scriptdon't make us scapegoats doctors question action taken in Safdarjung hospital case | डॉक्टरों ने सफदरजंग अस्पताल मामले में की गई कार्रवाई पर उठाया सवाल, कहा 'हमें बलि का बकरा मत बनाओ', जानिए क्या है पूरा मामला | Patrika News

डॉक्टरों ने सफदरजंग अस्पताल मामले में की गई कार्रवाई पर उठाया सवाल, कहा 'हमें बलि का बकरा मत बनाओ', जानिए क्या है पूरा मामला

सफदरजंग अस्पताल परिसर में एक महिला के द्वारा बच्चे को जन्म देने के बाद 5 डॉक्टरों को बर्खास्त कर दिया गया है। इसके साथ ही तीन जूनियर डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जिसपर डॉक्टरों के संघ ने आपत्ति जताई है।

नई दिल्ली

Published: July 21, 2022 01:10:05 pm

दक्षिण दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के बाहर एक महिला ने बच्चे को जन्म दिया, जिसके बाद पांच डॉक्टरों को बर्खास्त करते हुए तीन जूनियर डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके बाद कई रेजिडेंट डॉक्टरों के संघों ने अस्पताल प्रशासन की आलोचना की है। एक इंटर्न- फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने कहा कि हम VMMC की प्रिंसिपल प्रो गीतिका खन्ना द्वारा निर्दोष ट्रेनी और इटर्न को कारण बताओ नोटिस जारी करने की निंदा करते हैं।
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इसके साथ ही FAIMA ने कहा कि प्रसूति और स्त्री रोग विभाग सबसे व्यस्त विभागों में से एक है, जिसमें एक दिन में 100 से अधिक प्रसव होते हैं। वहीं कई बार प्रसूति वार्ड के लेबर रूम में भी दो या तीन गर्भवती माताओं बिस्तर देखा जाता है। FAIMA ने बताया कि इस घटना वाले दिन अस्पताल में सिर्फ 6 डॉक्टर थे, जिन्होंने कुल 101 प्रसव कराए।
 

हमें बलि का बकरा मत बनाओ

दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ अश्विनी डालमिया ने इस मामले में मुखर होते हुए कहा कि हमेशा की तरह सभी प्रशासनिक खामियों के लिए डॉक्टरों को दोषी ठहराया जाता है। सफदरजंग अस्पताल मामले में डॉक्टरों को बलि का बकरा मत बनाओ।

भारत में स्वास्थ्य सेवा की दयनीय स्थिति

सफदरजंग अस्पताल मामले में दिल्ली के अलावा डॉक्टरों को चंडीगढ़ में पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च से भी समर्थन मिला। रेजिडेंट डॉक्टरों के संघ ने पत्र लिखते हुए कहा कि जो हुआ वह भारत में स्वास्थ्य सेवा की दयनीय स्थिति को दर्शाता है। इसके साथ ही हमारी कल्पना से परे है कि ट्रेनी और इटर्न को क्यों जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।

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