scriptPlea For FCRA To 6,000 NGOs In Supreme Court Today | सुप्रीम कोर्ट में 6000 NGO के FCRA लाइसेंस रद्द करने के खिलाफ याचिका पर सुनवाई आज | Patrika News

सुप्रीम कोर्ट में 6000 NGO के FCRA लाइसेंस रद्द करने के खिलाफ याचिका पर सुनवाई आज

कोरोना महामारी को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका में 6000 गैर सरकारी संगठनों के एफसीआरए लाइसेंस का विस्तार करने की मांग की गई है। आज इसी मामले पर सुनवाई होनी हैं।

Updated: January 24, 2022 10:49:31 am

सुप्रीम कोर्ट में आज सोमवार को हजारों गैर-लाभकारी संस्थाओं (एनजीओ) के FCRA लाइसेंस के नवीनीकरण के मुद्दे पर सुनवाई होगी। ये लाइसेंस गैर-लाभकारी संस्थाओं (एनजीओ) के लिए विदेशों से धन प्राप्त करने के लिए आवश्यक है जिसका नवीनीकरण करने से केंद्र सरकार ने मना कर दिया था। इस मामले के खिलाफ ही इन एनजीओ ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी जिसपर आज सुनवाई होनी है। अमेरिका स्थित गैर-सरकारी संगठन (NGO) ग्लोबल पीस इनिशिएटिव ने एक याचिका दायर की है। इस याचिका में इस NGO ने कहा है कि लाइसेंस रद्द करने से COVID-19 राहत प्रयासों पर प्रभाव पड़ सकता है क्योंकि देश संक्रमण की तीसरी लहर से जूझ रहा है। इन 6,000 एनजीओ ने अबतक जो भी काम किया है उससे अब तक लाखों भारतीयों तक मदद पहुंची है।
Plea For FCRA To 6,000 NGOs In Supreme Court Today
Plea For FCRA To 6,000 NGOs In Supreme Court Today
क्या कहा गया है इस याचिका में?
इस याचिका में आगे कहा गया है कि "इन हजारों NGOs के एफसीआरए पंजीकरण को अचानक और मनमाने ढंग से FCRA लाइसेंस रद्दवकिए जाने से न केवल इन एनजीओ के कार्यकर्ताओं काबल्कि उन लाखों भारतीयों के अधिकारों का भी उल्लंघन है, जिनकी वे सेवा करते हैं।"

राहत प्रयासों मोें आ रही बाधाा
इस याचिका में कहा गया है कि "ये कदम तब उठाया गया है जब देश कोरोना की तीसरी लहर से जूझ रहा है। इस समय करीब 6000 एनजीओ के लाइसेंस रद्द होने से राहत कार्यों में बाधा आ रही है। देश की जनता को एनजीओ की मदद से वंचित किया जा रहा है।"
गैर सरकारी संगठनों की भूमिका को सभी ने किया है स्वीकार
याचिका में दावा किया गया है कि 'कोरोना महामारी से निपटने में गैर सरकारी संगठनों की भूमिका को केंद्र सरकार, नीति आयोग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक के कार्यालय ने भी स्वीकार किया है।'
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याचिका में मदर टेरेसा के मिशनरीज ऑफ चैरिटी का भी उल्लेख
बता दें कि इस याचिका में मदर टेरेसा के मिशनरीज ऑफ चैरिटी के लिए लाइसेंस के नवीनीकरण के मुद्दे का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, मिशनरीज ऑफ चैरिटी के लिए गृह मंत्रालय ने लाइसेंस का नवीनीकरण 6 जनवरी को किया गया था और यह 2026 तक वैध रहेगा।

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