24 मई 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मौसम विभाग की चेतावनी, भीषण गर्मी के चलते ओडिशा में दोपहर के समय श्रमिकों से काम कराने पर प्रतिबंध

Heatwave Alert: मौसम विभाग ने दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार में भीषण लू को लेकर अलर्ट जारी किया है। वहीं ओडिशा सरकार ने तेज गर्मी को देखते हुए दोपहर के समय मजदूरों से काम कराने पर रोक लगा दी है…

4 min read
Google source verification

भारत

image

Saurabh Mall

May 24, 2026

India heatwave alert

मौसम विभाग की चेतावनी (AI जनरेटेड इमेज)

IMD Heatwave Warning: देशभर में गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। कई राज्यों में तापमान लगातार बढ़ रहा है…दोपहर में बाहर निकलना खतरे से खाली नहीं माना जा रहा। इसी के चलते मौसम विभाग ने दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार में भीषण लू को लेकर अलर्ट जारी किया है। वहीं ओडिशा सरकार ने तेज गर्मी को देखते हुए दोपहर के समय मजदूरों से काम कराने पर रोक लगा दी है ताकि लोगों को हीट स्ट्रोक से बचाया जा सके। दूसरी तरफ असम, मेघालय, केरल और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में उमस भरी गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। इसी बीच 25 मई से शुरू हो रहे नौतपा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है, क्योंकि इस दौरान गर्मी अपने सबसे खतरनाक स्तर पर पहुंच जाती है।

उत्तर प्रदेश पानी किल्लत

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के पथरीले इलाके के बारा तहसील क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच जल संकट लगातार गहराता जा रहा है। खासकर शंकरगढ़, कौंधियारा, लालापुर और बारा इलाके में बने अमृत सरोवर तालाब पूरी तरह सूख चुके हैं। लाखों रुपये की लागत से बनाए गए इन अमृत सरोवरों में आज पानी की एक बूंद भी दिखाई नहीं दे रही है।

सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत तैयार किए गए तालाबों का उद्देश्य जल संरक्षण, भूजल स्तर बढ़ाना तथा ग्रामीणों, किसानों और पशु-पक्षियों को पानी उपलब्ध कराना था, लेकिन वर्तमान स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है।ग्रामीण बोले अमृत सरोवर बनने के समय प्रशासन द्वारा दावा किया गया था कि इन तालाबों से गांवों में जल संकट दूर होगा।

गर्मी के मौसम में पशुओं को पानी मिलेगा और किसानों को सिंचाई में भी सहूलियत होगी। लेकिन जैसे-जैसे गर्मी बढ़ी, वैसे-वैसे तालाबों का पानी पूरी तरह समाप्त हो गया। कई तालाबों में दरारें तक पड़ चुकी हैं।शंकरगढ़ क्षेत्र के ग्रामीणों ने बताया कि पहले गांवों के पुराने तालाब और कुएं गर्मियों में भी कुछ हद तक पानी बचाए रखते थे, लेकिन अब हालात इतने खराब हो गए हैं कि तालाब पूरी तरह सूख गए हैं। पशु-पक्षी पानी की तलाश में इधर-उधर भटक रहे हैं। मवेशियों को दूर-दूर तक ले जाकर पानी पिलाना पड़ रहा है, जिससे ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई है।

वही कौंधियारा और लालापुर क्षेत्र में भी स्थिति कम गंभीर नहीं है। यहां दर्जनों अमृत सरोवर खाली पड़े हुए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि तालाबों के रखरखाव और जल संरक्षण की दिशा में कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया।कई जगहों पर तालाबों की सफाई तक नहीं हुई, जिससे बारिश का पानी भी पर्याप्त मात्रा में संरक्षित नहीं हो पाया। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते उचित व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले दिनों में पेयजल संकट और गहरा सकता है।भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते जल संकट के बीच सूखे पड़े अमृत सरोवर अब सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत को भी उजागर कर रहे हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान देगा और राहत पहुंचाने का काम करेगा।

भीषण गर्मी के चलते ओडिशा में दोपहर के समय श्रमिकों से काम कराने पर प्रतिबंध

ओडिशा में भीषण गर्मी के प्रकोप को देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने एक निर्देश जारी कर सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच श्रमिकों से खुले में काम कराने पर पूरी तरह रोक लगा दी है।

विभाग के रविवार को जारी निर्देश में लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ, मुख्य निर्माण इंजीनियरों और विभिन्न क्षेत्रों के अधीक्षण इंजीनियरों को निर्माण स्थलों पर इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। राज्य सरकार ने पहले भी गर्मियों के भीषण मौसम को देखते हुए दोपहर के सबसे गर्म समय में श्रमिकों को सीधे धूप में काम पर लगाने पर प्रतिबंध लगा दिया था। हालांकि, कुछ स्थानों पर इस आदेश के उल्लंघन की मीडिया रिपोर्टों के बाद विभाग को इन निर्देशों को दोबारा दोहराना पड़ा है।

इसके अलावा, विभाग ने सभी ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों को प्रतिबंधित घंटों के दौरान काम तुरंत रोकने और कार्यस्थलों पर श्रमिकों के लिए बुनियादी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इन उपायों में छांव वाले विश्राम गृह, पर्याप्त पेयजल और प्राथमिक चिकित्सा सुविधाओं का प्रावधान शामिल है। क्षेत्र स्तर के अधिकारियों को भी सतर्क रहने और ठेकेदारों व श्रमिकों को जागरूक करने का निर्देश दिया गया है, ताकि इस भीषण गर्मी के दौरान स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों और किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

पंजाब-चंडीगढ़ में गर्म हवाएं चलने की चेतावनी

पंजाब और चंडीगढ़ में भीषण गर्मी को लेकर मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक गर्म हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। शनिवार से लू का असर शुरू हो गया है, जबकि 25 से 27 मई तक कई जिलों में तेज गर्म हवाएं चलने के आसार जताये गये हैं। मौसम विभाग के अनुसार तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।

इसके बाद 28 और 29 मई को मौसम बदलने के आसार हैं। विभाग ने गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। गर्मी के बढ़ते असर को देखते हुए पंजाब सरकार ने सरकारी दफ्तरों के समय में बदलाव किया है।

चंडीगढ़ प्रशासन ने एहतियात के तौर पर शहर के सभी स्कूलों को 30 जून तक बंद रखने का फैसला लिया है। इसके साथ ही स्कूलों में चल रहे समर कैंपों में आउटडोर गतिविधियों पर रोक लगा दी गयी है।

चंडीगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग (सीसीपीआर) ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि बच्चों को केवल ठंडे और सुरक्षित वातावरण में ही गतिविधियों में शामिल किया जाए, ताकि हीटवेव से बचाव सुनिश्चित किया जा सके।

मध्यप्रदेश में आंधी-बारिश के बीच गर्मी बरकरार, कई जिलों में लू जैसे हालात

मध्यप्रदेश में मौसम ने दोहरे तेवर दिखाए हैं। एक ओर प्रदेश के कई जिलों में आंधी-तूफान और हल्की बारिश दर्ज की गई, वहीं दूसरी ओर कई शहरों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहा। मौसम विभाग के अनुसार 24 मई सुबह 08:30 बजे तक पिछले 24 घंटे में भिंड और मुरैना जिलों में आंधी-तूफान की सूचना दर्ज की गई। वहीं मुरैना, श्योपुरकलां, ग्वालियर और भिंड जिलों में कहीं-कहीं वर्षा भी हुई।

वही दोपहर बाद मौसम में बदलाव के संकेत मिले, लेकिन गर्मी का असर कम नहीं हुआ। शाम 5:30 बजे जारी मौसम अवलोकन के अनुसार प्रदेश के कई शहरों में अधिकतम तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।
प्रदेश में सबसे अधिक तापमान नौगांव में 45.6°C दर्ज किया गया, जबकि खजुराहो 45.2°C, टीकमगढ़ 45.0°C, गुना 44.8°C, ग्वालियर 44.6°C और भोपाल 43.3°C रहा। राजधानी भोपाल में दिनभर तेज धूप और उमस का असर देखने को मिला।
मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसम प्रणाली के प्रभाव से उत्तर और उत्तर-पश्चिम मध्यप्रदेश के कुछ जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान तेज आंधी, गरज-चमक और हल्की बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। हालांकि अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी और लू जैसे हालात बने रहने की संभावना है। लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और गर्मी से सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

बड़ी खबरें

View All

राष्ट्रीय

ट्रेंडिंग