पीएम मोदी ने महामारी की तीसरी लहर की आशंका के बीच की अहम बैठक

पीएम नरेंद्र मोदी ने टीकाकरण की स्थिति का जायजा लेने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की।

By: Mohit Saxena

Published: 10 Sep 2021, 09:11 PM IST

नई दिल्ली। देश में शुक्रवार को गणेश चतुर्थी उत्सव के साथ त्योहारी सीजन की शुरुआत हो गई है। इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कोरोना वायरस के मौजूदा हालात और टीकाकरण की स्थिति का जायजा लेने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस दौरान पीएम मोदी ने कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच स्वास्थ्य विभाग की तैयारी, मेडिकल ऑक्सीजन की उपलब्धता के साथ ही कोरोना वैक्सीन के उत्पादन, आपूर्ति और वितरण की समीक्षा की।

यह भी चर्चा की गई कि दुनिया के कई देशों में कोरोना के एक्टिव केस की संख्या लगातार ज्यादा बनी हुई है। भारत में रोजाना सामने आने वाले कोरोना के नए मामलों में केरल और महाराष्ट्र से सर्वाधिक संख्या में केस आना जारी है। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि भारत में कम से कम 35 जिले अभी भी 10 प्रतिशत से अधिक की साप्ताहिक कोरोना सकारात्मकता दर रिपोर्ट कर रहे हैं। जबकि 30 जिले पांच से 10 प्रतिशत के बीच पॉजिटिविटी रेट वाले हैं।

 

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पीएम मोदी ने कोरोना के नए म्यूटेंट के पैदा होने पर लगातार निगरानी के लिए जीनोम सीक्वेंसिंग की जरूरत पर भी बल दिया। अधिकारियों ने बताया कि देश में INSACOG की 28 प्रयोगशालाएं काम कर रही हैं। इन प्रयोगशालाओं को अस्पतालों से भी जोड़ा गया है। वहीं, जीनोम पर निगरानी के लिए सीवेज सैंपल भी टेस्ट किए जा रहे हैं।

इतना ही नहीं प्रधानमंत्री मोदी ने कोविड इमरजेंसी रिस्पॉन्स पैकेज टू के अंतर्गत बाल चिकित्सा देखभाल के लिए अस्पतालों में बिस्तरों की क्षमता में बढ़ोतरी और अन्य आवश्यक सेवाओं की भी समीक्षा की।

महामारी की तीसरी लहर के खतरों और आशंका के बीच भारत ने शुक्रवार सुबह तक 72.37 करोड़ से अधिक लोगों का टीकाकरण पूरा कर लिया है। साप्ताहिक पॉजिटिविटी रेट 2.31 प्रतिशत आने के साथ ही कोरोना महामारी की स्थिति भी नियंत्रण में है।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक भारत की आधी से अधिक वयस्क आबादी को टीके की कम से कम एक खुराक मिली है, जबकि 18 प्रतिशत जनसंख्या ने दोनों खुराक प्राप्त की हैं।

लोगों के इकट्ठा होने और घूमने को प्रोत्साहित नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि टीकाकरण के बाद भी लोगों में संक्रमण होने का खतरा होता है। कोरोना की वैक्सीन लगाने का मतलब यह नहीं है कि यह महामारी नहीं होगी।

त्योहारी सीजन से पहले स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि उत्सव कम महत्वपूर्ण होने चाहिए। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के महानिदेशक डॉ बलराम भार्गव ने कहा, "इससे हमें अगले साल बड़े पैमाने पर त्योहार मनाने का मौका मिलेगा।"

डॉ भार्गव ने कहा था, "ये टीके रोग की गंभीरता से बचाने वाले हैं और रोग-निवारक नहीं हैं। इसलिए, टीकाकरण के बाद भी संक्रमण होगा। इसलिए हम मास्क के निरंतर इस्तेमाल और कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन करने की सलाह देते हैं। टीकाकरण के बाद भी मास्क का उपयोग जारी रखना बहुत महत्वपूर्ण है।"

 

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