scriptIndia's water policy on 16 17 February all states Principal Secretaries of Jal Shakti Department of will come in lucknow | जल से निकलेगा हल: 16, 17 फरवरी को भारत का जल नीति मंथन, दिग्गज रणनीतिकारों का महाकुंभ लखनऊ में | Patrika News

जल से निकलेगा हल: 16, 17 फरवरी को भारत का जल नीति मंथन, दिग्गज रणनीतिकारों का महाकुंभ लखनऊ में

locationलखनऊPublished: Feb 13, 2024 08:22:58 am

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anurag mishra

सभी प्रदेशों के जलशक्ति विभाग के प्रमुख सचिव भी यूपी आएँगे।

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अनुराग मिश्रा। लखनऊ: देश के बड़े जल नीतिकारों का महासम्मेलन उत्तर प्रदेश में होने जा रहा है। देश के सभी प्रदेशों के जलशक्ति विभाग के प्रमुख सचिव और निदेशक अपने- अपने प्रदेशों में जल संरक्षण और सदुपयोग को लेकर किए जा रहे कामों के बारे में चर्चा करेंगे। इस चर्चा के दौरान जीवनस्रोत जल के संरक्षण के लिए नीति तैयार की जाएगी, जिससे ताकि आने वाली पीढ़ियों को साफ जल मिले और जल का भंडार अक्षय रहे।
केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय की सचिव विनी महाजन की अध्यक्षता में हो रहे इस महासम्मेलन में यूपी सरकार भी घर तक नल से जल पहुंचाने की प्रक्रिया और उसके प्रबंधन के बारे में अपना प्रेंटेशन देगी। जल जीवन मिशन में देशभर के प्रदेशों में उत्तर प्रदेश की भूमिका अग्रणी रही है। यही वजह है कि यूपी सरकार की अगुआई में इस बार देश के सबसे बड़े जल सम्मेलन की मेजबानी का अवसर उत्तर प्रदेश को दिया गया है।
स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन पर होगी चर्चा
16 और 17 फरवरी को अलग-अलग विषयों पर जलशक्ति विभाग की नीति निर्धारक अपने विचार रखेंगे। वो बताएंगे कि जल जीवन मिशन के तहत उन्होंने अपने-अपने प्रदेश में क्या किया है। इसके अलावा परियोजनाओं को जमीन पर उतारने के दौरान जो चुनौतियां सामने आईं, उन पर भी बात होगी। बातचीत का यह सिलसिला 17 फरवरी को भी जारी रहेगा। इस चर्चा के बाद जल संरक्षण, जल वितरण और इससे जुड़ी नीतियों पर आम राय बन सकती है, जिसे पूरे देश में लागू किया जाएगा। यूपी में होने जा रही इस जुटान की एक और खास बात यह है कि इस बार इसके साथ स्वच्छ भारत मिशन की भी चर्चा होगी। विशेषज्ञ स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन को एक साथ रखकर इसके विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करेंगे।
up_jal_shakti_department__1.jpgसात थीम पर केंद्रित रहेगी चर्चा
जलशक्ति विभाग द्वारा आयोजित समारोह में चर्चा के लिए सात थीम तय की गई है। पहले दिन उद्घाटन के बाद-
1. वॉश यानी, वॉटर, सेनिटेशन और हाइजीन पर चर्चा होगी। सभी प्रदेशों के ब्यूरोक्रेट्स और इन विभागों से जुड़े दूसरे अधिकारी इन विषयों पर बातचीत के रास्ते किसी नीति की तरफ बढ़ेगे।
2. जबकि परिचर्चा के दौरान एक सत्र केवल इस दिशा में किए गए बेहतर कामों को साझा करने के लिए आरक्षित रखा गया है। इससे अभिनव प्रयोगों के बारे में लोग एक दूसरे के बारे में जान सकेंगे। बेहतर कामों को दूसरी जगहों पर भी लागू करने की राह इसी सत्र से खुलेगी।
3. जल जीवन मिशन की चुनौतियों और इसके स्थायित्व पर चर्चा करने के लिए भी एक अलग सत्र रखा गया है।

4. घरों तक नल से जल पहुंचाने के चुनौतीपूर्ण काम के बाद इसे बरकरार रखना भी चुनौती होगी। इस पर बातचीत ऑपरेशन एंड मेंटीनेंस के लिए आयोजित सत्र में की जाएगी।
5. जल जीवन मिशन का महत्वपूर्ण काम लोगों को कुशल बनाना भी है। इस मिशन के तहत किस क्षेत्र में लोगों की कुशलता को विकसित किया जाएगा, जिससे उनके लिए रोजगार के साधन तो खुलेंगे ही योजना की सफलता भी उसी पर निर्भर करेगी। इसके लिए कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन सत्र रखा गया है।
6. जनता के फीडबैक और उनकी समस्याओं का फौरी समाधान कैसे होगा, इस पर चर्चा सत्र के दूसरे दिन की जाएगी।

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