गोमांस विवाद पर गृह मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष, लोकसभा से किया वॉकआउट

दलितों पर अत्याचार की घटनाओं और हाल में मध्य प्रदेश में गोरक्षकों द्वारा दो मुस्लिम महिलाओं की पिटाई के मुद्दे पर कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियों ने सरकार पर निशाना साधा। विपक्ष ने राज्य सरकार पर गौरक्षकों के समर्थन का आरोप लगाया।

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Published: 29 Jul 2016, 05:45 PM IST

दलितों पर अत्याचार की घटनाओं और हाल में मध्य प्रदेश में गोरक्षकों द्वारा दो मुस्लिम महिलाओं की पिटाई के मुद्दे पर कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियों ने सरकार पर निशाना साधा। विपक्ष ने राज्य सरकार पर गौरक्षकों के समर्थन का आरोप लगाया। सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी दलों ने शुक्रवार को लोकसभा से बहिर्गमन किया। 


लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खडग़े ने गोमांस की अफवाह पर मध्य प्रदेश में दो मुस्लिम महिलाओं की पिटाई का मुद्दा शून्यकाल में उठाया और इसे लेकर भाजपा शासित राज्य सरकार की निंदा की। खड़गे ने कहा, 'मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में कथित रूप से गोमांस ले जाने के आरोप में पुलिस की उपस्थिति में गोरक्षकों ने दो मुस्लिम महिलाओं की पिटाई की। बाद में मांस भैसे का निकला।' उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के समर्थन के बिना इस तरह की कार्रवाई नहीं हो सकती है।



लोकसभा में उठा दलितों पर अत्याचार का मुद्दा

खडग़े ने दलितों के खिलाफ अत्याचार का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जब से नरेंद्र मोदी की सरकार सत्ता में आई है, तब से दलितों पर अत्याचार बढ़ गए हैं। कांग्रेस नेता ने कहा, 'हर दिन दलितों पर अत्याचार की खबर मिलती है, लेकिन दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।' 



राजनाथ ने दिया जवाब

इस तरह के मुद्दों पर चुप्पी साधने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। खडग़े द्वारा उठाए गए मुद्दे का जवाब देते हुए केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने खुद को सिर्फ मंदसौर तक ही सीमित रखा। सिंह ने कहा, 'मध्य प्रदेश सरकार ने इस मामले में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की है। मैं सदन को आश्वसत करना चाहता हूं कि इस मामले में न्याय होगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।'



राजनाथ के जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ विपक्ष

सरकार के जवाब से कांग्रेस सदस्य संतुष्ट नहीं हुए और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में सदन से बाहर चले गए। कांग्रेस सदस्यों के साथ ही वाम दलों, तृणमूल कांग्रेस, जनता दल (युनाइटेड) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सदस्यों ने भी सदन से बहिर्गमन किया।






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