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चोरी हुई दुर्लभ मूर्तियां भारत में आई, अमेरिका से लौटीं देश की 657 मूर्तियां, जानिए कितनी कीमती हैं?

अमेरिका से 657 चोरी हुई प्राचीन भारतीय मूर्तियां लौटीं। करीब 132 करोड़ की ये कलाकृतियां अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई का नतीजा हैं, जिनमें कई दुर्लभ और ऐतिहासिक धरोहर शामिल हैं।
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भारत

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Ankit Sai

Apr 29, 2026

भारत की मूर्तियां

अमेरिका से 657 चोरी हुई प्राचीन भारतीय मूर्तियां लौटीं फाइल फोटो-पत्रिका

Sculptures of India: भारत की सांस्कृतिक विरासत को सालों तक विदेशों में बेचा जाता रहा, लेकिन अब धीरे-धीरे न्याय होता दिख रहा है। अमेरिका से 657 चोरी की प्राचीन मूर्तियां और कलाकृतियां भारत वापस लौटी हैं। इनकी कुल कीमत करीब 14 मिलियन डॉलर (करीब 132 करोड) बताई जा रही है। यह सिर्फ वापसी नहीं, बल्कि उन नेटवर्क्स पर बड़ी चोट है जो दशकों से भारत की धरोहर लूटते रहे। इन कलाकृतियों को तीन चरणों में भारत लाया गया। 2024 में सबसे ज्यादा 612 वस्तुएं लौटीं। इसके बाद जुलाई 2025 में 26 और अब 28 अप्रैल 2026 को 19 कलाकृतियां वापस की गईं। इन 19 में से 17 का संबंध कुख्यात तस्कर सुबाश कपूर से जुड़ा बताया गया है।

अंतरराष्ट्रीय तस्करी का बड़ा जाल

अमेरिकी एजेंसियों ने बताया कि यह कार्रवाई कई सालों से चल रही जांच का नतीजा है। इस जांच में सुभाष कपूर और नैंसी वीनर जैसे बड़े नाम सामने आए, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुरातत्व की तस्करी में शामिल रहे। न्यूयॉर्क में एक कार्यक्रम के दौरान भारत की कौंसुल जनरल राजलक्ष्मी कदम की मौजूदगी में यह वापसी हुई। मैनहट्टन के जिला अटॉर्नी ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर को निशाना बनाने वाला यह नेटवर्क बहुत बड़ा था।

दशकों की मेहनत का असर

इस पूरे मामले पर सांस्कृतिक कार्यकर्ता एस. विजय कुमार ने कहा कि यह पिछले 10-15 साल की मेहनत का नतीजा है। उन्होंने अमेरिकी एजेंसी होमलैंड सिक्योरिटी इन्वेस्टिगेशन का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से यह संभव हो पाया। उन्होंने यह भी बताया कि अभी भी एक हजार से ज्यादा कलाकृतियां विदेशों में हैं, जिन्हें वापस लाने के लिए भारत और अमेरिकी एजेंसियों को मिलकर काम करना होगा।

जानिए कौन-कौन सी कलाकृतियां लौटीं

इनमें एक खास मूर्ति अवलोकितेश्वर की है, जो कांस्य से बनी है और जिसकी कीमत करीब 2 मिलियन डॉलर बताई गई है। यह मूर्ति छत्तीसगढ़ के सिरपुर से जुड़ी हुई है और पहले रायपुर के एक संग्रहालय में रखी थी। बाद में इसे चुरा लिया गया और अमेरिका पहुंचा दिया गया। एक और अहम मूर्ति भगवान बुद्ध की है, जो लाल पत्थर से बनी है और जिसकी कीमत 7.5 मिलियन डॉलर आंकी गई है। यह मूर्ति उत्तर भारत से चोरी की गई थी और काफी नुकसान की हालत में मिली। इसके अलावा नृत्य करते हुए गणेश जी की एक मूर्ति भी शामिल है, जिसे मध्य प्रदेश के एक मंदिर से चुराया गया था और बाद में फर्जी दस्तावेज बनाकर न्यूयॉर्क में नीलाम कर दिया गया।

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