उत्सव के संदर्भ में, भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने पाया है कि विशेषकर सोशल मीडिया पर कुछ असत्यापित, भड़काऊ और फर्जी संदेश फैलाए जा रहे हैं, जिससे सांप्रदायिक सद्भाव और सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ सकती है।"

इसे देखते हुए, मंत्रालय ने शनिवार, 20 जनवरी, 2024 को समाचार पत्रों, टेलीविजन चैनलों, डिजिटल समाचार प्रकाशकों और सोशल मीडिया प्लेटफार्मों को एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें उन्हें ऐसी किसी भी सामग्री जो गलत हो या जिसमें किसी तरह का हेरफेर किया जा सकता हो या जिससे देश में सांप्रदायिक सद्भाव या सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने की संभावना हो, को प्रकाशित या प्रसारित करने से बचने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, सोशल मीडिया प्लेटफार्मों को भी ऊपर उल्लिखित प्रकृति की सूचना को होस्ट, प्रदर्शित या प्रकाशित न करने के लिए उचित प्रयास करने की सलाह दी गई है।"

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