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चुनाव में खिसकी ज़मीन, फिर बसपा की निगाह ‘आकाश’ पर…राहुल- अखिलेश के साथ मिलकर UP में करेंगे धमाल!

डेढ़ महीने में ‘अपरिपक्व’ से कितने परिपक्व हो गये आकाश!

राहुल-अखिलेश के साथ मिलकर UP में उलटफेर करेंगे मायावती के आकाश !!

नई दिल्लीJun 23, 2024 / 11:31 pm

anurag mishra

Mayawati's nephew Akash Anand will contest by elections in UP with Rahul Akhilesh Aganist
अनुराग मिश्रा। नई दिल्ली: 2024 लोक सभा चुनाव में करारी हार, बड़े पैमाने पर खिसकता जनाधार ने बहुजन समाज पार्टी को झकझोर दिया। कार्यकर्ताओं का टूटता मनोबल और कभी बहुजन और फिर सर्वजन हिताय की बात करने वाली मायावती की ढलती उम्र घटती ताक़त से एक दशक से ज़्यादा समय से सत्ता से दूर बहुजन समाज पार्टी में फिर से कुलबुलाहट शुरू हो गई है।
बहुजन समाज पार्टी ने खोई ताकत हासिल करने के लिए भतीजे आकाश आनंद पर दोबारा नज़रें गड़ा दी है। दोबारा बहुजन समाज पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक बना दिया।

लोकसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी को आतंकवादी पार्टी कहने पर मायावती ने बिफर कर, आकाश आनंद को अपरिपक्व क़रार देते हुए हटा दिया था। हालाँकि चुनावों में आकाश के तेवरों से बहुजन समाज पार्टी का कार्यकर्ता बेहद उत्साहित था।
डेढ़ महीने के अंदर आकाश आनंद अपरिपक्व से कितने ज़्यादा परिपक्व हो गए हैं ये कहना तो मुश्किल है लेकिन करारी हार का दंश झेल रही पार्टी की डूबती नैया के लिए बस यही सहारा नज़र आ रहा है।
Mayawati's nephew Akash will contest by elections in UP with Rahul Akhilesh Aganist
अखिलेश यादव और राहुल गांधी के साथ साथ राजनीति में युवा चेहरों का वर्चस्व दिख रहा है। ऐसे में बसपा भी अपने घटते जनाधार वापस पाने के लिए युवाओं के बीच पैठ ज़माने के लिए आकाश आनंद पर भरोसा करने जा रही है।
सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक़ 2027 में आकाश आनंद अगर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस गठजोड़ के साथ हाथ मिलाते हैं तो कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए।

बहुजन समाज पार्टी के क़रीबी माने जाने वाले नेता और अफ़सर एक एक करके भारतीय जनता पार्टी के साथ जुड़ते चले गए आकाश और मायावती के भतीजे आनंद सभी नेताओं और बसपा की मानसिकता वाले अफ़सरों के बीच में समन्वय का काम करते थे।
बहुजन समाज पार्टी पर चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की B टीम होने का भी आरोप लगा था। वाराणसी में भी बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार की वजह से इंडिया गठबंधन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पीछे रह गया हक़ीक़त ये भी है कि 16 सीटों पर मायावती की वजह से इंडिया गठबंधन उत्तर प्रदेश में चुनाव हार गया।
लेकिन इसका खामियाजा उसे अपने 19 फ़ीसदी वोटों में से 9 फ़ीसदी वोटों की भारी कमी की क़ीमत देकर चुकाना पड़ा। बसपा की बुरी दुर्गति हुई थी और उसका खाता भी नहीं खुल सका राजनीतिक जानकारों के मुताबिक़ ये नौ फ़ीसदी वोट कांग्रेस भाजपा और कुछ समाजवादी पार्टी में शिफ़्ट हुए थे।

चंद्रशेखर रावण ने बसपा के गढ़ में ही दी मात

बहुजन समाज पार्टी का गढ़ माना जाने वाला नगीना भी इस बार हाथ से निकल गया। यहाँ से मायावती के विकल्प के तौर पर उभर रहे आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के चंद्रशेखर आजाद रावण ने 1 लाख 51 हजार वोटों से जीत हासिल की अपने घर में ही बहुजन समाज पार्टी के सुरेंद्र पाल सिंह 13,272 वोट लेकर चौथे स्थान पर रहे।
चुनावों के परिणाम आने के बाद मायावती ने अपने सभी कोआर्डिनेटर के साथ आठ राउंड बैठक की जिसके बाद 227 विधानसभा चुनावों के लिए पूरी तरह से कमर कसने को कहा गया। सभी कोआर्डिनेटर में अब पार्टी के लिए किसी युवा चेहरे की आवश्यकता पर बल दिया।

बसपा के आकाश

राजनीति में आकाश आनंद की शुरुआत नेशनल कॉर्डिनेटर के पद से हुई थी।
10 दिसंबर 2023 को उन्हें मायावती ने अपना उत्तराधिकारी बना दिया था।

  • 7 मई 2024 को मायावती ने आकाश आनंद को ना सिर्फ़ नेशनल कॉर्डिनेटर के पद से, बल्कि उत्तराधिकारी के पद से भी हटा दिया।

एक दशक में बेहद कमज़ोर हुई बहुजन समाज पार्टी, 2024 में वोट बैंक में भी भारी गिरावट


2014 के लोकसभा चुनाव में बीएसपी का खाता नहीं खुला था, लेकिन विधानसभा में बसपा के 19 विधायक थे।
2019 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के गठबंधन के साथ बसपा ने लोकसभा की दस सीटें जीत लीं।
2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में बसपा का सिर्फ़ एक विधायक चुनाव जीता।
2024 में लोकसभा में बसपा कोई सीट ना जीत सकी।

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