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कम मतदान पर चर्चा का बाजार गर्म, अतिआत्मविश्वास है या उदासीनता!

Lok Sabha Elections 2024 : पहले चरण में पिछले चुनाव से इस बार 5 फीसदी कम वोटिंग हुई है। 2019 में पहले चरण में 91 सीटों पर 69.43 प्रतिशत मतदान हुआ था, इस बार करीब 64 प्रतिशत हुआ है। पढ़िए नवनीत मिश्र की विशेष रिपोर्ट…

नई दिल्लीApr 21, 2024 / 07:48 am

Shaitan Prajapat

Lok Sabha Elections 2024 : चुनाव आयोग की मुहिम और राजनीतिक दलों की ओर से की गई अपीलों के बावजूद 2024 के लोकसभा चुनाव के पहले चरण में मतदाताओं ने अधिक उत्साह नहीं दिखाया। पिछली बार की तुलना में इस बार मतदान प्रतिशत गिरने के निहितार्थ तलाशे जाने लगे हैं। अलग-अलग दलों के प्रत्याशी इसे अपने पक्ष में बताने के तर्क खोज रहे हैं, लेकिन आंकड़ों के विश्लेषण से कम मतदान के कारण नतीजों का कोई पैटर्न नहीं दिखता है। 2019 में पहले चरण में शामिल 91 सीटों पर 69 प्रतिशत से अधिक वोट पड़े थे, जबकि इस बार 21 राज्यों की 102 सीटों पर 64 प्रतिशत वोट पड़े हैं। हालांकि, चुनाव आयोग से मतदान प्रतिशत के अंतिम आंकड़ों में बदलाव संभव है।
जानकारों का कहना है कि चुनाव सात चरणों में होने हैं तो पहले फेज में मतदान प्रतिशत के आधार पर ही किसी तरह के संकेत निकालना जल्दबाजी ही नहीं हास्यास्पद भी है। चुनाव चढ़ने में वक्त लगता है। पहले फेज तक पार्टियां एजेंडा सेट करती हैं और आने वाले चरणों में मामला आर-पार का होता है। कम या अधिक मतदान प्रतिशत से सत्ता या विपक्ष दोनों को हानि-लाभ हो सकता है।

क्या कहते हैं पूर्व के चुनाव के आंकड़े

1951-52 से लेकर 2019 तक 17 हुए लोकसभा चुनाव के दौरान 6 बार मतदान प्रतिशत घटा है और 10 बार बढ़ा है। मतदान प्रतिशत बढ़ने पर छह बार सरकारें रिपीट हुईं हैं तो 4 बार सत्ता से बाहर हुई हैं। वहीं, कम मतदान की स्थिति में चार बार सरकारें सत्ता से बाहर हुई हैं तो दो बार रिपीट हुई हैं। इससे स्पष्ट है कि मतदान कम होने या अधिक होने पर चुनाव नतीजों का कोई खास कनेक्शन नहीं है। कम मतदान पर सरकार रिपीट भी होती है और बाहर भी होती है। अधिक मतदान पर भी सरकार रिपीट होती है और बाहर भी होती है।

नतीजों का कोई पैटर्न नहीं

  • 1999 के लोकसभा चुनाव में करीब 2 प्रतिशत मतदान में कमी के बावजूद बाजपेई सरकार की वापसी हुई। वहीं 2004 में 2 प्रतिशत कम मतदान पर एनडीए को सत्ता से बाहर होना पड़ा।
  • 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान गुजरात में 4 प्रतिशत मतदान कम हुआ, लेकिन बीजेपी 150 से ज्यादा सीटें जीतकर सत्ता बरकरार रखने में सफल रही।

कम वोटिंगः प्रभावी फैक्टर

  • पार्टी का रुझान,
  • प्रत्याशी की छवि
  • मुद्दों की गरमाहट
  • निर्वाचन क्षेत्र का आकार

संभावित कारण

  1. अतिआत्मविश्वासः जीत के अतिआत्मविश्वास के कारण सत्ताधारी दल के कार्यकर्ताओं का लोगों को बूथ तक ले जाने में उत्साह में कमी
  2. उदासीनताः बड़े नेताओं की ज्यादा रैलियां और कार्यक्रम न होने से विपक्ष और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भी उत्साह की कमी
  3. गर्मी: बहुत से लोग गर्मी होने के कारण घरों से निकले ही नहीं
  4. समारोहः शाही, ब्याह के आयोजनों में भी व्यस्तता
  5. खेतीः कटाई का सीजन होने के कारण किसानों की व्यस्तता
  6. तीन दिन की छुट्टी: शुक्रवार, शनिवार और रविवार की लगातार छुट्टी होने के कारण काफी लोग अपने-गांव-शहर से दूसरे स्थानों पर चले गए

मतदान प्रतिशत

राज्य 2019 – 2024
राजस्थान(12) 63.9 – 57.2
मध्य प्रदेश (6) 75 – 67
छत्तीसगढ़ (1) 66.2 – 67.5
यूपी (8) 66.6 – 60.2
तमिलनाडु (39) 72.4 – 69.1
उत्तराखंड (5) 61.6 – 55.8
बंगाल (3) 84.8 – 79.4
महाराष्ट्र (5) 64 – 61.8
बिहार (4) 53.6 – 48.8
जम्मू-कश्मीर (1) 70 – 67.9
मणिपुर (2) 82.5 – 70.8
अरुणाचल प्रदेश (2) 81.1 – 69.8

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