
7th Pay Commission: केंद्र सरकार के कर्मियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते व महंगाई राहत में चार फीसदी की बढ़ोतरी होने वाली है। एक जुलाई से महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत की दर 54 प्रतिशत पर पहुंच जाएगी। मौजूदा समय में केंद्रीय कर्मियों को 50 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता DA मिल रहा है। नियम है कि महंगाई भत्ते की दर, 50 प्रतिशत के पार होते ही सरकार को 8वें वेतन आयोग (8 pay Commission) के गठन पर गंभीरता से विचार करना होगा, लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई घोषणा नहीं हुई है। स्टाफ साइड की राष्ट्रीय परिषद (JCM) के सदस्य और अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी महासंघ (AIDEF) के महासचिव सी. श्रीकुमार का कहना है, कर्मियों के डीए की मौजूदा दर 50 फीसदी है। इसमें पहली जुलाई से 4 फीसदी की बढ़ोतरी हो जाएगी। महंगाई तो लगातार बढ़ रही है। किसी महीने में कुछ प्वाइंट का अंतर आ जाता है, लेकिन जब जनवरी 2024 से 30 जून 2024 तक का चार्ट बनेगा तो उसके आधार पर DA/DR में कम से कम 4 फीसदी की बढ़ोतरी होना तय है। लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) के नतीजे आने के बाद केंद्र सरकार के समक्ष 8वें वेतन आयोग के गठन की मांग रखी जाएगी।
सातवें वेतन आयोग के आधार पर वेतन और भत्तों में संशोधन को अनुमोदन देते समय केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 8वें वेतन आयोग के गठन पर विचार नहीं किया है। 'भारत पेंशनर समाज' (BPS) ने भी 8वें वेतन आयोग के गठन की मांग उठाई थी। BPS के महासचिव एससी महेश्वरी ने कहा था, 68वीं AGM के दौरान यह प्रस्ताव पास किया गया है कि अविलंब आठवें वेतन आयोग का गठन किया जाए। देश में 8वें वेतन आयोग के गठन को लेकर कर्मियों की तरफ से केंद्र सरकार के पास कई तरह के सुझाव आ रहे हैं। अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) संख्या पर आधारित वार्षिक मुद्रास्फीति दर (Inflation rate) अप्रैल 2024 (अप्रैल, 2023 से अधिक) महीने के लिए 4.83 फीसदी है। ग्रामीण और शहरी के लिए मुद्रास्फीति दर क्रमशः 5.43 % और 4.11 % है। जनवरी, फरवरी और मार्च 2024 के महीनों के लिए सीपीआई क्रमशः 5.10, 5.09 और 4.85 रहा है। शीर्ष पांच समूहों में, 'कपड़े और जूते', 'आवास' और 'ईंधन और प्रकाश' समूहों पर साल-दर-साल मुद्रास्फीति पिछले महीने से कम हुई है।
अप्रैल 2024 के लिए सूचकांक की बात करें तो अप्रैल 2024 के लिए CPI (GEN) ग्रामीण क्षेत्र में 188.5 %, शहरी क्षेत्र में 184.7% और संयुक्त प्रतिशत 186.7% रहा है। सीएफपीआई, ग्रामीण क्षेत्र में 188.9% और शहरी क्षेत्र में 195.4% रहा है। बता दें कि संयुक्त प्रतिशत 191.2 रहा है। मार्च 2024 अंतिम के लिए सूचकांक की बात करें तो सीपीआई (General) ग्रामीण क्षेत्र में 187.8 %, शहरी क्षेत्र में 183.6% और संयुक्त प्रतिशत 185.8 रहा है। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में 187.8%और शहरी क्षेत्र में 193.4 प्रतिशत रहा है। संयुक्त प्रतिशत 198.8 रहा है।
Published on:
19 May 2024 10:40 am
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