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पिक्चर अभी बाकी है… मोदी कैबिनेट में होने वाली है धर्मेन्द्र प्रधान की वापसी!

Modi Cabinet Reshuffle: मोदी कैबिनेट में इसी महीने फेरबदल की अटकलें तेज हैं। सूत्रों के मुताबिक धर्मेंद्र प्रधान की सरकार में वापसी हो सकती है, जबकि कुछ मंत्रियों के विभाग बदले जा सकते हैं और नए चेहरों को भी जिम्मेदारी मिल सकती है। यूपी चुनाव को देखते हुए ब्रजेश पाठक या केशव प्रसाद मौर्य को केंद्र में बड़ी भूमिका मिलने की चर्चा है।
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Dharmendra Pradhan resignation

Dharmendra Pradhan : धर्मेंद्र प्रधान ने दो बार दिया इस्तीफे का प्रस्ताव, दोनों बार ठुकराया गया, फिर बदले हालात (फोटो सोर्स: ANI)

Dharmendra Pradhan Modi Cabinet Reshuffle: सीजेपी प्रोटेस्ट के चलते धर्मेन्द्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था, लेकिन ये उनके राजनीतिक करियर पर फुलस्टॉप बिल्कुल नहीं है और ऐसा भी नहीं है कि मोदी सरकार में धर्मेन्द्र साइडलाइन हो गए हैं। सूत्र बताते हैं कि प्रधान की मोदी कैबिनेट में वापसी संभव है। भाजपा ने संगठन स्तर पर कई बदलाव किए हैं। पार्टी प्रेसिडेंट नितिन नबीन की नई टीम घोषित हुई है। अब केन्द्रीय कैबिनेट में बदलाव की तैयारी चल रही है। कई मंत्रियों को नई जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है, कुछ का भार कम हो सकता है और कुछ नए चेहरों को भी जगह मिल सकती है। माना जा रहा है कि धर्मेन्द्र प्रधान की वापसी की स्क्रिप्ट लिखी जा चुकी है, बस उसे सार्वजनिक करना बाकी है।

कौनसा मंत्रालय मिलेगा?

पार्टी सूत्रों का कहना है कि इसी महीने यानी अगस्त खत्म होते-होते मोदी कैबिनेट में फेरबदल की खबर सामने आ सकती है। धर्मेन्द्र प्रधान की वापसी इसलिए तय मानी जा रही है, क्योंकि शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद भी उन्हें संसद भवन में किरेन रिजिजू के पास वाला कमरा अलॉट किया गया है, जो आमतौर पर किसी मंत्री को ही दिया जाता है। प्रधान को कौन सा मंत्रालय मिलेगा, फिलहाल कहना मुश्किल है लेकिन उन्हें कोई हैवी पोर्टफोलियो ही सौंपा जा सकता है। क्योंकि पीएम मोदी उन्हें काफी पसंद करते हैं। मालूम ही कि नीट पेपर लीक के बाद हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन के चलते धर्मेन्द्र प्रधान को शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था। हालांकि, इसके बाद संसद भवन में सत्ता पक्ष के सांसदों ने जिस तरह से उनका स्वागत किया, उससे यह साफ हो गया था कि इस्तीफे से केवल उनका मंत्रालय गया है, सरकार में पूछ-परख और साख अभी भी बाकी है।

गोयल पर भरोसा, पुरी पर सस्पेंस

बताया जा रहा है कि पीयूष गोयल मोदी कैबिनेट में बतौर वाणिज्य मंत्री बने रहेंगे। पीएम मोदी उनके कामकाज से खुश हैं और ऐसे वक्त में जब अमेरिका से बातचीत में लगातार उतार-चढ़ाव आ रहे हैं, सरकार वाणिज्य मंत्रालय किसी दूसरे को सौंपने का जोखिम नहीं उठाएगी। अभी दो दिन पहले उन्हें पार्टी का कोषाध्यक्ष भी बनाया गया है। हालांकि, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुरी का राज्यसभा कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है और उन्हें दोबारा राज्यसभा भेजने को लेकर अब तक कोई सुगबुगाहट नहीं है। ऐसी स्थिति में पेट्रोलियम मंत्रालय की कमान किसी और को सौंपी जा सकती है।

शिंदे का भी रखेंगे ख्याल

मोदी कैबिनेट में बिहार और महाराष्ट्र के भी कुछ चेहरों को जगह मिलने की उम्मीद है। महाराष्ट्र में शिंदे सेना पहले से ज्यादा मजबूत हुई है। एकनाथ शिंदे द्वारा उद्धव ठाकरे की पार्टी में सेंध लगाने के चलते संसद में शिंदे सेना का कद बढ़ा है। उसके लोकसभा सांसदों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। ऐसे में शिंदे कैबिनेट में एक और पद चाहते हैं। बताया जा रहा है कि पीएम मोदी ने इस विषय में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री  देवेन्द्र फड़नवीस से बातचीत की है। दिल्ली से सीएम को यह निर्देश भी दिए गए हैं कि सहयोगी शिवसेना और एनसीपी से जुड़ी फाइलों को जल्द से जल्द निपटाया जाए, ताकि किसी भी तरह का मनमुटाव न रहे। वहीं, बिहार में लोकजन शक्ति पार्टी (लोजपा) प्रमुख चिराग पासवान की महत्वकांक्षा भी मोदी सरकार की चुनौती बढ़ा रही है। पासवान खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय से खुश नहीं हैं और कोई दूसरा बड़ा मंत्रालय चाहते हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि उनकी इच्छा पूरी होती है या नहीं।

यूपी चुनाव पर फोकस

उत्तर प्रदेश को अगले साल विधानसभा चुनाव से गुजरना है, इसका असर भी मोदी कैबिनेट पर दिखाई दे सकता है। सूत्र बताते हैं कि यूपी के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य में से किसी एक को केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। इसी तरह, हिमाचल में होने वाले चुनाव को ध्यान में रखते हुए अनुराग ठाकुर को भी कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। इसके अलावा, मंत्रिमंडल में दक्षिण भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने पर भी विचार चल रहा है। फिलहाल दक्षिण से करीब दस मंत्री हैं, जिनमें से 3 कैबिनेट और 7 राज्य मंत्री हैं।