आजमगढ़ में पूर्व विधायक व दोस्त की हत्या

 आजमगढ़ में पूर्व विधायक व दोस्त की हत्या

| Updated: 16 Jan 2015, 12:01:00 PM (IST) राष्ट्रीय

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के जीयपनुर कस्बे में में शुक्रवार को पूर्व विधायक सर्वेश...

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के जीयपनुर कस्बे में में शुक्रवार को पूर्व विधायक सर्वेश सिंह उर्फ सीपू सिंह तथा उनके दोस्त भरत राय की मोटरसाईकिल सवार तीन हमलावरों ने दिनदहाडे गोली मारकर हत्या कर दी। घटना से नाराज स्थानीय भीड़ ने थाने पर पथराव किया और आगजनी की। कई गाडियां फूंक दी गई। थाने की बैरकों में लोगों ने घुंस कर आगजनी की। स्थिति पर नियंत्रण के लिए पुलिस व स्थानीय लोगों के बीच भी फायरिंग हुई जिसमें एक स्थानीय व्यक्ति जीतेन्द्र गुप्ता की मौत हो गई तथा छह पुलिसकर्मी समेत 18 लोग घायल हुए है। घटना के बाद सारे बडे पुलिस अधिकारी मौके पर है। आसपास के जिलों से पुलिस, पीएसी व सीओ व एसओ भेजे गए हैं। घटना की जांच में एसटीएफ को लगाया गया है। प्रथम दृष्टया घटना के पीछे ब्लाक प्रमुख के चुनाव की रंजिश बताई जा रही है। पुलिस को वाराणसी जेल में बंद एक अपराधी पर शक है।

राज्य के आईजी कानून व्यवस्था आर.के.विश्वकर्मा ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि सर्वेश çंसह अपने दोस्त भरत राय के साथ एक मामले की पैरवी के लिए आजमगढ़ के जीयनपुर थाने गए थे। उनके दोस्त भरत राय की बेटी के बीएड में एडमीशन के लिए किसी ने 80हजार रूपए लिए थे। एडमिशन न होने के बाद भी वह व्यक्ति पैसा नहीं वापस कर रहा था। इसी मामले की पैरवी के लिए सर्वेश çंसह थाने गए थे। पूर्वान्ह 9.40 पर जब सर्वेश çंसंह अपने घर पहुंचे तो उसी समय पल्सर मोटर साइकिल सवार तीन बदमाशों ने सर्वेश सिंह पर अंधाधुध गोलियां चलाई जिससे सर्वेश çंसह व भरत राय की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग पूर्व विधायक के घर पर एकत्र होने लगे नाराज लोगों ने वहां से आधा किमी की दूरी पर स्थित थाने का रूख किया और थाने पर पथराव कर वहंा खडे वाहनों को फूंक दिया। थाने की दो राइफले भी गायब हो गई। बैरकों में पडे बेड को आग लगा दी गई। नाराज भीड़ ने इसी के साथ सड़क पर खडे कई निजी वाहनों में भी आग लगा दी। पुलिस ने स्थिति को सहालने का प्रयास किया तो भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया जिससे कई पुलिस कर्मी घायल हो गएं। इसी दौरान दोनों ओर से फायरिंग भी हुई जिसमें थाना जीयनपुर कस्बे के निवासी जीतेन्द्र गुप्ता की भी मौत हो गई। इस पूरे बवाल में छह पुलिस कर्मी घायल हुए है। इनमें से तीन को गोलियां भी लगी है। इसके अलावा 12 नागरिकों को भी चोटे आई है।

2002 में सपा से विधायक चुने गए थे सर्वेश

उल्लेखनीय है कि सर्वेश सिंह उर्फ सीपू çंसंह सपा मुखिया मुलायम çंसह के करीबी रहे रामप्यारे çंसंह के बेटे थे। वर्ष 2002 में सगड़ी सीट से सपा के टिकट पर विधायक चुने गए थे। अमर सिंह के सपा से रिश्ते खत्म होने पर सर्वेश सिंह ने बसपा का दामन थाम लिया और मायावती ने पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में उन्हें आजमगढ़ सदर सीट से चुनाव लड़ाया था जिसमें वह सपा प्रत्याशी दुर्गा प्रसाद के हाथों पराजित हो गए थे।

आईजी कानून व्यवस्था विश्वकर्मा ने बताया कि घटना के बाद सभी बडे पुलिस अघिकारी मौके पर पहुच गए है। एडीजी कानून व्यवस्था अरूण कुमार भी आजमगढ़ जा कर स्थिति का जायजा लेेंगे। तीनों पार्थिव शरीर सीपू ंसिंह के आवास पर ही है। तथा अधिकारी परिजनों से समझा रहे है कि अंतिम संस्कार करा दिया जाए।
एक सवाल के जवाब में विश्वकर्मा ने बताया कि घटना के पीछे प्रथम दृष्टया राजनीतिक दुश्मनी लगती है। ब्लाक प्रमुख के पिछले चुनाव में सीपू çंसह की दुश्मनी इस समय वाराणसी जेल में बंद पुत्तू çंसह से हुई थी।

जांच टीम और एसटीएफ की टीमें सारी संभावनाओं के साथ साथ इस पहलू की भी जांच करेंगी। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होने बताया कि उपद्रüव के दौरान मारे गए जीतेन्द्र गुप्ता की मौत किसकी गोली से हुई अभी यह स्पष्ट नही है। पुलिस और भीड़ दोनों ओर से फायरिंग हुई थी इसलिए पोस्टमार्टम के बाद ही स्पष्ट होगा कि जीतेन्द्र गुप्ता की मौत कैसे हुई। उन्होंने बताया कि घटना के बाद जौनपुर,गोरखपुर,अम्बेडकरनगर और गाजीपुर से अतिरिक्त पुलिस बल आजमगढ़ भेजा गया है। मऊ से दो सीओ और पांच एसओ भेजे गए है। डेढ़ सेक्शन पीएसी भी भेजी गई है। फैजाबाद, गोरखपुर व टांडा से चार कंपनी पीएसी अतिरिक्त रूप से आजमगढ़ भेजी गई हैं।

इस बीच सर्वेश सिंह के परिजनों ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। सर्वेश सिंह के चचेरे भाई पवन सिंह ने कहा कि उनके भाई ने मुयमंत्री को कई बार पत्र लिखकर अपनी जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की थी, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई और आखिरकार उनकी हत्या कर दी गई। मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि जब तक मुयमंत्री इस वारदात की सीबीआई जांच नहीं कराएंगे तब तक सचाई सामने नहीं आएगी। पवन ने आरोप लगाया कि पुलिस की लापरवाही के कारण सर्वेश की हत्या हुई। इससे समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा और स्थिति को समझदारी से सभालने के बजाये पुलिस ने बिना किसी चेतावनी के भीड़ पर फायरिंग शुरू कर दी।
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