आयकर विभाग की तलाशी जारी, सोनू सूद पर 20 करोड़ से अधिक की कर चोरी का आरोप

बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद और उनसे जुड़े सहयोगियों के देशभर के 28 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाए जाने के बाद आयकर विभाग ने उनपर 20 करोड़ रुपये से अधिक की कर चोरी का आरोप लगाया है।

मुंबई। फिल्म अभिनेता और कोरोना महामारी के दौरान मसीहा बनकर सामने आने वाले सोनू सूद के ऊपर 20 करोड़ रुपये से ज्यादा की कर चोरी का आरोप है। लगातार तीसरी बार सोनू के मुंबई स्थित घर में छापेमारी के बाद आयकर विभाग ने बताया कि बॉलीवुड अभिनेता ने 20 करोड़ रुपये से अधिक की कर चोरी की। आयकर विभाग ने मुंबई में सूद के विभिन्न परिसरों और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में जुटे लखनऊ स्थित उद्योगों के समूह में तलाशी और जब्ती अभियान चलाया था। इस दौरान मुंबई, लखनऊ, कानपुर, जयपुर, दिल्ली और गुड़गांव में फैले कुल 28 परिसरों की तलाशी ली गई।

आयकर विभाग के बयान के मुताबिक अभिनेता और उनके सहयोगियों के परिसरों की तलाशी के दौरान कर चोरी से संबंधित आपत्तिजनक सबूत मिले हैं। इसमें कहा गया है कि सोनू सूद द्वारा अपनाया जाने वाला तरीका कई फर्जी संस्थाओं से फर्जी असुरक्षित ऋण के रूप में अपनी बेहिसाब आय को रूट करना था।

अब तक की जांच में ऐसी 20 एंट्रीज के इस्तेमाल का भी खुलासा हुआ है, जिनके प्रोवाइडर्स ने जांच के दौरान फर्जी आवास प्रविष्टियां देना कबूल किया है। उन्होंने नगद के बदले चेक जारी करना स्वीकार किया है। ऐसे कई उदाहरण हैं जहां पेशेवर रसीदों को कर चोरी के उद्देश्य से खाताबही में ऋण के रूप में छिपाया गया है। यह भी पता चला है कि इन फर्जी ऋणों का इस्तेमाल निवेश करने और संपत्ति हासिल करने के लिए किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, अब तक कुल 20 करोड़ रुपये से अधिक की कर चोरी का पता चला है।

आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई,

यह भी आरोप लगाया गया है कि “21 जुलाई 2020 को अभिनेता द्वारा स्थापित चैरिटी फाउंडेशन ने 1 अप्रैल 2021 से अब तक कुल 18.94 करोड़ रुपये का दान एकत्र किया है, जिसमें से उन्होंने विभिन्न राहत कार्यों के लिए लगभग 1.9 करोड़ रुपये इस्तेमाल किए हैं और शेष 17 करोड़ की राशि फाउंडेशन के बैंक खाते में अब तक रुपये अप्रयुक्त पड़ी मिली है। यह देखा गया है कि रुपये की चैरिटी फाउंडेशन द्वारा एफसीआरए नियमों का उल्लंघन करते हुए क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म पर विदेशी दानदाताओं से 2.1 करोड़ भी जुटाए गए हैं।

महामारी के दौरान सोनू सूद के मानवीय प्रयासों ने उन्हें पिछले एक साल में देश भर में बहुत महान इंसान के रूप में पेश किया है और उनके अनगिनत प्रशंसक बन गए हैं। 48 वर्षीय अभिनेता को उनके धर्मार्थ कार्यों, प्रवासियों और चिकित्सा संकट में मदद करने के लिए सराहा गया। उन्होंने पिछले साल के लॉकडाउन और अप्रैल-मई में फंसे प्रवासियों के लिए विशेष उड़ानों की व्यवस्था की। दूसरी लहर के चरम पर, वह कोविड मरीजों के लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था करने वाले सबसे सक्रिय सेलेब्स में से एक थे।

आयकर विभाग के बयान में आगे कहा गया है, "लखनऊ में एक इन्फ्रास्ट्रक्चर समूह के विभिन्न परिसरों में एक साथ तलाशी अभियान के दौरान पता चला कि अभिनेता एक रीयल इस्टेट प्रोजेक्ट के संयुक्त उद्यम में शामिल हुए हैं और इसमें पर्याप्त धन का निवेश किया है, जिसके परिणामस्वरूप खाताबही में कर चोरी और अनियमितताओं से संबंधित सबूतों का पता चला है।"

जांच के मुताबिक, तलाशी से पता चला है कि उक्त समूह सबकॉन्ट्रैक्टिंग खर्चों की फर्जी बिलिंग और धन की हेराफेरी में शामिल है। विभाग ने बताया, "अब तक मिले ऐसे फर्जी कॉन्ट्रैक्ट के सबूत 65 करोड़ रुपये से अधिक के हैं। बेहिसाब नगद खर्च, कबाड़ की बेहिसाब बिक्री और डिजिटल डेटा से बेहिसाब नगद लेनदेन के सबूत भी मिले हैं। इसके अलावा, यह पता चला है कि उक्त इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रुप/कंपनी ने जयपुर में स्थित एक इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के साथ 175 करोड़ रुपये के संदिग्ध सर्कुलर लेनदेन में प्रवेश किया है। कर चोरी की पूरी कहानी को स्थापित करने के लिए आगे की जांच की जा रही है।"

वहीं,तलाशी के दौरान 1.8 करोड़ रुपये की नगदी जब्त की गई है और 11 लॉकरों को निषेधाज्ञा के तहत रखा गया है। तलाशी अभियान अभी भी जारी है और आगे की जांच जारी है।

अमित कुमार बाजपेयी
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