राजस्थान सरकार की तानाशाही स्वतंत्र मीडिया पर प्रहार

राष्ट्रीय

राजस्थान सरकार की तानाशाही स्वतंत्र मीडिया पर प्रहार

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राजस्थान पत्रिका को दिए जाने वाले सरकारी विज्ञापनों को रोकने का चहुंओर विरोध हो रहा है। कांग्रेस हो, भाजपा या फिर अन्य दल। सभी दलों के नेताओं ने इसे तानाशाही बताते हुए कड़ी निंदा की है। साथ ही मांग की है कि यदि भाजपा सरकारें खुद को लोकतांत्रिक मानती है तो ऐसे निर्णयों को तुरन्त वापस लें। राजस्थान पत्रिका पर जिस तरह से पाबंदी की कोशिशें हो रही है, यह मीडिया की आजादी पर प्रहार है।




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