scriptGovernment ask telecom firms to keep call records for two year | आपका 'कॉल रिकॉर्ड' अब दो साल तक संभालकर रखेगी टेलीकॉम कंपनियां, सरकार ने सुरक्षा कारणों से लिया फैसला | Patrika News

आपका 'कॉल रिकॉर्ड' अब दो साल तक संभालकर रखेगी टेलीकॉम कंपनियां, सरकार ने सुरक्षा कारणों से लिया फैसला

अब कंपनियों को सभी कॉल रिकॉर्ड्स को एक साल की बजाय कम से कम दो साल तक सुरक्षित रखना होगा। सरकार ने सुरक्षा एजेंसियों के अनुरोध पर लिया फैसला।

नई दिल्ली

Updated: December 24, 2021 11:42:34 am

मोदी सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों को कहा है की कॉल रेकॉर्ड का डाटा कंपनियां अब दो साल तक सुरक्षित रखें। सरकार के द्वारा लिए गए इस कदम के पीछे सुरक्षा कारणों का हवाला दिया गया है। बता दें कि दूरसंचार विभाग (DoT) ने एक बदलाव करते हुए दूरसंचार और इंटरनेट सेवा प्रदाताओं के साथ-साथ अन्य सभी दूरसंचार लाइसेंसधारियों को मौजूदा एक साल की जगह कम से कम दो साल के लिए कॉल रिकॉर्ड बनाए रखने के लिए कहा है।
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सुरक्षा एजेंसियों के अनुरोध पर लिया गया फैसला:
बताया जा रहा है कि यह बदलाव कई सुरक्षा एजेंसियों के अनुरोधों पर किया गया। 21 दिसंबर को एक अधिसूचना के माध्यम से, दूरसंचार विभाग ने कहा है कि सभी कॉल विवरण रिकॉर्ड, एक्सचेंज विवरण रिकॉर्ड, और नेटवर्क पर “एक्सचेंज” संचार का आईपी विवरण का रिकॉर्ड दो साल के लिए रखा जाना चाहिए। इसको लेकर एक अधिसूचना भी जारी की गई है जिसमे कहा गया है कि इंटरनेट सेवा प्रदान करने वाली कंपनियों को दो साल की अवधि के लिए सामान्य आईपी विवरण रिकॉर्ड के अलावा “इंटरनेट टेलीफोनी” डिटेल भी बनाए रखनी होगी।

फैसले से जांच में मिलेगी सुविधा:
इस संबंध में एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “यह एक प्रक्रियात्मक आदेश है। कई सुरक्षा एजेंसियों ने हमें बताया कि उन्हें एक साल बाद भी डेटा की आवश्यकता रहती है क्योंकि कई मामलों में जांच पूरी होने में समय अधिक लगता है। हमने इस क्षेत्र की सेवा देने वाली कंपनियों के साथ एक बैठक की, जो दो साल तक के लिए डेटा रखने पर सहमत हुए।
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कंपनियों के लिए लाइसेंस की शर्त में यह भी अनिवार्य है कि मोबाइल कंपनियों द्वारा कानून-प्रवर्तन एजेंसियों और विभिन्न अदालतों को उनके विशिष्ट अनुरोधों या निर्देशों पर सीडीआर प्रदान किया जाए, जिसके लिए एक निर्धारित प्रोटोकॉल है।

एक साल नहीं बल्कि 18 महीने तक का नियम: आपको बता दें कि दूरसंचार और इंटरनेट सेवा देने वाली कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि भले ही सरकार कंपनियों को इन विवरणों को कम से कम 12 महीने तक रखने के लिए कहती है, लेकिन इसे 18 महीने तक रखने का नियम है।

एक टेलिकॉम कंपनी के अधिकारी ने कहा, “जब भी हम इस तरह के रेकॉर्ड को नष्ट करते हैं, तो हम डेटा से संबंध रखने वाले ऑफिस को जानकारी देते हैं। यदि इसके लिए हमें कोई अलग से अनुरोध मिलता है तो उस डेटा को और समय के लिए रखते हैं। लेकिन फिर अगले 45 दिनों के भीतर बाकी सब हटा दिया जाता है।”

पिछले साल मार्च में, एक रिपोर्ट में कहा गया था कि सरकार खास समय के लिए देश के कई हिस्सों में सभी मोबाइल ग्राहकों के कॉल डेटा रिकॉर्ड मांग रही है। सरकार ने तब कहा था कि सरकार को “दूरसंचार नेटवर्क की सेवा की गुणवत्ता, कॉल ड्रॉप, इको, क्रॉस कनेक्शन या खराब कॉलर अनुभव” से संबंधित शिकायतें मिली थीं।

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