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BrahMos Supersonic Cruise Missile: भारतीय नौसेना ने किया ब्रह्मोस सुपरसोनिक का सफल परीक्षण, समुद्र में भी कांपेंगे दुश्मन

BrahMos Supersonic Cruise Missile भारतीय नौसेना के हथियारों के बेड़े में एक और हथियार जुड़ गया है। ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल को डीआरडीओ ने विकसित किया है। इस मिसाइल की रेंज हाल ही में 298 किमी से बढ़ाकर 450 किमी की गई थी।

नई दिल्ली

Published: January 11, 2022 03:56:52 pm

नई दिल्ली। भारत लगातार अपना सैन्य शक्ति में इजाफा कर रहा है। जमीन से आसमान और समुद्र में भी दुश्मनों के दांत खट्टे करे के लिए स्वदेशी हथियारों का निर्माण किया जा रहा है। इस बीच मंगलवार को भी देश को बड़ी कामयाबी मिली है। भारतीय नौसेना ( Indian Navy ) ने सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइल ( BrahMos Supersonic Cruise Missile ) का सफल परीक्षण किया है। पश्चिम तट पर तैनात नौसेना के लड़ाकू युद्धपोत INS विशाखापत्तनम से ब्रह्मोस मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया है। दरअसल ये मिसाइल का समुद्र से समुद्र में मार करने वाला वैरिएंट था। इस मिसाइल ने अधिकतम रेंज और सटीकता के साथ लक्ष्य वाले जहाज पर हमला किया।
Indian Navy Successfully Testfired BrahMos Supersonic Cruise Missile from INS Vishakhapatnam
पूरी तरह स्वदेसी मिसाइल
भारतीय नौसेना के हथियारों के बेड़े में एक और हथियार जुड़ गया है। ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल को डीआरडीओ ने विकसित किया है। इस मिसाइल की रेंज हाल ही में 298 किमी से बढ़ाकर 450 किमी की गई थी।
कम दूरी की ये रैमजेट, सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल विश्व में अपनी श्रेणी में सबसे तेज गति वाली मिसाइल बताई जा रही है। इसे पनडुब्बी, पानी के जहाज, विमान से या जमीन से भी दुश्मन को टारगेट कर दागा जा सकता है।
बता दें कि ये सुपरसोनिक मिसाइल रूस की पी-800 ओंकिस क्रूज मिसाइल की प्रौद्योगिकी पर आधारित है। इस मिसाइल को भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना को सौंपा जा चुका है।


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ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल की खासियत
- ब्रह्मोस मिसाइल को देश में ही विकसित किया गया है
- ये रूस और भारत का संयुक्‍त प्रोजेक्‍ट है
- इसमें Brah का मतलब है 'ब्रह्मपुत्र' और Mos का मतलब 'मोस्‍कवा'
- इस मिसाइल की गिनती 21वीं सदी की सबसे खतरनाक मिसाइलों में की जाती है
- ब्रह्मोस में रैमजेट इंजन लगा है, जो इसकी गति को बढ़ाने में कारगर है इसके साथ ही सटीकता और ज्यादा घातक बनाती है
- ब्रह्मोस मिसाइल मैक 3.5 यानी 4,300 किलोमीटर प्रतिघंटा की अधिकतम रफ्तार से उड़ सकती है
- दुश्‍मन के राडार की पकड़ दूर रहने में सक्षम
- इस मिसाइल को भविष्य में मिग-29, तेजस के साथ रफाल में भी तैनात करने की तैयारी
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'प्रलय' भी है खास


बता दें कि हाल में भारतीय नौसेना ने रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन यानी डीआरडीओ की ओर से तैयार प्रलय मिसाइल का भी सफल परीक्षण किया था। इस छोटी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल को लगातार दो दिन तक परीक्षण किया गया। 22 दिसंबर को ओडिशा के तट से एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से इसका पहला सफल परीक्षण किया गया था। दूसरी बार भी यहीं से 23 दिसंबर को भी टेस्ट किया गया था।

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