scriptGujaratHighCourt issued notice to state government fake encounter case | गुजरात फेक एनकाउंटर मामले में हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को भेजा नोटिस | Patrika News

गुजरात फेक एनकाउंटर मामले में हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को भेजा नोटिस

गुजरात कोर्ट ने सुरेंद्रनगर में पिता और पुत्र के एनकाउंटर मामले में दायर याचिका पर राज्य सरकार और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी किया है।

नई दिल्ली

Updated: January 05, 2022 09:09:12 pm

खबर है कि गुजरात हाई कोर्ट ने सुरेंद्रनगर में पिता और पुत्र के एनकाउंटर मामले में दायर याचिका पर राज्य सरकार और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी किया है। याचिका में इस एनकाउंटर को फर्जी बताया गया है। दो माह पूर्व सुरेन्द्र नगर जिले में पुलिस ने हनीफ खान जाटमलिक और उसके नाबालिग बेटे मदीनखान जाटमलिक का एनकाउंटर किया था। पुलिस का कहना है कि हनीफखान पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। हनीफखान के बेटे सोहनबेन मलिक की ओर से दायर याचिका पर जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस आशुतोष शास्त्री की पीठ ने सुरेंद्र नगर के पुलिस अधीक्षक, गुजरात मानवाधिकार आयोग और बाजना पुलिस स्टेशन के सात अधिकारियों को भी नोटिस जारी किया। सभी को 18 जनवरी तक पेश होने को कहा गया है।
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Gujarat High Court
पुलिस का कहना था:
पुलिस का कहना था कि हनीफखान ने खुद को गिरफ्तारी से बचाने के लिए पुलिस टीम पर गोली चलाई थी। जवाबी कार्रवाई में वह और उसका बेटा मारा गया था। इससे पहले कोर्ट ने पुलिस को इस मामले की जांच के आदेश दिए थे। यह मामला काफी दिनों तक सुर्खियों में रहा था। इस पर खूब राजनीति भी हुई थी।

पहले भी लग चुके हैं पुलिस पर आरोप:
गौरतलब है कि इससे पहले भी गुजरात पुलिस के अधिकारियों पर सादिक जमाल, सोहराबुद्दीन, इशरत जहां आदि के एनकाउंटर मामले में भी आरोप लगे तथा कई पुलिस अधिकारियों को जेल जाना पड़ा था।

सबसे चर्चित मामला:
सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामला गुजरात का सबसे अधिक चर्चित केस था जिसका राजनीतिकरण भी हुआ। ‌मुंबई की कॉलेज छात्रा इशरत जहां की एनकाउंटर को लेकर भी गुजरात पुलिस लंबे समय तक केंद्रीय एजेंसियों के निशाने पर रही। हनीफ खान एक शातिर बदमाश तथा अपराधी था, उसके खिलाफ दर्जनों मुकदमे दर्ज थे तथा पांच दर्जन मामलों में उसे गिरफ्तार भी किया जा चुका था। उसकी पुत्री सुहाना ने अपने 16 वर्षीय भाई को निर्दोष बताते हुए इस याचिका में न्याय की मांग की है। उच्च न्यायालय ने जिला पुलिस को एफआइआर दर्ज कर जांच शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
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