scriptTenure of CBI, ED heads increased up to 5 years | CBI और ED कर रहे कई बड़े मामलों की जांच, कार्यकाल बढ़ने से कौन से मामलों पर पड़ेगा असर? | Patrika News

CBI और ED कर रहे कई बड़े मामलों की जांच, कार्यकाल बढ़ने से कौन से मामलों पर पड़ेगा असर?

फिलहाल ED और CBI चीफ का कार्यकाल 2 साल का है, परंतु किसी भी मामले में निष्कर्ष तक पहुंचने से पहले ही कार्यकाल समाप्त हो जाता है। कभी कभी नए चीफ द्वारा मामले के निपटारे में देर हो जाती थी इससे न्याय प्रक्रिया को गति मिल सकती है। आइए जानते हैं वो कौन से मामले हैं जो सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय के प्रमुखों के कार्यकाल के बढ़ाये जाने से प्रभावित हो सकते हैं!

नई दिल्ली

Published: November 15, 2021 07:30:47 pm

केंद्र की मोदी सरकार ने सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय के प्रमुखों के कार्यकाल को दो साल से बढ़ाकर पांच साल करने के लिए दो अध्यादेश जारी किया है। इस अध्यादेश को लेकर विपक्ष केंद्र पर मनमानी करने के आरोप लगा रहा है और अब इसके खिलाफ सभी विपक्षी पार्टियां संयुक्त रूप से सुप्रीम कोर्ट जा सकती हैं।
CBI ED
कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा, “यह अध्यादेश अवैध है। यह सुप्रीम कोर्ट के 1998 के जैन हवाला मामले के फैसले का खंडन करता है जिसमें कोर्ट ने सीबीआई और ईडी निदेशक के कार्यकाल को 2 साल के बाद रद्द कर दिया था ताकि केंद्र की सरकार दोनों एजेंसियों को किसी भी गलत काम के लिए मजबूर न करे”। बता दें कि वर्तमान में संजय कुमार मिश्रा ईडी के निदेशक हैं और सुबोध जायसवाल वर्तमान सीबीआई निदेशक हैं।
फिलहाल ED और CBI चीफ का कार्यकाल 2 साल का है, परंतु किसी भी मामले में निष्कर्ष तक पहुंचने से पहले ही कार्यकाल समाप्त हो जाता है। कभी कभी नए चीफ द्वारा मामले के निपटारे में देर हो जाती थी इससे न्याय प्रक्रिया को गति मिल सकती है। अब वो कौन से मामले हैं जो सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय के प्रमुखों के कार्यकाल के बढ़ाये जाने से प्रभावित हो सकते हैं?
किसी भी मामले में निष्कर्ष तक पहुंचने से पहले ही प्रमुख का कार्यकाल समाप्त हो जाता है, अब अगर कार्यकाल बढ़ा तो इन मामलों की जांच जल्द ही पूरी हो सकती है। दरअसल, नए चीफ द्वारा मामले के निपटारे में देर हो जाती है। ईडी वर्तमान में कई विपक्षी नेताओं के खिलाफ जांच कर रही है जिससे विपक्ष की चिंता बढ़ गई है।
  • महाराष्ट्र स्टेट कॉपरेटिव बैंक का 2500 करोड़ का घोटाला
साल 2019 में मुंबई पुलिस ने महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक (एमएससीबी) घोटाले में अजीत पवार और 70 अन्य के खिलाफ साल 2019 में एफआईआर दर्ज की थी. इसके बाद मुंबई पुलिस ने सबूतों के अभाव में केस बंद कर दिया था, परंतु ED ने पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट को चुनौती दी थी। तब से ED इस मामले की जांच कर रही है. ईडी ने शरद पवार समेत 70 अन्य लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग समेत अन्य मामलों में केस दर्ज किया था। इसी वर्ष अजित पवार के करीबी की शुगर मिल को भी प्रवर्तन निदेशालय ने सीज किया था। इस मामले की जांच चल रही है और अब ED चीफ का न बदलना शरद पवार और अजीत पवार के लिए बुरी खबर है।
  • भूपिंदर हुड्डा और मोतीलाल वोरा से जुड़ा मामला
नेशनल हेराल्ड अखबार के प्रकाशक एजेएल को पंचकूला में एक प्लाट दोबारा से आवंटन करने संबंधी मामले में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा पर अपने पद का दुरुपयोग करने का मामला दर्ज है, जिसकी जांच 2019 में हरियाणा चुनाव से कुछ महीने पहले से ईडी कर रही है। 2018 में सीबीआई ने इस मामले में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। उस समय वोरा एजेएल हाउस के चेयरमैन थे जबकि भूपेंद्र सिंह हुड्डा सीएम थे। हुड्डा पर आरोप है कि उन्होंने बड़ी गड़बड़ी करते हुए अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया था, और पुरानी दरों पर एजेएल को संस्थागत प्लाट का फिर से आवंटन किया था।
  • आईएनएक्स मीडिया मनी लॉन्ड्रिंग मामला
इस मामले की जांच दोनों एजेंसियां कर रही हैं। इस मामले में सीबीआई ने आईएनक्स मीडिया लॉन्ड्रिंग मामले में चिदंबरम को 21 अगस्त, 2019 को गिरफ्तार किया था। 2019 में ही 16 अक्टूबर को ईडी ने चिदंबरम को मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित मामले में गिरफ्तार किया था। हालांकि, 22 अक्टूबर को सीबीआई की ओर से दर्ज मामले में चिदंबरम को शीर्ष अदालत ने जमानत दे दी थी, जबकि ईडी वाले मामले में 16 दिसंबर 2019 को जमानत मिली थी।
  • रॉबर्ट वाड्रा पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप
जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय द्वारा बीकानेर के कोलायत क्षेत्र में 275 बीघा जमीन खरीद के मामले में जांच की कर रही है। इस जमीन की खरीद फरोख्त मामले और मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट प्राइवेट हॉस्पिटैलिटी और महेश नागर के खिलाफ केस दर्ज है। फिलहाल, रॉबर्ट वाड्रा और उनकी मां मोरिन वाड्रा की गिरफ्तारी पर हाई कोर्ट द्वारा अंतरिम रोक लगी है।
  • नारदा केस: 2016 मार्च में विधानसभा चुनावों के ठीक पहले नारद न्यूज़ के सीईओ मैथ्यू सैमुएल ने एक स्टिंग वीडियो जारी किया था जिसने तृणमूल कॉंग्रेस के कई नेता सीबीआई के रडार पर हैं।
  • 'कैश फॉर ट्रांसफर' मामले में आरोपी पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख को लेकर भी सीबीआई जांच कर रही है।
  • डी.के. शिवकुमार पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला
  • चीनी मिल बिक्री घोटाले में बसपा के पूर्व विधान पार्षद के मामले की जांच
  • उत्तर प्रदेश में मायावती सरकार के कार्यकाल के दौरान 1400 करोड़ रुपये के स्मारक घोटाले की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जांच कर रहा है। इस मामले में 57 और आरोपितों के विरुद्ध चार्जशीट बन रही है। ईडी ने ठोस सबूत के भी दावे किये हैं जो मायावती की टेंशन बढ़ा सकता है।
  • अखिलेश यादव के खिलाफ अवैध खनन के एक मामले में भी ईडी जांच कर रही है
ऐसे ही कई मामले हैं जिसकी जांच सीबीआई और ईडी कर रहे हैं

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