scriptकिसानों ने पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर निकाला कैंडल मार्च, चुनाव के ऐलान के बाद भी जारी रह सकता है आंदोलन! | Farmers took out a candlelight march on the Punjab-Haryana border, the movement may continue even after the announcement of elections | Patrika News

किसानों ने पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर निकाला कैंडल मार्च, चुनाव के ऐलान के बाद भी जारी रह सकता है आंदोलन!

locationनई दिल्लीPublished: Feb 25, 2024 08:52:06 am

Submitted by:

Prashant Tiwari

Farmers took out candlelight march: आंदोलनकारी किसानों ने अपनी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी तथा अन्य मांगों के समर्थन में शनिवार शाम को पंजाब और हरियाणा की अंतरराज्यीय सीमाओं पर कैंडललाइट मार्च निकाला।

 Farmers took out a candlelight march on the Punjab-Haryana border, the movement may continue even after the announcement of elections

 

आंदोलनकारी किसानों ने अपनी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी तथा अन्य मांगों के समर्थन में शनिवार शाम को पंजाब और हरियाणा की अंतरराज्यीय सीमाओं पर कैंडललाइट मार्च निकाला। वहीं, किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, वे अपना आंदोलन खत्म नहीं करेंगे।

उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकसभा चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद भी उनका विरोध जारी रह सकता है। राष्ट्रीय राजधानी तक मार्च 13 फरवरी को रोके जाने के बाद से किसानों की भीड़ हरियाणा से लगती पंजाब की खनौरी और शंभू सीमाओं पर खुले आसमान के नीचे डेरा डाले हुए है। पंधेर ने कहा है कि वह 29 फरवरी को अपनी अगली कार्रवाई की घोषणा करेंगे।

kisan.jpg


शुभकरण सिंह का परिवार भी कैंडल मार्च में शामिल

मृतक किसान शुभकरण सिंह का परिवार भी कैंडल मार्च के लिए अन्य किसान नेताओं के साथ खनौरी बॉर्डर पर था। बीकेयू नौजवान के अध्यक्ष अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि आज हमने शुभकरण सिंह और आंदोलन के अन्य शहीदों की याद में कैंडल मार्च बुलाया है। कल हम शंभू और खनौरी दोनों सीमाओं पर सेमिनार आयोजित करेंगे ताकि किसानों को जागरूक किया जा सके कि डब्ल्यूटीओ उन्हें कैसे प्रभावित कर रहा है।

29 फरवरी को होगा किसानों का आगे का ऐलान

किसान नेता ने कहा, डब्ल्यूटीओ या वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाजेशन को उखाड़ फेंकना और भारत को वैश्विक व्यापार संगठन से बाहर करना महत्वपूर्ण है। किसान नेता कोहाड़ ने कहा कि 26 फरवरी को हम डब्ल्यूटीओ का पुतला जलाएंगे और फिर एसकेएम अराजनीतिक और अन्य कृषि संघ एक बैठक करेंगे। 29 फरवरी को हम आंदोलन के लिए भावी आह्वान करेंगे। मसलन, 29 फरवरी तक किसानों ने अपने दिल्ली कूच को स्थगित कर रखा है।

ट्रेंडिंग वीडियो