scriptMore than 50 MLAs engaged in hard 'bargaining' in RajyaSabha election | राज्यसभा चुनाव में 'सौदेबाजी' पर उतरे 50 से ज्यादा MLA: मंत्रियों को कामों की सूचियां सौंप मांग रहे आदेश की कॉपी, शिक्षा मंत्री से सर्वाधिक नाराजगी | Patrika News

राज्यसभा चुनाव में 'सौदेबाजी' पर उतरे 50 से ज्यादा MLA: मंत्रियों को कामों की सूचियां सौंप मांग रहे आदेश की कॉपी, शिक्षा मंत्री से सर्वाधिक नाराजगी

कांग्रेस पार्टी 126 विधायकों के समर्थन का दावा कर रही है, लेकिन इस बीच विधायकों से मुलाकात कर उन्हें साधने के प्रयास चल रहे हैं। खुद सीएम ने कमान संभाली हुई है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बुधवार को 5 घंटे के लिए जयपुर आए औऱ यहां बीमार चल रहे मंत्री मुरारीलाल मीणा और विधायक रूपाराम मेघवाल से मिलकर लौट गए। विधायक भी मौके की नजाकत को देखते हुए मंत्रियों को अपने कामों की लंबी-चौड़ी सूची सौंप रहे हैं और अब काम होने का आश्वासन नहीं बल्कि सबूत यानी आदेश की कॉपी मांग रहे हैं।

जयपुर

Published: June 09, 2022 12:07:26 pm

कांग्रेस की बाड़ाबंदी में गर्म लोहे पर हथौड़ा मारने जैसी स्थितियां देखने को मिल रही हैं। राज्यसभा चुनाव के माहौल का फायदा उठाने से 50 से अधिक विधायक मौका चूकना नहीं चाह रहे। अपने काम को लेकर सीधे मंत्री से आश्वासन मिलने पर मौके पर ही बोल रहे हैं काम हो जाएगा यह नहीं सुनना, ऑर्डर दिखाओ। होटल में तबादले ही नहीं अपने अन्य कामों की सूचियां भी विधायक लेकर घूम रहे हैं। विधायकों की मांगों वाली इस लंबी-चौड़ी लिस्ट पर काम करने का वादा तो किया जा रहा है, लेकिन ऐसे भी काम बताए जा रहे हैं, जो करना संभव ही नहीं है।
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10 जून को ट्रेन छूटने के जैसे हालात

अभी जनता से सीधे जुड़े महकमों के मंत्रियों पर दबाव ज्यादा है, लेकिन विधायकों को खान मंत्री प्रमोद जैन भाया के होटल में मौजूद नहीं होने से पीड़ा भी है। खान वाले काम फिलहाल नहीं हो पा रहे हैं। होटल में ऐसे हालात हैं, जैसे 10 जून को ट्रेन ही छूट जाएगी।
बाड़ाबंदी में काम कराने में जुटे विधायक कर रहे मंत्रियों की शिकायत

कांग्रेस विधायकों की उदयपुर के ताज अरावली में सात दिन से बाड़ाबंदी चल रही है। उसी दिन से विधायक अपने काम कराने में जुटे हैं। मुख्यमंत्री के होटल पहुंचने के साथ गिले-शिकवे दूर करने का तेजी से काम शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि कई विधायक कामकाज के लिए सुनवाई नहीं किए जाने को लेकर शिक्षा मंत्री, बी.डी. कल्ला, नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल, चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा सहित कई मंत्रियों की शिकायतें भी कर चुके हैं।
  • अधिकारियों की भी हो रही शिकायत : बाड़ाबंदी में चर्चा है कि कुछ विधायकों की स्थिति ऐसी है, जिन्हें अधिकारी भाव तक नहीं देते। जयपुर की महिला विधायक को पिछले दिनों जयपुर डेयरी में एक अधिकारी ने झिड़क दिया था। इस तरह के कई विधायक हैं, जो अब हाथों-हाथ कामों का ऑर्डर मांग रहे हैं।
हाथों हाथ मांगे जा रहे हैं ऑर्डर
बड़ी बात यह है कि बाड़ाबंदी में पहुंचे विधायकों में यह कोई आश्वासन सुनने को तैयार नहीं है कि काम हो जाएगा। हाथों-हाथ ऑर्डर मांगे जा रहे हैं। बयानबाजी को लेकर पिछले दिनों चर्चा में रहे खिलाड़ी लाल बैरवा, गिर्राज मलिंगा, भरतसिंह, मदन प्रजापत, दयाराम परमार, गणेश घोघरा सहित कई विधायकों पर मांगों को लेकर विशेष नजर है।
 बसपा से आए विधायकों की नाराजगी दूर करने में जुटी सरकार

सूत्रों के मुताबिक बसपा से कांग्रेस में आए विधायकों की नाराजगी दूर करने के लिए उनकी क्षेत्र की मांगों पर काम शुरू हो गया है। होटल से ही अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं। यही हाल बीटीपी के दोनों विधायकों की ओर से रखी गई मांगों का है। विधायकों से राजनीतिक नियुक्त व अन्य पद देने के कामों पर तो चुनाव के बाद अमल के लिए आश्वासन दिया गया है, लेकिन क्षेत्र के अधिकारियों के तबादलों व अन्य विकास कार्यों को लेकर तत्काल कार्रवाई के लिए कह दिया गया है।
बीडी कल्ला की कामकाज की शैली से सबसे अधिक नाराजी

बाड़ाबंदी में सबसे ज्यादा स्थिति शिक्षा मंत्री बी.डी. कल्ला की खराब है। लगभग हर विधायक और बड़ा नेता कल्ला के कामकाज की शैली से परेशान बताया जा रहा है। तृतीय श्रेणी अध्यापकों के तबादलों को लेकर तो प्रदेशाध्यक्ष गोविंद डोटासरा और कल्ला के बीच नोकझोंक हो गई। विधायक गिर्राज मलिंगा अपने क्षेत्र के अध्यापकों के तबादलों को लेकर बिगड़ गए। डोटासरा ने तो कल्ला पर आरोप लगा दिया कि वे ’मनमाफिक तरीके से अपने क्षेत्र के तृतीय श्रेणी अध्यापकों के तबादले कर रहे हैं। मंत्री ने अपने बचाव में एक विधायक को इंगित करते हुए कहा, ’इन से पूछिए सभी विधायकों के काम कर रहा हूं।’
भाया को फ्री हैंड की भी चर्चा

मंत्री प्रमोद जैन भाया बाड़ाबंदी से बाहर है। उनका होटल नहीं पहुंचना कई मंत्री-विधायकों को अखर रहा है। चर्चा है कि भाया को इतना फ्रीहैंड क्यों मिला हुआ है। वैसे एक-दो मंत्री भी होटल नहीं पहुंचे, लेकिन वे या तो बीमार हैं, यहा फिर उन्हें कुछ व्यवस्थाओं में लगाया हुआ है।
आज जयपुर लौटेंगे विधायक

विधायक बाड़ाबंदी से गुरुवार शाम को लौटेंगे। बताया जा रहा है कि विधायकों को लंच के बाद विशेष विमान से जयपुर लाया जा सकता है। विधायकों के साथ ही मुख्यमंत्री और तीनों राज्यसभा के उम्मीदवार आएंगे। जयपुर में उन्हें एक दिन होटल में रखा जाएगा। वहां से 10 को सीधे विधानसभा वोट डालने पहुंचेंगे।
चुनाव प्रभारी बंसल और सिंह देव आज आएंगे जयपुर

चुनाव प्रभारी पवन बंसल और टी.एस. सिंह देव गुरुवार को जयपुर आ सकते हैं। विधायक दल की बैठक जयपुर में हो सकती है। उसी में उम्मीदवारों की प्रायोरिटी और कौन किसे वोट डालेगा। इसका निर्णय किया जाएगा।
मुख्यमंत्री 5 घंटे के लिए लौटे जयपुर

कांग्रेस पार्टी 126 विधायकों के समर्थन का दावा कर रही है, लेकिन इस बीच विधायकों से मुलाकात कर उन्हें साधने के प्रयास चल रहे हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बुधवार को 5 घंटे के लिए जयपुर आए औऱ यहां बीमार चल रहे मंत्री मुरारीलाल मीणा और विधायक रूपाराम मेघवाल से मिलकर लौट गए। मुख्यमंत्री के साथ राज्यसभा उम्मीदवार मुकुल वासनिक और रणदीप सुरजेवाला, मंत्री सुभाष गर्ग और गोविंदराम मेघवाल भी आए थे।
अपने साथ गर्ग और मीणा को लेकर लौट सीएम

मुख्यमंत्री शाम को विशेष विमान से लौटे तो दोनों उम्मीदवार और सुभाष गर्ग के साथ ही मंत्री रमेश मीणा और विधायक वेद प्रकाश सोलंकी को भी साथ ले गए। सीएमआर में मुख्यमंत्री ने महेश जोशी से भी लंबी मंत्रणा की।

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