scriptCovaxin booster dose neutralize Omicron-Delta variants: Bharat Biotech | Covaxin का बूस्टर डोज Omicron और Delta दोनों वेरियंट को बेअसर करने में सक्षम - भारत बायोटेक का बड़ा दावा | Patrika News

Covaxin का बूस्टर डोज Omicron और Delta दोनों वेरियंट को बेअसर करने में सक्षम - भारत बायोटेक का बड़ा दावा

देशभर में कोरोना के कहर के बीच भारत बायोटेक से एक अच्छी खबर सामने आई है। Bharat Biotech ने दावा किया कि COVAXIN की बूस्टर डोज ओमीक्रॉन और डेल्टा दोनों वेरियंट को बेअसर करने में सक्षम है।

Published: January 12, 2022 07:58:17 pm

देशभर में प्रतिदिन कोरोना के 1 लाख से अधिक नए मामले सामने आ रहे हैं। सरकार ने स्थिति को देखते हुए बच्चों के लिए वैक्सीन के बाद बुजुर्गों के लिए प्रीकॉशन डोज भी शुरू कर दिए हैं। इस बीच भारत बायोटेक ने एक अच्छी खबर दी है। इस कंपनी ने दावा किया है कि कोवैक्सीन की तीसरी डोज ओमीक्रॉन और डेल्टा दोनों ही वेरिएंट को बेअसर करने में सक्षम है। इसके साथ ही कंपनी ने ये भी दावा किया है कि कोवैक्सीन के बूस्टर डोज के कोई साइडइफेक्ट भी देखने को नहीं मिले हैं। बुधवार को हैदराबाद स्थित बायोटेक्नोलॉजी फर्म भारत बायोटेक ये दावा किया और ट्वीट कर पूरी जानकारी भी दी।

COVAXINE Booster Dose
COVAXINE
भारत बायोटेक ने ट्वीट कर तीन अहम बिंदुओं पर प्रकाश भी डाला है।

1. COVAXIN की बूस्टर डोज ने ओमीक्रॉन और डेल्टा दोनों के खिलाफ मजबूत न्यूट्रलाइजिंग एंटीबॉडी प्रतिक्रियाएं दिखाई हैं।

2. हमने पाया कि टेस्ट सीरम के 100 फीसदी सैम्पल ने डेल्टा वेरियंट के बेअसर कर दिया और 90 फीसदी से अधिक टेस्ट सीरम के सैम्पल ने ओमीक्रॉन वेरियंट को बेअसर कर दिया है।

3. टेस्ट के दौरान जो डाटा सामने आया है वो इस बात का सबूत हैं कि COVAXIN बढ़ते कोरोना के खतरे के खिलाफ बचाव का एक बेहतरीन विकल्प है।

बूस्टर डोज लेने वालों में 5 गुना तक बढ़ी एंटीबॉडी

भारत बायोटेक ने ये भी दावा किया कि ट्रायल के दौरान बूस्टर डोज लेने वाले लोगों में दो डोज लेने वालों की तुलना में एंटीबॉडी 5 गुना बढ़ी है। बूस्टर डोज लेने वाले लोगों में CD4 और CD8 सेल में बढ़त देखने को मिली। ये वो सेल हैं जो किसी भी व्यक्ति को कोरोना के खिलाफ लंबे समय तक सुरक्षा प्रदान कराती है।

बूस्टर डोज लेने वालों में साइ डइफेक्ट काफी कम

बूस्टर डोज लेने वालों में साइडइफेक्ट भी कम या न क बराबर देखने को मिले हैं। ये बूस्टर डोज कोरोना के खिलाफ एक मजबूत सुरक्षा कवच साबित हो सकता है। बता दें कि प्रीकॉशन डोज में केवल कोवैक्सीन का ही इस्तेमाल किया जा रहा है जों दूसरी डोज लगने के 9 महीने बाद दिया जा रहा है।

जिस तरह से कोरोना अपने अलग अलग रंग दिखा रहा उस बीच भारत बायोटेक का ये दावा किसी बड़ी राहत से कम नहीं है।

बता दें कि COVAXIN को भारत बायोटेक द्वारा भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के सहयोग से बनाया गया था। इसे विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा नवंबर में आपातकालीन उपयोग के लिए स्वीकृति भी दी जा चुकी है।

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