scriptJK delimitation order final: Govt to Supreme Court | Jammu-Kashmir: परिसीमन के खिलाफ लगी याचिका, सुप्रीम कोर्ट को केंद्र का जवाब- 'ऑर्डर फाइनल है, हस्तक्षेप की गुंजाइश नहीं' | Patrika News

Jammu-Kashmir: परिसीमन के खिलाफ लगी याचिका, सुप्रीम कोर्ट को केंद्र का जवाब- 'ऑर्डर फाइनल है, हस्तक्षेप की गुंजाइश नहीं'

J&K Delimitation: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में परिसीमन आयोग के ऑर्डर को लेकर अपना जवाब पेश किया है और कहा है कि एक बार गैजेट में छपने के बाद परीसीमन फाइनल है। ऐसे में न्यायायिक हस्तक्षेप की कोई गुंजाइश नहीं है।

Published: September 12, 2022 08:38:18 am

जम्मू कश्मीर में परिसीमन आयोग के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा था। इसके बाद सरकार ने अपने जवाब में सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जम्मू-कश्मीर में चुनाव क्षेत्रों को फिर से तैयार करने और विधानसभा सीटों की संख्या 83 से बढ़ाकर 90 करने का परिसीमन आयोग का ऑर्डर फाइनल है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि अब इस मामले में न्यायायिक हस्तक्षेप की कोई गुंजाइश नहीं है। इस संबंध में गृह मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा पेश किया है।
J&K delimitation order final: Govt to Supreme Court
J&K delimitation order final: Govt to Supreme Court

केंद्र सरकार ने कोर्ट ममें दायर किया हलफनामा


गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा दायर किये गए हलफनामे के अनुसार, 'परिसीमन एक्ट 2002 से स्पष्ट है कि एक बार आयोग का आदेश यूनियन गैजेट में प्रकाशित कर दिया जाए और अमल में ले लिया जाए तो इसकी वैधता चेक करने के लिए किसी भी तरह की कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं की जा सकती है।'

इस हलफनामे में कहा गया है कि 'परिसीमन एक्ट 2002 की धारा 10 (2) भारत के राजपत्र में प्रकाशित होने के बाद परिसीमन आयोग के आदेशों को चुनौती देती है।'
यह भी पढ़ें

केंद्र लाएगा नई सहकारिता नीति : शाह

कोर्ट ने याचिका खारिज करने की मांग की


दरअसल, श्रीनगर निवासी हाजी अब्दुल गनी खान द्वारा वकील श्रीराम पी के माध्यम से दायर याचिका में परिसीमन आयोग के राज्य में पुनर्निर्धारण के आदेश को चुनौती दी गई थी। इसमें विभिन्न आधारों पर 2020, 2021 और 2022 में जारी नोटिफिकेशन के संदर्भ में किए गए परिसीमन अभ्यास की वैधता पर सवाल उठाए गए थे। केंद्र सरकार ने केंद्र सरकार के हलफनामें में खान की याचिका को रद्द करने के लिए भी कहा है। केंद्र ने कहा कि "यदि कोर्ट वर्तमान याचिका को प्राथमिकता देता है तो इससे एक विषम स्थिति पैदा होगी। परिसीमन आयोग के आदेश को फाइनल करके भारत के राजपत्र में प्रकाशित किया गया है और इससे वो आदेश निष्फल हो जाएंगे। ये संविधान के अनुच्छेद 329 का उल्लंघन है जो चुनावी मामलों में कोर्ट के हस्तक्षेप की अनुमति नहीं देता है।

यह भी पढ़ें

CAA सहित 220 जनहित याचिकाओं पर आज सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

सबसे लोकप्रिय

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

Weather Update: राजस्थान में बारिश को लेकर मौसम विभाग का आया लेटेस्ट अपडेट, पढ़ें खबरTata Blackbird मचाएगी बाजार में धूम! एडवांस फीचर्स के चलते Creta को मिलेगी बड़ी टक्करजयपुर के करीब गांव में सात दिन से सो भी नहीं पा रहे ग्रामीण, रात भर जागकर दे रहे पहरासातवीं के छात्रों ने चिट्ठी में लिखा अपना दुःख, प्रिंसिपल से कहा लड़कियां class में करती हैं ऐसी हरकतेंनए रंग में पेश हुई Maruti की ये 28Km माइलेज़ देने वाली SUV, अगले महीने भारत में होगी लॉन्चGanesh Chaturthi 2022: गणेश चतुर्थी पर गणपति जी की मूर्ति स्थापना का सबसे शुभ मुहूर्त यहां देखेंJaipur में सनकी आशिक ने कर दी बड़ी वारदात, लड़की थाने पहुंची और सुनाई हैरान करने वाली कहानीOptical Illusion: उल्लुओं के बीच में छुपी है एक बिल्ली, आपकी नजर है तेज तो 20 सेकंड में ढूंढकर दिखाये

बड़ी खबरें

'आज भी TMC के 21 विधायक संपर्क में, बस इंतजार करिए', मिथुन चक्रवर्ती ने दोहराया अपना दावाVideo: महबूबा मुफ्ती ने किया Pakistan PM का समर्थन, जम्मू कश्मीर के मुद्दे पर दिया ये बयान'PFI पर कार्रवाई करने में इतना वक्त क्यों लगा?', प्रियंका चतुर्वेदी ने कश्मीर को लेकर PM मोदी पर साधा निशाना2 खिलाड़ी जिनका करियर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बीच सीरीज में हुआ खत्म, रोहित शर्मा नहीं देंगे मौका!चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग हुए हाउस अरेस्ट! बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी के Tweet से मचा हड़कंपयुवाओं को लश्कर-ए-तैयबा और ISIS में शामिल होने को उकसा रहा था PFI, ग्लोबल फंडिंग के सबूतअंकिता हत्याकांड : जांच के लिए गठित की गई SIT, CM ने कहा- "चाहे कोई भी हो, अपराधियों को नहीं बख्शा जाएगा"अंकिता भंडारी मर्डर केसः 7 दिन बाद मिली लाश, BJP नेता के बेटे पर देह व्यापार का आरोप, जानिए अब तक की 10 बड़ी बातें
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.