scriptChief Justice of India says Judges Appointing Judges A Propagated Myth | जज खुद जजों की नियुक्ति कर रहे, कुछ लोग इसका झूठा प्रचार कर रहे हैं- प्रधान न्यायाधीश | Patrika News

जज खुद जजों की नियुक्ति कर रहे, कुछ लोग इसका झूठा प्रचार कर रहे हैं- प्रधान न्यायाधीश

न्यायमूर्ति रमना ने न्यायपालिका के समक्ष मौजूदा और नई चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि अगर देश एक लोकतंत्र के तौर पर आगे बढ़ता है तो संविधान बदलाव के लिए पर्याप्त अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका को उसकी राह में आने वाली चुनौतियों के निपटारे के लिए चीजों को तेजी से आत्मसात करने तथा अपने रूख को लचीला बनाना है।

 

नई दिल्ली

Published: December 26, 2021 05:52:54 pm

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एन. वी. रमना ने न्यायपालिका पर हमलों की बढ़ती घटनाओं की तरफ ध्यान आकर्षित करते हुए कानूनी प्रवर्तन एजेंसियों से इनसे प्रभावी तरीके से निपटने की जरूरत पर बल दिया है। उन्होंने इस बात पर भी दुख जताया कि कुछ लोग यह झूठा प्रचार कर रहे कि अब जज खुद जजों की नियुक्ति कर रहे हैं, जबकि यह तथ्य सही नहीं है। न्यायमूर्ति रमना ने रविवार को पांचवे दिवंगत लावू वेंकटेश्वरालू एंडोमेंट लेक्चर में कहा, हाल ही में न्यायिक अधिकारियों पर हमलों की घटनाओं में बढ़ोत्तरी हुई है और अगर राजनीतिक दलों के पक्ष में कोई फैसला नहीं आता है तो प्रिंट तथा सोशल मीडिया में भी जजों के खिलाफ ठोस अभियान चलाए जाते हैं।
nv_ramana.jpg
उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि ये हमले प्रायोजित और समन्वित हैं और कानूनी प्रवर्तन एजेंसियों खासकर विशिष्ट एजेंसियों को ऐसे दुर्भावनापूर्ण हमलों से प्रभावी तरीके से निपटने की आवश्यकता है। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब तक अदालतें हस्तक्षेप नहीं करती हैं और आदेश पारित नहीं करती हैं तो संबंधित विभाग तथा अधिकारी जांच की प्रकिया में आगे नहीं बढ़ते हैं। सरकारों से अपेक्षा है और इस बात के लिए भी बाध्य हैं कि वे ऐसा सुरक्षित माहौल तैयार करें ताकि न्यायाधीश और न्यायिक अधिकारी निर्भिकता से अपने कार्यों को अंजाम दे सकें।
यह भी पढ़ें

हरिद्वार में हेट स्पीच: देश ही नहीं विदेशी शख्सियतों ने भी दी प्रतिक्रिया, ब्रिटिश सांसद ने हिटलर दौर से की तुलना



उन्होंने मीडिया ट्रायल की तरफ ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि वे मामलों के निर्धारण में प्रेरक तत्च नहीं हो सकते हैं। न्यायमूर्ति रमना ने कहा कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता और उसके कामकाज को जो सबसे अधिक प्रभावित कर रहा है वह मीडिया ट्रायल के बढ़ते मामले हैं। नए मीडिया माध्यमों के पास चीजों को बढ़ा-चढ़ा कर पेश करने की क्षमता है लेकिन वे सही और गलत ,अच्छे या बुरे, वास्तविक या फर्जी के बीच अंतर करने में अक्षम प्रतीत होते हैं। किसी भी तरह के मामलों के निर्धारण में मीडिया ट्रायल कोई प्रेरक बल नहीं हो सकता है।
यह भी पढ़ें

Ludhiana blast: किरेन रिजिजू बोलेे- मैं देश का कानून मंत्री हूं, इसलिए यहां आया, रिपोर्ट सामने आ जाए फिर बताउंगा आगे क्या करेंगे



उन्होंने कहा, इस तरह की बातों को दोहराना अब एक फैशन सा हो गया कि न्यायाधीश खुद ही न्यायाधीशों की नियुक्तियां कर रहे हैं और मेरा मानना है कि यह सबसे प्रचारित मिथकों में एक है। सच्चाई यह है कि न्यायपालिका इस प्रक्रिया का मात्र एक हिस्सा हैं और इसमें केन्द्रीय विधि मंत्रालय, राज्य सरकारें, राज्यपाल, उच्च न्यायालय कॉलेजियम, खुफिया ब्यूरो और अंत में शीर्ष कार्यकारी भी शामिल हैं जो किसी उम्मीदवार की उपयुक्तता की जांच करता है। मुझे इस बात को कहते हुए दुख होता है कि जो मामलों की अच्छी तरह जानकारी रखते हैं कि वे भी इस तरह के दुष्प्रचार को बढ़ावा देते हैं, लेकिन इस सब के बावजूद यह वाक्यांश कुछ वर्गों पर ही लागू होता है।
उन्होंने कहा, किसी भी विधेयक को पारित करते समय उसकी संवैधानिकता की मूल रूप से जांच भी नहीं की जाती है और विधायिका से कम से कम न्यूनतम यह अपेक्षा की जाती है कि किसी भी कानून को बनाते समय वे स्थापित संवैधानिक सिद्वांतों का पालन तो करें । उन्हें किसी भी कानून को बनाते समय यह भी ध्यान रखना होगा कि इसके लागू होने के बाद लोगों को जिन परेशानियों का सामना करना पड़ेगा उनके समाधान के तौर तरीके भी बनाए गए हैं या नहीं। लेकिन इन बातों की पूरी तरह उपेक्षा कर दी जाती है।
न्यायमूर्ति रमना ने एक उदाहरण के तौर पर बिहार मद्य निषेध अधिनियम को लाूग करने का जिक्र करते हुए कहा कि इसके बाद वहां अदालतों में जमानत की अर्जियों की बाढ़ सी आ गई है क्योंकि एक साधारण जमानत याचिका का निपटारा करने में ही एक वर्ष का समय लग जाता है।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

किसी भी महीने की इन तीन तारीखों में जन्मे बच्चे होते हैं बेहद शार्प माइंड, लाइफ में करते हैं बड़ा कामपैदाइशी भाग्यशाली माने जाते हैं इन 3 राशियों के बच्चे, पिता की बदल देते हैं तकदीरइन राशि वालों पर देवी-देवताओं की मानी जाती है विशेष कृपा, भाग्य का भरपूर मिलता है साथ7 दिनों तक मीन राशि में साथ रहेंगे मंगल-शुक्र, इन राशियों के लोगों पर जमकर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपादो माह में शुरू होने वाला है जयपुर में एक और टर्मिनल रेलवे स्टेशन, कई ट्रेनें वहीं से होंगी शुरूपटवारी, गिरदावर और तहसीलदार कान खोलकर सुनले बदमाशी करोगे तो सस्पेंड करके यही टांग कर जाएंगेआम आदमी को राहत, अब सिर्फ कमर्शियल वाहनों को ही देना पड़ेगा टोल15 जून तक इन 3 राशि वालों के लिए बना रहेगा 'राज योग', सूर्य सी चमकेगी किस्मत!

बड़ी खबरें

प्रयागराज में फिर से दिखा लाशों का अंबार, कोरोना काल से भयावक दृश्य, दूर-दूर तक दफ़नाए गए शवऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फैसला, ज्ञानवापी सर्वे मामले को टेक ओवर करेगा बोर्ड31 साल बाद जेल से छूटेगा राजीव गांधी का हत्यारा, सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेशकान्स फिल्म फेस्टिवल में राजस्थान का जलवा, सीएम गहलोत ने जताई खुशीगुजरातः चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका, हार्दिक पटेल ने दिया इस्तीफा, BJP में शामिल होने की चर्चाआतंकियों के निशाने पर RSS मुख्यालय, रेकी करने वाले जैश ए मोहम्मद के कश्मीरी आतंकी को ATS ने किया गिरफ्तारWest Bengal SSC Mega scam क्या ममता बनर्जी तक पहुंचेगी शिक्षक भर्ती घोटाले की जांचआज चंडीगढ़ की ओर कूच करेंगे किसान, बॉर्डर पर ही बिताई रात, CM भगवंत बोले- 'खोखले नारे' नहीं तोड़ सकते संकल्प
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.