scriptInternational Labour Day 2022 Date History Significance | International Labour Day 2022: दुनिया भर में 1 मई को ही क्यों मनाया जाता है मजदूर दिवस | Patrika News

International Labour Day 2022: दुनिया भर में 1 मई को ही क्यों मनाया जाता है मजदूर दिवस

पूरी दुनिया में 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया जाता है। लेकिन क्या आपको पता है कि 1 मई को ही क्यों दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया जाता है अगर नहीं तो कोई बात नहीं इस आर्टिकल में हम आपको बताने जा रहे हैं।

नई दिल्ली

Updated: May 01, 2022 03:39:38 pm

International Labour Day 2022: अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस अन्य सामान्य दिवसों की तरह ही है लेकिन इसमें एक शब्द छुपा हुआ है 'मजदूर' हमारे समाज में मजदूर शब्द को लेकर आम धारणा यह बनी हुई है वह कठिन काम करता है, बोझ ढोता है और वह गरीब है। लेकिन अगर आप इसका वास्तविक अर्थ समझेंगे तो असल में मजदूर ऐसा नहीं है मजदूर हर वह आदमी है जो किसी काम के बदले पराश्रमिक या मेहनताना प्राप्त करता है। इसके अलावा एक मजदूर समाज को मजबूत और परिपक्व बनाता है फिर चाहे वह छोटा मोटा काम करने वाला मिस्त्री हो या बड़े से बड़ा बहुराष्ट्रीय कंपनी में काम करने वाला सीईओ।

मजदूर किसी संस्था या संगठन की वह इकाई है जो अपनी मानसिक और शारीरिक मेहनत के बदले मेहनताना, परिश्रमिक या दिहाड़ी लेता है। वे सभी मजदूर है। फिर वह कोई भी छोटा मोटा काम करने वाला इंसान हो या बड़े से बड़ा काम करने वाला कोई भी अन्य व्यक्ति जो भी मेहनत के बदले पैसे लेता है वे सभी मजदूर हैं।
1021.jpg
दुनिया भर में 1 मई को ही क्यों मनाया जाता है मजदूर दिवस
अब हम अपने मुख्य मुद्दे पर आते हैं कि आखिर 1 मई को ही क्यों अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया जाता है? इसे जानने के लिए हमें इतिहास में लगभग 125 साल पीछे जाना होगा

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि अमेरिका, यूरोप विकसित देश हैं। अब जब लोग विकसित होंगे वहां पर उद्योग, धंधे भी लगेंगे, फलस्वरूप वहां मजदूरों की आवश्यकता भी पड़ेगी। लेकिन उस दौर में मजदूरों से 15 से 20 घंटे काम लिया जाता था। जिसके बदले में उन्हें बहुत ही कम ज्यादा मेहनताना दिया जाता था। इसी को लेकर 1 मई 1886 को अमेरिका के मजदूर संघ ने हड़ताल की घोषणा की और अमेरिका की सड़कों पर उक्त मुद्दे को लेकर आंदोलन करने लग गए।
अमेरिका के शिकागो पर यह आंदोलन उग्र रूप ले चुका था और सैकड़ों की संख्या में मजदूर वर्ग के लोग इससे जुड़ चुके थे और मजदूर संघ की मांग थी कि काम के घंटे 8 घंटे ही होने चाहिए, इससे ज्यादा काम करवाना बेगार है। लेकिन इसी दौरान शिकागो में एक बम धमाका हो गया और कुछ जगह गोली चल गई जिसके कारण 100 से ज्यादा मजदूर लोग मारे गए।

यह अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस इन्हीं शहीद हुए 100 लोगों की याद में पूरे विश्व भर में मनाया जाता है। आपको बता दें 1 मई 1886 में शुरू हुए इस आंदोलन के बाद 1889 अंतरराष्ट्रीय समाजवादी सम्मेलन की बैठक हुई और इस बैठक में फैसला लिया गया कि मजदूर केवल 8 घंटे ही काम करेंगे। इसके अलावा 1 मई को मजदूर दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा गया। इसके अलावा इसे मई दिवस के नाम से भी जाना जाता है। तो अब आप समझ ही गए होंगे कि अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस 1 मई को क्यों मनाया जाता है।
भारत के परिपेक्ष में बात करें तो इसकी शुरुआत भारत में 1 मई 1930 को हुई थी। भारत में से सबसे पहले भारत लेबर किसान पार्टी ने मद्रास में एक दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया था (मद्रास का नाम अब चेन्नई हो चुका है।)

यह भी पढ़ें

International Labour Day 2022: जिसके कंधों पर है देश की प्रगति, उसे रोजी-रोटी के लिए क्यों करना पड़ रहा है विरोध, हड़ताल और मार्च?

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

17 जनवरी 2023 तक 4 राशियों पर रहेगी 'शनि' की कृपा दृष्टि, जानें क्या मिलेगा लाभज्योतिष अनुसार घर में इस यंत्र को लगाने से व्यापार-नौकरी में जबरदस्त तरक्की मिलने की है मान्यतासूर्य-मंगल बैक-टू-बैक बदलेंगे राशि, जानें किन राशि वालों की होगी चांदी ही चांदीससुराल को स्वर्ग बनाकर रखती हैं इन 3 नाम वाली लड़कियां, मां लक्ष्मी का मानी जाती हैं रूपबंद हो गए 1, 2, 5 और 10 रुपए के सिक्के, लोग परेशान, अब क्या करें'दिलजले' के लिए अजय देवगन नहीं ये थे पहली पसंद, एक्टर ने दाढ़ी कटवाने की शर्त पर छोड़ी थी फिल्ममेष से मीन तक ये 4 राशियां होती हैं सबसे भाग्यशाली, जानें इनके बारे में खास बातेंरत्न ज्योतिष: इस लग्न या राशि के लोगों के लिए वरदान साबित होता है मोती रत्न, चमक उठती है किस्मत

बड़ी खबरें

भारत में पेट्रोल अमेरिका, चीन, पाकिस्तान और श्रीलंका से भी महंगामुस्लिम पक्षकार क्यों चाहते हैं 1991 एक्ट को लागू कराना, क्या कनेक्शन है काशी की ज्ञानवापी मस्जिद और शिवलिंग...योगी की राह पर दक्षिण के बोम्मई, इस कानून को लागू करने वाला नौवां राज्य बना कर्नाटकSri Lanka Crisis: राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे की बची कुर्सी, अविश्वास प्रस्ताव हुआ खारिज900 छक्के, IPL 2022 में रचा गया इतिहास, बल्लेबाजों ने 15वें सीजन में बनाया ऐतिहासिक रिकॉर्डIPL 2022 : 65वें मैच के बाद हुआ बड़ा उलटफेर ऑरेंज कैप पर बटलर नंबर- 1 पर कायम, पर्पल कैप में उमरान मलिक ने लगाई छलांगज्ञानवापी मामले में काशी से दिल्ली तक सुनवाई: शिवलिंग की जगह सुरक्षित की जाए, नमाज में कोई बाधा न होभाजपा के पूर्व सांसद व अजजा आयोग के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष के इस पोस्ट से मचा बवाल
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.