scriptgirls safety campaign- girls facing eve teasing in buses and train | #girlssafetycampaign- girls के लिए खास, अगर आप भी बस ट्रेन में अकेले सफर करने की सोच रही हैं तो पहले पढ़ें यह खबर | Patrika News

#girlssafetycampaign- girls के लिए खास, अगर आप भी बस ट्रेन में अकेले सफर करने की सोच रही हैं तो पहले पढ़ें यह खबर

घर से अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए ट्रेन और बसों में सफर करने वाली महिलाएं व युवतियां हर दिन मनचलों की नागवार हरकतों का शिकार होती हैं। उस पर मजबूरी यह कि रोज इन्हीं साधनों से आवाजाही के कारण न चाहते हुए भी खून का घूंट पीते हुए उनकी हरकतों को नजरअंदाज करना पड़ता है।

अजमेर

Published: June 08, 2017 12:26:28 pm

घर से अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए ट्रेन और बसों में सफर करने वाली महिलाएं व युवतियां हर दिन मनचलों की नागवार हरकतों का शिकार होती हैं। उस पर मजबूरी यह कि रोज इन्हीं साधनों से आवाजाही के कारण न चाहते हुए भी खून का घूंट पीते हुए उनकी हरकतों को नजरअंदाज करना पड़ता है।
eve teasing in public transport
eve teasing in public transport


अजमेर के कई सरकारी कॉलेजों में ग्रामीण क्षेत्रों से पढऩे आने वाली छात्राएं व डेली अप-डाउन करने वाली महिलाएं व युवतियां हर रोज मुश्किल हालातों का सामना करती हैं। महिलाओं से बातचीत में सामने आया कि बसों और ट्रेन से आने-जाने के दौरान हर दिन मनचलों की ओर से फब्तियां कसना, घूरना व अश्लील इशारें करना आम बात है। कई बार तो झपकी लग जाने पर मनचले बदनीयती से छूने की भी कोशिश करती हैं.

कब्जा लेते हैं महिला आरक्षित सीटें भी

हालात यह है कि बस, ट्रेन ,टैम्पो सिटी बस जैसे तमाम भीड़-भाड़ वाले आवागमन के साधनों में युवतियों व महिलाओं को महिला आरक्षित सीट नसीब होना तो दूर मनचलों की नागवार हरकतों का सामना भी करना पड़ता है। जैसे तैसे सीट मिल भी जाती है तो छेड़छाड़ का शिकार होना पड़ता है। यदि महिला या युवती अकेले सफर कर रहीं हो तो मनचलों के हौसले और बुलंद हो जाते हैं। 

भीड़-भाड़ में करते हैं छूने का प्रयास


बस से हर रोज सफर कर मांगलियावास जाने वाली शिक्षिका सुनीता यादव (बदला हुआ नाम) ने बताया कि स्कूल का समय सुबह का होने से घर से जल्दी निकलना पड़ता था। एेसे में कभी भीड़ बढऩे के साथ ही मजबूरी में पुरुषों के साथ सीट पर बैठना या खड़े होकर सफर करना ही पड़ता था। एेसे में कई बार कुछ शोहदे किस्म के लोग जेब से पर्स व मोबाइल फोन निकालने के बहाने छूने का प्रयास करते थे। जब उनको तमीज की हिदायत दी जाती तो कहते थे-क्या करें भीड़ में एेसा ही होता है। ऐसे में सब कुछ सहते हुए मजबूरन चुपचाप बैठना पड़ता था।

नहीं टोकते सहयात्री भी

अजमेर में रहकर एक कॉलेज से पोस्ट ग्रेजुएट कर रही भव्यता व हर्षिता (बदले हुए नाम) ने बताया कि वे हर शनिवार को बस से अपने घर जयपुर जाती थी। कुछ दिनों पहले जब वे दोनों बस से अजमेर लौट रही थी। इस दौरान उनके पास की सीट पर बैठा एक ग्रामीण युवक उन्हें घूरने के साथ ही अश्लील हरकतें कर रहा था। दोनों ने जब इसकी शिकायत बस कंडक्टर से की तो उसने उस युवक को कुछ कहने की बजाय उन्हें दूसरी सीट पर बैठा कर उस युवक को माफी मांगने के लिए कहा। लेकिन वो युवक माफी मांगने की बजाय मुस्कुराता रहा। बस में सवार किसी भी सहयात्री ने उसे उसकी हरकत के लिए कुछ नहीं कहा।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

नाइजीरिया के चर्च में कार्यक्रम के दौरान मची भगदड़ से 31 की मौत, कई घायल, मृतकों में ज्यादातर बच्चे शामिल'पीएम मोदी ने बनाया भारत को मजबूत, जवाहरलाल नेहरू से उनकी नहीं की जा सकती तुलना'- कर्नाटक के सीएम बसवराज बोम्मईमहाराष्ट्र में Omicron के B.A.4 वेरिएंट के 5 और B.A.5 के 3 मामले आए सामने, अलर्ट जारीAsia Cup Hockey 2022: सुपर 4 राउंड के अपने पहले मैच में भारत ने जापान को 2-1 से हरायाRBI की रिपोर्ट का दावा - 'आपके पास मौजूद कैश हो सकता है नकली'कुत्ता घुमाने वाले IAS दम्पती के बचाव में उतरीं मेनका गांधी, ट्रांसफर पर नाराजगी जताईDGCA ने इंडिगो पर लगाया 5 लाख रुपए का जुर्माना, विकलांग बच्चे को प्लेन में चढ़ने से रोका थापंजाबः राज्यसभा चुनाव के लिए AAP के प्रत्याशियों की घोषणा, दोनों को मिल चुका पद्म श्री अवार्ड
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.